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मां ही सब कुछ है; मां की शरण में भयमुक्त और परमात्मा की शरण में जन्म-मरण के भय से मुक्ति

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:26 AM IST

Nagour News - नागौर| कांकरिया स्कूल मैदान में सप्त दिवसीय गो कृपा कथा महोत्सव शुक्रवार शाम 7 से रात 10 बजे तक आयोजित किया गया। गो...

Nagaur News - rajasthan news mother is everything fear of fear of birth and death in the refuge of mother fearless and divine refuge
नागौर| कांकरिया स्कूल मैदान में सप्त दिवसीय गो कृपा कथा महोत्सव शुक्रवार शाम 7 से रात 10 बजे तक आयोजित किया गया। गो कृपा कथा महोत्सव के प्रथम दिन 31 वर्षीय गो पर्यावरण व अध्यात्म चेतना के पद यात्रा के संचालक ने माताओं की महिमा के बारे में बताया। गोपाल परंपरा के आचार्य ग्वाल संत गुरूदेव भगवान ने बताया कि मानव की प्रथम माता गौ माता है। द्वितीय माता धरती माता है। तृतीय माता धरती माता है। चतुर्थ माता गंगा माता है जो कि गो मुख से प्रकट हुई है। पंचम माता गीता माता अर्थात शस्त्र जो मानव के सच्चे मार्गदर्शक होते है। षष्ठ माता गायत्री माता, सातवीं माता महात्मा शरद मां इसीलिए है क्योंकि इसके पीछे मां शब्द लगा है। जिस प्रकार मां पुत्र की चिंता करती है। उसी प्रकार महात्मा अर्थात गुरू भी चिंता करते है। आठवीं माता अंतर आत्मा, मनुष्य अगर अपने मन की सुनता है तो उसका जीवन माता को आंचल में बैठे बच्चे की तरह सुरक्षित हो जाता है। नवीं और अंतिम माता परमात्मा को बताया है। परमात्मा के पीछे भी मां शब्द आया है। जिस प्रकार मां की गोद में जाने के बाद बालक भयमुक्त हो जाता है। मानव शब्द ही मां और नव जिसके नौ माता हो। गौ माता भारतीय संस्कृति का प्राण है। इस माैके पर भाेजराज सारस्वत, हरिराम धारणिया माैजूद थे।

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