- Hindi News
- National
- Nagaur News Rajasthan News 111 Crore Surrendered 37 Lakh In Government Account 20 Lakh In Own Pockets 3 Arrested While Taking Last Installment
1.11 करोड़ सरेंडर करवा 37 लाख सरकारी खाते में, 20 लाख खुद की जेबों में, अंतिम किश्त लेते 3 गिरफ्तार
सीबीआई ने इनकम टैक्स सर्वे में गड़बड़ी करने के आरोप में आयकर विभाग के ही दो अफसरों और एक सीए को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे सीबीआई ने चार लाख रुपए रिश्वत के भी बरामद किए है जो व्यापारी सदाकत अली ने सीए को दिए थे। सीबीआई ने यह गिरफ्तारी बुधवार रात को ही कर ली थी। टीम गुरुवार को पकड़े गए दो आयकर विभाग के अधिकारियों और एक सीए को लेकर जोधपुर के लिए रवाना हो गई। आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह और इंस्पेक्टर प्रेमसुख डिडेल व सीए सुरेश पारीक को पकड़ा है।
इस मामले में धारा 120 बी अाईपीसी और सेक्शन 7 में कार्रवाई की गई है। सीबीआई ने तीनों को पांच-पांच दिन के रिमांड पर लिया है। सूत्रों की माने ताे इस पूरे प्रकरण में एक ज्वॉइंट कमिश्नर की भूमिका भी जांची जा सकती है। क्योंकि जब नागौर में यह लेनदेन हो रहा था, तब वे भी नागौर की एक होटल में थे। बुधवार रात सीबीआई नागौर पहुंची और हाथी चौक इलाके में सीए को चार लाख लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने सीए की आईटीओ इत्यादि से बात कराई और मूलत: जयपुर हाल नागौर आयकर कॉलोनी निवासी आईटीओ लक्ष्मणसिंह व इंस्पेक्टर प्रेमसुख डिडेल को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो आयकर विभाग के कर्मियों को भी सीबीआई ने जांच के दायरे में रखा है।
ऑफिस के बाहर ही नसीहतों के सूचना बोर्ड...
ऐतिहासिक सफलता के 23 वर्ष
हर शुक्रवार बड़ी खबर
विशेष
 **
व्यापारी ने सीबीआई में शिकायत दी और बताया कि उसके यहां गत दिनों आयकर टीम ने सर्वे किया था। इसके बाद प्रक्रिया में मदद के लिए आईटीओ लक्ष्मणसिंह, इंस्पेक्टर प्रेमसुख डिडेल, सीए के मार्फत पांच लाख की रिश्वत मांग रहे हैं। सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन कराया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
37 लाख रुपए की टैक्स पैनल्टी निकाली थी
बताया जा रहा है कि एक सीए इस मामले में दलाल की भूमिका निभा रहे थे। सीए व्यापारी का खाता बही संभालता है। कारोबारी के यहां 1.11 करोड़ की अघोषित आय उजागर हुई थी। अघोषित आय पर 33 प्रतिशत के हिसाब से करीब 37 लाख रुपए का टैक्स और पेनल्टी निकाली गई थी। कारोबारी के यहां से जब्त दस्तावेजों की जांच से और ज्यादा डिमांड नहीं निकले, इसमें मदद के लिए आरोपी अधिकारियों ने पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। सर्वे के ठीक सातवें दिन कारोबारी ने सीबीआई में शिकायत कर दी। कार्रवाई के बाद टैक्सपेयर्स को जागरूक करने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है।
मारवाड़ में दूसरा बड़ा मामला: सीबीआई जोधपुर की टीम द्वारा आईटी अधिकारियों को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 31 मार्च 2015 को जोधपुर के आईटीओ शैलेंद्र भंडारी और अगले दिन चीफ कमिश्नर पीके शर्मा को गिरफ्तार किया था। 15 लाख की रिश्वत के मामले में पकड़े गए ये दोनों अफसर 10 दिन की रिमांड पर रहने के बाद 40 दिन तक जेल में रहे थे।
हाथी चौक में सीए के निवास पर कार्रवाई, सीबीआई ने ~4 लाख लेते घर पर ही पकड़ा, अधिकारियों को पकड़ने फोन पर सूचना देकर बुलाया
गत सप्ताह नागौर में हुए सर्वे में आईटीओ लक्ष्मणसिंह व इंस्पेक्टर प्रेमसुख डिडेल ने 1.11 करोड़ रुपए की अघोषित आय सरेंडर करवाई थी। इससे 37 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। लेकिन अधिकारियों ने 20 लाख रुपए में सर्वे की कार्रवाई में अपने स्तर पर सहायता कर दी। इसमें से 15 लाख रुपए ये होली से पहले ले चुके थे। इसकी जानकारी व्यापारी व आयकर अधिकारियों की बातचीत में भी आई है। यानी आईटी विभाग के अधिकारी रिश्वत कर गड़बड़ी करवाने का रैकेट चला रहे थे। सूत्रों की माने तो यह रैकेट काफी सालों से चल रहा था। जिसमें कुछ और सीए पारीक भी शामिल हो सकते है। रिश्वत के रूप में 5 लाख की डिमांड व्यापारी से की थी। अधिकारियों के निवास स्थानों, कार्यालयों सहित दस स्थानों पर जांच टीम ने कार्रवाई की। जिसमें नागौर सहित जयपुर और मेड़तासिटी में कार्रवाई भी शामिल थी।
गिरफ्तार हो चुके आईटीओ लक्ष्मणसिंह के ऑफिस में बने केबिन के बाहर- आयकर दीजिए...सुख की नींद सोईये लिखे थे। इन नसीहतों को व्यापारियों के साथ अमल में लाने के बजाय अधिकारी भ्रष्टाचार कर रहे थे। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने नागौर आयकर कॉलोनी में रहने वाले आईटीओ लक्ष्मणसिंह, इंस्पेक्टर प्रेमसुख के क्वार्टर, सिंह के जयपुर के खातीपुरा, मीणा के जयपुर, डिडेल के मेड़तासिटी स्थित मकान, सीए के घर, ऑफिस और आईटी कार्यालय सहित 10 जगह तलाशी ली।
भास्कर
नागौर. रिश्वत के आरोप में सीए के निवास से पकड़े गए आरोपियों को बाहर लाती सीबीआई की टीम।