पेज एक व जैकेट का शेष

Nagour News - पेज एक व जैकेट का शेष ड्राइवर को 9.30 घंटे बाद ही थाने से जमानत पुलिस ने परशुराम को शुक्रवार सुबह 11 बजे गिरफ्तार...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 10:20 AM IST
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पेज एक व जैकेट का शेष

ड्राइवर को 9.30 घंटे बाद ही थाने से जमानत

पुलिस ने परशुराम को शुक्रवार सुबह 11 बजे गिरफ्तार करना बताया और रात 9.30 बजे जमानत दे दी। गाड़ी मालिक अलवर जिले के सियाकावास निवासी राजकुमार मीणा की जमानत पर उसे छोड़ा गया। बता दें कि परशुराम मीणा की भानजी सुषमा अलवर एसपी के कार्यालय में कार्यरत है। सुषमा की 10 जुलाई काे रात काे फेरे थे अाैर सुबह 10 बजे विदाई में यह कार दी जानी थी। इससे पहले ही सुबह 4:53 बजे उसके मामा परशुराम से यह हादसा हाे गया। पुलिस का कहना है कि जो घटनाक्रम हुआ है, उसमें इन्हीं धाराओं में केस बनता है।

कैशबैक: एक साल में 10 हजार करोड़ बंटे, 7 साल और मिलेगा

नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि सरकार ने कैशबैक-बोनस में 495 करोड़ रु. बांटने की योजना बनाई है। पेटीएम ने पिछले साल फेस्टिव सीजन में 501 करोड़ रु. का बजट कैशबैक के लिए रखा था। डिजिटल पेमेंट्स के लीडर्स में से एक पेटीएम के प्रवक्ता ने भी बताया कि कैशबैक ग्राहकों को जोड़ने में मदद करता है। अगर ग्राहक लंबे समय तक जुड़ता है तो कैशबैक देना हमारे लिए भी फायदेमंद सिद्ध होता है। पेटीएम फिलहाल अपने प्लेटफॉर्म पर 200 से ज्यादा सेवाएं दे रहा है और इसपर पिछले एक साल में 5.5 अरब ट्रांजेक्शन हुए हैं। हालांकि गूगल पे में प्रोडक्ट मैनेजमेंट के निदेशक अंबरीश केंघे का मानना है कि कैशबैक के बल पर ग्राहकों को बनाए नहीं रख सकते। गूगल पे को ज्यादातर लाभ रेफरल से मिल रहा है। अंबरीश यह भी कहते हैं कि कैशबैक से ज्यादा से ज्यादा यूजर्स यूपीआई पेमेंट और एप के माध्यम से बैंक-टु-बैंक ट्रांसफर अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।

कंपनियां क्यों देती हैं कैशबैक?

नवीन सूर्या बताते हैं कि कैशबैक देने से जितने ज्यादा ग्राहक कंपनियों से जुड़ते हैं, कंपनीज की ब्रैंड वेल्यू उतनी ही ज्यादा बढ़ती है। इसका फायदा उन्हें उनके दूसरे बिजनेस और सर्विसेस में मिलता है। दरअसल ज्यादातर कंपनियों के लिए कैशबैक उनके मार्केटिंग बजट का ही हिस्सा होता है। एक बार ग्राहक संख्या बढ़ने के बाद कंपनियां धीरे-धीरे कैशबैक देना कम भी कर देती हैं।

कैशबैक के खतरे भी हैं

कैशबैक के जरिये फ्रॉड की आशंका भी रहती है। इसी साल मई में पेटीएम के चेयरमैन विजय शेखर शर्मा ने बताया था कि छोटे व्यापारियों द्वारा कैशबैक फ्रॉड करने से कंपनी को 10 करोड़ का नुकसान हुआ था। कैशबैक के लालच में आम यूजर नकली ऑफर्स का शिकार भी हो सकते हैं। आईएमचीटेड डॉट कॉम के सीईओ सी.एस. सुधीर के मुताबिक अगर किसी ऑफर के साथ उसके स्पष्ट नियम व शर्तें न दी हों तो उसके नकली होने की आशंका है। ऑफर देने वाली एप व वेबसाइट की खराब डिजाइन, उसकी भाषा-व्याकरण में गलतियां, डाउनलोड करने पर बहुत कम साइज और परमिशन की मांग को देखते हुए तय किया जा सकता है कि वेबसाइट या एप नकली है या नहीं। आमतौर पर कैशबैक के लालच में लोग अपनी सभी जानकारियां दे देते हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। सुधीर बताते हैं कि वेबसाइट की लिंक HTTPS से शुरुआत होनी चाहिए। ‘S’ का मतलब सुरक्षित होता है और ऐसी वेबसाइट पर पेमेंट सुरक्षित रहते हैं।

मेरे सिंदूर लगाने और वंदे मातरम् बोलने से सिर्फ 10% लोग परेशान


- मैंने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। वे लोकतांत्रिक देश के मुखिया हैं। इसलिए सभी धर्म को बराबर अहमियत देना चाहिए। उन्होंने कहा भी है कि सभी को साथ लेकर चलेंगे। हां, मौजूदा समय में अल्पसंख्यकों पर मॉब लिंचिंग हो रही है, उससे भरोसा डगमगाता है।


- मेरे खिलााफ कोई फतवा जारी नहीं हुआ। वे सोच रहे थे कि जारी करेंगे लेकिन शायद उनकी सोच बदल गई। रही बात ताकत की तो खुद की लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है। मेरे नाम का मतलब है फतह, और फतह करने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। मेरा धर्म कोई मुझसे छीन नहीं सकता है। मैं मुस्लिम हूं और अंत तक मुस्लिम ही रहूंगी। अगर मैंने हिन्दू से शादी की है तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। मैं हिन्दू समेत सभी धर्मों का सम्मान करती हूं।

स्मार्ट गैजेट: ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग ही नहीं हार्ट फेल भी करवा सकते हैं हैकर्स

इससे कैसे बचें- 1. स्मार्ट टीवी देखते समय जो भी नोटिफिकेशन्स आए उसे बिना पढ़े ओके न करें। 2. अधिकतर स्मार्ट टीवी निर्माता टीवी में ऑटोमेटिक कंटेंट रिकग्निशन का सॉफ्टवेयर डाल कर रखते है, जो देखे गए कंटेंट का डेटा टीवी निर्माता या एप्लीकेशन ओनर को भेजता है। इसलिए बिना सोचे-समझे एसीआर को इजाजत न दें। 3. स्मार्ट टीवी के एप को नियमित रूप से अपडेट करें। 4. उसी ब्रैंड का स्मार्ट टीवी ख़रीदें, जो नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी अपडेट देता हो। 5. पेन ड्राइव या मेमोरी कार्ड स्मार्ट टीवी में लगाने से पहले हमेशा वायरस स्कैन करें। 6. स्मार्ट टीवी के इंस्टालेशन के समय प्राइवेसी पालिसी को समझें। 7. आईओटी होम डिवाइस में रिमोट एक्सेस हमेशा बंद रखें। 8. वायरलेस राऊटर में गेस्ट लॉगिन अलग से रखें या स्मार्ट होम डिवाइस के लिए अलग से इंटरनेट नेटवर्क रखे। वाई-फाई पासवर्ड मुश्किल और अपडेट रखें। स्मार्ट होम डिवाइस के लिए अलग ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करें। 9. स्मार्ट होम डिवाइस का माइक्रोफोन और कैमरा इस्तेमाल न होने पर बंद रखें। यदि आपको लगता है कि कैमरा बंद नहीं है तो नॉन ट्रांसपेरेंट टेप को कैमरे पर चिपका दें। 10. स्मार्ट डिवाइस में वायरस स्कैनिंग का विकल्प है तो स्कैनिंग करते रहनी चाहिए। 11. कोई भी अनजान या संदेहास्पद लिंक क्लिक न करें और फोल्डर डाउनलोड न करंे।

खर्च बचाने के लिए रोबोट खींच रहे विमान, स्लिम एयरहोस्टेस, हल्के कालीन

4. नियो एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल से भी फ्यूल की बचत

नियो एयरक्राॅफ्ट से 15 फीसदी तक फ्यूल की बचत होती है। इसलिए कंपनियां धीरे-धीरे नियो इंजन वाले एयरक्राफ्ट को भी शामिल कर रही हैं। इंडिगो के प्रवक्ता के अनुसार कंपनी ने सभी एयरबसों पर नियो इंजन का इस्तेमाल शुरू किया है। विस्तारा भी इनका इस्तेमाल कर रही हैं। पिछले करीब दो साल से देश में इसका इस्तेमाल शुरू हुआ है।

5. वजन कम करने के लिए हल्के कारपेट बिछवाए

एयर एशिया के पीआरओ रोहित ने बताया की हमने कॉकपिट में होने वाली कागज़ी कार्रवाई को पेपरलेस कर दिया गया है। कॉकपिट का सारा काम आईपैड से कर दिया है। इसके अलावा एयरक्राफ्ट में कारपेट या कालीन का वजन भी अधिक रहता था, इसलिए इसे बदलवा कर हल्के कारपेट बिछवाए गए हैं।

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