- Hindi News
- National
- Nagaur News Rajasthan News Government Could Not Succeed In Providing Social Justice To Dalits And Backward Mp
दलितों व पिछड़ों को सामाजिक न्याय प्रदान करने में सरकार नहीं हो पाई सफल : सांसद
लोकसभा सत्र के दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल ने शुक्रवार को संसद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में भाग लिया। सांसद ने आरक्षित वर्गों के हितों के संरक्षण से लेकर अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों सहित अन्य पदों में कमी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कई मुद्दों पर बात रखी। बेनीवाल ने हाल ही में नागौर जिले के करणूं में दलित युवकों के साथ हुई अमानवीय घटना, बाड़मेर के पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत व जालौर में दलित युवक की हत्या सहित कई मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन वर्गों की वजह से राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनी आज उन्हीं वर्गों को प्रताड़ित किया जा रहा है। मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी करणूं घटना को प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना बताया। बेनीवाल ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी जिस तरह दलित उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती है उससे यह जाहिर है कि आज भी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को पूर्ण रूप से सामाजिक न्याय नहीं मिल पा रहा है। देश के आम गरीब को घर उपलब्ध कराने से लेकर आम सुविधाएं जिस तरह केंद्र ने पिछले 6 सालों में सुलभ तरीके से पहुंचाई है उससे देश का वंचित और शोषित तबका भी प्रधानमंत्री मोदी की तरफ देख रहा है क्योंकि उन्हें राज्य की बजाय केंद्र की सरकार से ज्यादा अपेक्षा है, बेनीवाल ने कहा कि संविधान जब बना तब बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की बहुत बड़ी भूमिका थी क्योंकि अनपढ़ लोगो को मत का अधिकार भी अम्बेडकर के साथ किसान समुदाय के नेताओं की मेहनत का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक न्याय देने का जो संकल्प केंद्र ने लिया और केंद्र ने सभी राज्यों को निर्देश देकर भी दलितों व वंचितों के सामाजिक न्याय दिलवाने के लिए भी निर्देश भी दिए मगर संविधान लागू होने के 70 साल बाद भी सामाजिक न्याय उपेक्षित तबकों से बहुत दूर है। जो यह दर्शाता है कि चुनी हुई सरकारें अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के संरक्षण में काफी विफल रही है।
घुमंतु जातियों के हक का मामला उठा
सांसद बेनीवाल ने घुमंतु जातियों के हकों पर बात रखते हुए कहा कि बंजारा समाज, गाड़िया लौहार आदि वर्गों के लोग कड़ाके की ठंड व तपती धूप में यह बिना आशियाने के रहते है इसलिए 2008 में घुमंतु व अर्ध घुमंतु जातियों के लिए रण के कमीशन ने जो रिपोर्ट दी उसको सरकार तत्काल लागू करे। समाज के ढांचे को मजबूत करने के लिए समाज को नशा मुक्त करने की दिशा में सरकार को बहुत बड़ा कदम उठाने की जरूरत है साथ ही प्रत्येक उपखण्ड व जिले में नशा मुक्ति केंद्र खोलने की भी मांग की गई। इसी प्रकार निर्भया कांड के दोषियों को तत्काल फांसी देने की मांग रखी।
संसद में नागौर