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14 ब्लॉक में तैनात समसा अधिकारियों कार्मिकों को 3 माह से नहीं मिला वेतन
जिले में संचालित शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान (समसा) में तैनात जिले के 125 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिल रहा है। समसा के तहत जिले के 14 ब्लॉकों में ये कर्मचारी तैनात हैं, इन्हें अंतिम वेतन दीपावली के बाद भुगतान किया गया था। नवंबर तक का भुगतान करने के बाद आज दिन तक इन 125 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। समसा में बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण इन कार्मिकों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में इन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश समसा कार्मिकों को डीए-टीए का भी भुगतान नहीं हो रहा है। कईयों को पांच माह से तो कइयों को तीन माह से वेतन नहीं मिला। इस बीच कई घरों में शादियां भी थी मगर इन कार्मिकों को यहां वहां से रुपयों का जुगाड़ करना पड़ा। बार-बार पत्राचार करने के बाद भी सरकार समसा के कार्मिकों को वेतन नहीं दे रही है।
इन ब्लॉक में चल रही है परियोजना : अधिकृत जानकारी के अनुसार समग्र माध्यमिक शिक्षा अभियान समसा के तहत जिले के 14 ब्लॉकों में समसा की परियोजना चल रही है। जानकारों के अनुसार समसा इन दिनों जिले के नागौर, मेड़ता, मकराना, डीडवाना, डेगाना, कुचामन, नावां, मौलासर, जायल, परबतसर, मूंडवा, रियांबड़ी, खींवसर तथा लाडनूं ब्लॉक में संचालित हो रही है। इस परियोजना के तहत एक ब्लॉक में एक अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, दो संदर्भ व्यक्ति, दो यूडीसी, एलडीसी सहित पांच से दस कर्मचारी तैनात है। इनका मूल काम विद्यालयों का प्रबंधन, निर्माण व मरम्मत, प्रशिक्षण तथा नवाचार लागू करवाना है। इसके लिए समसा में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने ब्लॉक के सरकारी स्कूलों की समय समय पर चैकिंग भी करनी जरूरी है मगर इनको वेतन तो दूर डीए-टीए का भी भुगतान नहीं मिल रहा है।
दीपावली के बाद होली पर भी नहीं मिला वेतन
जानकारों की मानें तो नवंबर में समसा के तहत सरकार ने 8 करोड़ का बजट दिया जो समसा में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को दिसंबर 2019 में बांटा गया। नतीजतन, समसा कार्मिकों की दीपावली काली गई। उन्हें दीपावली जैसे त्योहार पर वेतन नहीं मिला। कमोबेश यही स्थिति होली पर रही। होली पर भी समसा के कार्मिक वेतन को तरसते रह गए।
एक माह में 12 स्कूल चैक करने जरूरी मगर पास नहीं हुए टूर बिल : समसा के अधिकारियों व कार्मिकों को एक माह में अपने अपने ब्लॉक के 12 स्कूल अनिवार्य रूप से चैक करने जरूरी है। ये अधिकारी अपने ब्लॉक के गांवों में संचालित सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने जाते हैं मगर दुर्भाग्य से इन कार्मिकों को वेतन के साथ साथ डीए टीए भी नहीं मिल रहा है। मेड़ता ब्लॉक के अतिरिक्त शिक्षा अधिकारी बक्शू खां की मानें तो उन्हें पिछले डेढ़ साल से डीए टीए का भुगतान नहीं हुआ। अकेले बक्शू खां के 40 हजार से ज्यादा के डीए-टीए के बिल पेडिंग पड़े हैं जिनका भुगतान उन्हें आज तक नहीं उठाया। इसी तरह मेड़ता ब्लॉक में तैनात समसा के वरिष्ठ सहायक बीके व्यास सागर को भी दिसंबर के बाद आज दिन तक वेतन नहीं मिला है। रियांबड़ी ब्लॉक में तैनात ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति भगवतीलाल टेलर को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। यही स्थिति रियां के वरिष्ठ सहायक भावेश सारस्वत को भी पांच माह से किसी तरह का वेतन नहीं मिला है। वेतन के अभाव में इन लोगों के परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इस संबंध में बस्तीराम सांगवा, एडीपीसी, समसा, नागौर ने बताया कि सितंबर के बाद से बजट की समस्या आ रही है।