अगले वित्तवर्ष में दलहन आयात 60 प्रतिशत घट सकता है: आईपीजीए

Nagour News - उद्योग संगठन आईपीजीए ने शुक्रवार को कहा कि दलहन के आयात पर मौजूदा रोक जारी रही तो भारत का दलहन आयात वर्ष 2020-21 में 60...

Feb 15, 2020, 10:30 AM IST

उद्योग संगठन आईपीजीए ने शुक्रवार को कहा कि दलहन के आयात पर मौजूदा रोक जारी रही तो भारत का दलहन आयात वर्ष 2020-21 में 60 प्रतिशत घटकर 10 टन रह सकता है। इस गिरावट में घरेलू फसल के बेहतर रहने की संभावना और भारी मात्रा में उपलब्ध बफर स्टॉक का भी योगदान होगा।

भारतीय दलहन एवं अनाज संघ (आईजीपीए) के अध्यक्ष जीतू भेड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि अगले साल भी आयात कम होगा क्योंकि हो सकता है आगे व्यापारी आयात कोटा आदेश में खामियों का फायदा उठा कर आयात करने में सफल न हों क्योंकि सरकार इस कमजोरी को दूर कर रही है। आयात कोटा आदेश को कड़ा करने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) जयपुर उच्च न्यायालय में मुकदमा लड़ रहा है। इस बीच, हाईकाेर्ट ने इस मामले की सुनवाई में दखल देने से इनकार कर दिया है।

भेडा ने दलहन सम्मेलन 2020 के मौके पर कहा, चालू वर्ष में कुल दलहन आयात 25 लाख टन होने की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 15 लाख टन का आयात किया जा चुका है। ऐसा डीजीएफटी के कोटे के आदेश पर चेन्नई और जयपुर उच्च न्यायालयों के स्थगन आदेश का लाभ उठा कर व्यापारियों द्वारा आयात बढ़ाने से संभव हो सका है। आयातित खेप में ज्यादातर पीली मटर, उड़द और हरी मटर शामिल है। बाकी दस लाख टन कोटे के अनुरूप आयात किया गया है। फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) में 2.34 करोड़ टन तक घरेलू दलहन उत्पादन के बीच स्थानीय किसानों को संरक्षित करने के लिए सरकार ने मुख्य दालों, विशेष रूप से पीले मटर, तुअर (अरहर), छोले (चना) और मूंग के आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगा रखा है।

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