आरटीआई एक्ट में हो सहकारिता : बेनीवाल
विधानसभा सत्र के दौरान नागौर विधायक मोहनराम चौधरी व खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल ने स्थानीय मुद्दो को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल ने कुचेरा कस्बे में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग की तो नागौर विधायक मोहनराम चौधरी ने बालवा रोड स्थित आवासीय कॉलोनी में काम ली जाने वाली सामग्री का मामला उठाया। विधायक बेनीवाल ने इस मौके पर सहकारी समितियों के सदस्यों को उचित ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाने की मांग रखी। बेनीवाल ने कहा कि खींवसर क्रय विक्रय समिति किसानों के लिए विशेष लो फ्लोर बसे चलाने का इरादा रखती है इसके लिए आवश्यक सुविधा, सहायता और मंजूरी दी जानी चाहिए। इसके अलावा सरकार को पर्यटन क्षेत्र को भी अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। इसके अलावा सहकारी तंत्र में चुनाव नहीं कराए जाने के कारण अव्यवस्था होने का कारण बताते हुए बेनीवाल ने कहा कि पिछले 20 सालों में जब तक चुने प्रतिनिधियों ने समितियों को चलाया तब तक फायदे में रही और प्रशासकों के हाथों में बागडोर जाते ही सहकारी समितियां घाटे में गई है। वहीं बेनीवाल ने कहा कि जब भी चुनाव आते है किसान की कर्ज माफी का मुद्दा उछाल दिया जाता है। जबकि सरकार को चाहिए कि किसान को इतना सशक्त बना दिया जाए कि उन्हें कर्ज लेने की जरूरत ही न हो। ताकि किसान देश के लिए योगदान कर सकें। सहकारी संस्थाओं में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए और इन पर प्रभावी नियंत्रण लाने के लिए विधायक नारायण बेनीवाल ने सहकारिता मंत्री से सहकारी संस्थाओं को सूचना के अधिकारी अधिनियम के दायरे में लाने की मांग की है। विधायक बेनीवाल ने कहा कि बीज उपचार आदि के लिए मिलने वाली सहायता राशि और साधन फसल पकने के बाद मिलने का कोई औचित्य नहीं है। बेनीवाल ने कहा कि राज्य के 35 केंद्रीय सहकारी बैंक और 36 भूमि विकास बैंक घाटे में चल रहे हैं।
विधानसभा में उठाया आवासीय भवनों का मुद्दा : नागौर विधायक मोहनराम चाैधरी ने इस दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय आवासन मंडल कॉलोनी बालवा रोड में निर्धारित गुणवता के अनुसार निर्माण कार्य नहीं होने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि भवनों को निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया वहीं इन्हे अाधे मूल्य में बिना सुरक्षा के बेचा जा रहा है। जिससे जनहानि हो सकती है। चौधरी के इस मामले पर नगरीय स्वायत्त शासन व आवासन मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों व फर्म के विरुद्ध कार्यवाही करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 108 आवासों के मरम्मत के लिए 36 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
विधानसभा में नागौर