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एसएचओ के खिलाफ केस दर्ज करने से बचती रही पुलिस
खींवसर थाने में एसएचअाे द्वारा दलित शिक्षक काे लॉकअप में बंद कर मारपीट करने का मामला शनिवार काे गरमा गया। बिरलोका के राप्रावि साटीका में कार्यरत शिक्षक गोतम प्रसाद शनिवार शाम काे जब थाने में एसएचअाे रामनारायण भंवरिया के विरूद्ध रिपाेर्ट देने पहुंचे ताे बगैर दर्ज किए लाैटा दिया। पीड़ित शिक्षक घंटाें तक थाने में बिठाए रखा। जानकारी सामने अाई कि शिक्षक जैसे ही एसएचओ के विरूद्ध थाने में रिपोर्ट देने पहुंचा तो मौके पर एएसपी रामकुमार कस्वां सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों ने शिक्षक पर दबाव बनाते हुए कहा- कि आपकी रिपोर्ट प्रकरण की 7 दिन में जांच के बाद दर्ज की जाएगी। थाने में शिक्षकों व अधिकारियों के बीच रात तक वार्ता का दौर चलता रहा। पुलिस ने पीड़ित शिक्षक पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाने का दबाव बनाने का मामला भी सामने आया है। ऐसे में शिक्षकों और पुलिस-प्रशासन की बीच तनातनी भी हुई। मौके पर एडीएम मनोज कुमार, एएसपी कस्वां, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पीड़ित शिक्षक से केवल शिकायत पत्र लेकर पत्रावली में किया शामिल
थाने में शिक्षक से मारपीट के मामले में खींवसर थाने की पुलिस द्वारा केवल शिकायत पत्र लेकर इतिश्री कर ली गई। शिक्षक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। रात को लंबे समय तक पुलिस व शिक्षकों के बीच लंबी वार्ता चलती है। पुलिस द्वारा पीड़ित शिक्षक से सात दिन का समय मांगा गया है। जांच अधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया है। पीड़ित शिक्षक की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
यह था पूरा मामला: होली की छुट्टियों में खींवसर के बिरलोका के राप्रावि साटीका में गैस सिलेंडर चोरी हो गए थे। मामले में स्कूल में कार्यरत पीड़ित शिक्षक गौतम प्रसाद खोरवाल चोरी की रिपोर्ट देने जब 12 मार्च को थाने पहुंचे तो एसएचओ ने दस्तावेज में कमी बताकर वापस भेज दिया था। शुक्रवार को जब दुबारा सभी दस्तावेज लेकर वो थाने पहुंचे तो एसएचओ रामनारायण भंवरिया ने उन्हें शांतिभंग में गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया था। इसके बाद एसएचओ व अन्य पुलिस वालों ने जाति सूचक गाली-गलौच करते हुए उनके साथ मारपीट की। मामला सामने आने पर खींवसर एसएचओ भंवरिया के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई और थाने से हटाने की मांग को लेकर शिक्षक धरने पर बैठ गए थे। शिक्षकों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसपी ने एसएचओ भंवरिया को लाइन हाजिर कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। इधर, एएसपी रामकुमार कस्वां से इस संबंध में जानकारी लेने पर उन्होंने कहा- मामले की मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। शिक्षक थाने आए होंगे। मामले की जांच डीडवाना एएसपी कर रहे है। बाद में गोलमाल जवाब देने शुरू कर दिए।
सांसद बोले- एसएचओ के विरूद्ध दर्ज हो एफआईआर
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- कि प्रदेश में दलितों के साथ अत्याचार बढ़ते जा रहे है। खींवसर थाने में दलित शिक्षक को एसएचओ द्वारा पीटना गंभीर मामला है। एसएचओ के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं करना और भी गंभीर है। पुलिस की मामले में गंभीर लापरवाही दर्शाती है। उन्होंने कहा- रालोपा पार्टी प्रदेशभर में दलितों के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर मामलों काे उठाएगी। जरूरत पड़ी तो खींवसर थाने का भी घेराव करेंगे।
इधर, दलित शिक्षक के साथ एसएचओ रामनारायण भंवरिया द्वारा चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने की जगह मारपीट को लेकर डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भजन सिंह व सचिव आेमप्रकाश वर्मा ने शनिवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। शिक्षक गौतम प्रसाद के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की घटना में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित शिक्षक का मेडिकल करवाकर दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने की भी मांग रखी है।
14 मार्च