अमेरिका के लिए भारत खोलेगा डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र

Nagour News - ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने पर भी संदेह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड...

Feb 15, 2020, 10:45 AM IST
ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने पर भी संदेह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 24-25 फरवरी को होने वाले भारत दौरे में ट्रेड पर ज्यादा बातचीत की संभावना नहीं है। यही वजह है कि अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटजर ट्रम्प के साथ नहीं आ रहे हैं। हालांकि सूत्रों ने ट्रम्प के दौरान भारत के साथ सीमित व्यापार पैकेज पर चर्चा की उम्मीद जताई है। इसके तहत भारत अमेरिका को डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर में एंट्री दे सकता है।

भारत को तरजीही व्यापार दर्जे (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस, जीएसपी)में सीमित छूट मिल सकती है। हेंडलूम, इंजीनियरिंग व एग्रीकल्चर फिर से जीएसपी में शामिल हो सकते हैं। स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए हेवी ड्यूटी से भी छूट मिल सकती है। दूसरी ओर, अमेरिका भी भारत से सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती चाहता है। गूगल, फेसबुक और अमेजन की मांग को देखते हुए अमेरिका भी भारत में ही डेटा रखने की अनिवार्यता को न लागू किए जाने का दबाव डाल सकता है।

एक अधिकारी ने बताया कि लाइटजर को वाणिज्य मंत्रालय की टीम के साथ विचार-विमर्श करना था, लेकिन अब वे नहीं आ रहे हैं। अभी तक इस बात की कोई स्पष्टता नहीं है कि ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

डील: भारत को अमेरिका से 1.20 लाख करोड़ रु. का व्यापार फायदा

चिकन लेग्स पर 100% के मुकाबले 25% टैरिफ

कृषि उत्पादों के दाम गिरने पर किसानों को नुकसान

अमेरिका का आरोप है कि भारत की औसत लागू टैरिफ दर 13.8 प्रतिशत है जो कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है। भारत में ऑटोमोबाइल पर 60 प्रतिशत टैरिफ है, जबकि अमेरिका में 2.5% है। मोटरसाइकिल पर 50 और मादक पेय पर 150% तक टैरिफ दर है। कृषि उत्पादों पर अविश्वसनीय रूप से औसत 113.5% और कुछ में 300% तक है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत यदि वह आयात शुल्क को कम करता है तो कृषि उत्पादों की कीमत गिरने पर किसानों को नुकसान होगा। मोटरसाइकिल आदि के आयात शुल्क में कमी करने से भारत का मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित होगा।

काउंटरवेलिंग ड्यूटी की छूट से भारत को हटाया

जीएसपी के बाद हाल ही में अमेरिका ने भारत को उन विकासशील देशों की सूची से हटा दिया है, जिन्हें अमेरिकी की काउंटरवेलिंग ड्यूटी से छूट हासिल है। इसके बाद से ही ट्रम्प के दौरे में व्यापार बातचीत टलने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि भरपाई के लिए दोनों देश व्यापार पैकेज पर बातचीत कर रहे हैं और दोतरफा वाणिज्य को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके लिए भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और लाइटजर के बीच बाद में बातचीत हो सकती है।

चीन से भारत को व्यापार घाटा, अमेरिका से फायदा

व्यापार की बात करें तो अमेरिका चीन के बाद भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। अमेरिका से भारत का व्यापार ट्रेड फायदे में है तो चीन के साथ घाटे में। वर्ष 2018-19 में अमेरिका में भारत का निर्यात 52.4 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि आयात 35.5 बिलियन अमरीकी डॉलर था। यानी भारत को अमेरिका से व्यापार घाटा की बजाय 16.9 बिलियन डॉलर का फायदा हुआ। बीते साल भारत को अमेरिका 2 बिलियन डॉलर की एफडीआई मिली थी।

दोनों देशों के बीच ट्रेड डील करने का एक अच्छा मौका


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक भारत सरकार ने अमेरिका के लिए अपने डेयरी और पोल्ट्री बाजार को खोलने का फैसला किया है। भारत सरकार ने अमेरिका से चिकन लेग्स एंड टर्की, ब्लूबेरी और चेरी आयात को मंजूरी देने का फैसला किया है। चिकन लेग्स पर 100 फीसदी के मुकाबले केवल 25 फीसदी टैरिफ लगेगा। जबकि अमेरिका चाहता है कि चिकन लेग्स पर केवल 10 फीसदी टैरिफ लगे। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी बाजार खोलने की पुष्टि नहीं की है।

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