जोधियासी में गौ कृपा कथा महोत्सव शुरू साध्वी बोलीं- भगवान तो भाव के भूखे हैं

Nagour News - नागौर. जोधियासी में गौ कृपा कथा महोत्सव में मौजूद श्रद्धालु। साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती ने गौ पूजन व गुरु...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 09:11 AM IST
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नागौर. जोधियासी में गौ कृपा कथा महोत्सव में मौजूद श्रद्धालु।

साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती ने गौ पूजन व गुरु स्तुति के साथ किया शुभारंभ

भास्कर संवाददाता | नागौर

जोधियासी ग्राम में मंगलवार को गोकृपा कथा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी नरेश कच्छावा ने बताया कि साध्वी ने गो कथा का प्रारंभ करते हुए बताया कि परमात्मा ने सभी प्राणियों में केवल मात्र मनुष्य को ही प्रसन्न रहने का आशीर्वाद दिया।

साध्वी जी ने बताया कि भगवान राम ने एक न्यायालय बनाया कई वर्षों तक उसमें कोई नहीं आया। कुछ वर्ष बीत जाने के बाद एक कुत्ता आया और उसने वहां पर न्याय की मांग की। न्यायाधीश ने पूछा कि आप के साथ किसने अन्याय किया। कुत्ता बोला अयोध्या के अंतिम छोर पर रहने वाले एक का महात्मा ने मुझे अकारण ही डंडे से पीटा। न्यायाधीश ने महात्मा को बुलाया और पूछा कि क्या कुत्ते ने आपका कोई नुकसान किया।

तो महात्मा ने कहा नहीं मैंने तो ऐसे ही पीट दिया। तब न्यायधीश ने कुत्ते को सजा सुनाने का फैसला सुनाया। कुत्ते ने काफी देर तक सोचा और न्यायाधीश को कहा कि संत की चाकरी में हजारों नौकर चाकर लगा दिए जाए। साथ ही सब सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाए। तो न्यायाधीश ने पूछा आप सजा सुना रहे हो या वरदान दे रहे हो। तब कुत्ते ने कहा कि भगवान में महात्मा की सुख सुविधाओं की व्यवस्था इसलिए करवा रहा हूं कि पूर्व जन्म में मैं भी एक महात्मा था जो भोग विलास जीवन जीता और किसी प्रकार का कर्म नहीं करने के बावजूद मेरी सेवा हो रही थी। उसी का परिणाम है कि मैं कर्म भूल गया। और आज आपके सामने एक कुत्ते के रूप में हूं तो महात्मा की यही सजा है कि अगले जन्म में यह जब कर्म रहित हो जाएंगे तो इनको कुत्ते की योनि मिलेगी अर्थात हमें कर्म करते रहना चाहिए।

जिस प्रकार गंधर्व मुनि विदेव होती माता के 9 बेटियों के पश्चात कपिल मुनि का जन्म हुआ। कपिल मुनि का जन्म साक्षात नारायण का अवतार था। ज

िन्होंने सांख्य दर्शन लिखा और आज संपूर्ण विश्व में कपिल मुनि पूजे जाते हैं। इस भारत भूमि की सबसे बड़ी विशेषता थी यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता उस देश में आज नारी का क्या स्तर है हम सब जानते हैं जो बहुत ही चिंता का विषय है। एक प्रसंग सुनाया कलयुग के प्रारंभ से पूर्व सभी देवता बड़े चिंतित हुए और जब ब्रह्मा जी के पास गए और उनसे प्रार्थना की हम इस कलयुग के प्रभाव से बचना चाहते हैं तो उन्होंने गौ माता के पास जाने को कहा जब सभी देवता गौ माता के पास इसका उपाय पूछने गए तो गौ माता ने उन्हें अपने अंदर समाहित होकर इस कलयुग के प्रभाव से बचने का उपाय बताया।

तब सभी देवता गौ माता के अंदर प्रविष्ट हो गए लेकिन 2 देवियां पीछे रह गई। माता लक्ष्मी और गंगा माता जब गौ माता के पास पहुंची तो गौ माता ने उन्हें बताया कि अब तो केवल मेरा मूत्र और गोबर ही बचा है तो दोनों से हर्ष उसमें समाहित हो गई आज गोमूत्र गंगा जल के समान पवित्र माना जाता है और गोबर के अंदर मां लक्ष्मी का निवास माना जाता है। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य भगवान को सच्चे मन से याद करता है भगवान उसकी पुकार जरूर सुनते हैं। भगवान तो सदैव भाव के भूखे होते हैं। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

कार्यक्रम के समापन पर दानदाताओं ने राशि की घोषणा की। जिसमें भवानी जनरल स्टोर हैदराबाद के राम प्रकाश गहलोत ने 51 हजार, वासुदेव जांगू ने 31 हजार, राम जानी ने 21 हजार तथा हडमानराम सारण ने 10001 की सहायता घोषणा की।

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