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महिला सशक्तिकरण को लेकर की चर्चा

एक वर्ष पहले
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जैन विश्वभारती संस्थान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में यहां आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं जेंडर चैम्पियन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रो. रेखा तिवाड़ी ने कहा कि महिला व पुरूष परस्पर एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक के बिना दूसरा अधूरा रहता है। महिला सशक्तिकरण को कभी पुरूष विरोधी नहीं बनाया जाना चाहिए। भारतीय संस्कृति में महिलाएं हमेशा दैवीय स्वरूप में मानी गई है और उसकी महत्ता को पहचाना गया है। एनएसएस प्रभारी डा. प्रगति भटनागर ने महिला दिवस की बधाई देते हुए सभी छात्राओं को अबला के बजाय सबला बनने और सामाजिक दायित्वों को वहन करने की सलाह दी। डा. विनोद सियाग ने महिला दिवस की सार्थकता बताई और महिलाओं को अपने आपको कमजोर नहीं समझने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में नफीसा, स्नेहा पारीक, महिमा प्रजापत, दक्षता आदि स्वयंसेवी छात्राओं ने महिला दिवस संबंधी कविताओं का पाठ किया। रूबिना बानो, दिव्यता कोठारी, नवनिधि दौलावत, सविता भोजक, योगिता, मुस्कान बल्खी आदि ने महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक भेदभाव मिटाने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डा. विकास शर्मा, डा. पुष्पा मिश्रा, अभिषेक चारण, अभिषेक शर्मा, मांगीलाल, अजयपाल सिंह भाटी आदि उपस्थित थे। संचालन दक्षता कोठारी व आयशा ने किया।

निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में चल रहे महिला सप्ताह के अवसर पर शनिवार को महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। महिला के विकास में स्वास्थ्य शिक्षा की भूमिका विषय पर आयोजित इस निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर स्मृति कुमारी, द्वितीय रेखा परमार और तृतीय स्थान पर चन्द्रकांता रही। सभी विजेताओं को पुरस्कार के रूप में पुस्तकें प्रदान की गई। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने कोरोना वायरस के लक्षणों, उससे बचने के उपाय आदि के बारे में बताया।

लाडनूं. महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विचार रखते वक्ता।
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