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मशरूम उत्पादन को व्यवसाय बनाए : जाट

एक वर्ष पहले
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त पोषित अनुसूचित जाति उप परियोजना के तहत मशरूम की वैज्ञानिक खेती पर ग्रामीण युवाओं के लिए एक दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण विज्ञान केंद्र प्रभारी अर्जुनसिंह जाट की अगुवाई में आयोजित हुआ। इस दौरान डॉ. सिंह ने सभी प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के बारें में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि युवा मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाएं ताकि रोजगार प्राप्त हो सके। शिविर में सहायक प्रोफेसर डॉ. नेमाराम नागौर ने बताया कि अन्य फसलों की भांति ही मशरूम की फसलों को भी कीट नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए कीट को प्रवेश के लिए रोकना है तथा ये ध्यान रहे कि उत्पादन कमरों के आसपास कंपोस्ट की ढेरी बनी न हो, खाद बनाने के प्रागंण में 24 घंटे पूर्व 2 प्रतिशत फार्मेलिन का छिड़काव करना चाहिए। सहायक प्रोफेसर महाविद्यालय नागौर डॉ. मंजू कुमारी ने मशरूम उत्पादन की अनेक तकनीकों की जानकारी प्रदान की। कीट वैज्ञानिक डॉ. ममता चौधरी ने मशरूम के व्यंजनों की जानकारी से अवगत करवाते हुए बताया कि युवाओं को इसके उत्पादन से रोजगार व खेतीहर को अतिरिक्त आय उपलब्ध पर भी प्रकाश डाला। संस्थागत शिविर में डॉ. निशु कंवर भाटी, सुमित्रा बंबोरिया व अनोप कुमारी ने भी मशरूम से संबंधित जानकारी प्रदान की।

मौलासर. मशरूम उत्पादन को लेकर एक दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते।
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