विज्ञापन

भागवत कथा में मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भगवान की लीला सुन भाव विभोर हुए भक्त

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 05:06 AM IST

Nagour News - गांव अलाय में चल रही भागवत कथा के चौथे संत कृपाराम महाराज ने कृष्ण अवतार के बाद कृष्ण लीला का वाचन किया। कथा के...

Nagaur News - rajasthan news shrikrishna janmotsav celebrated bhagwat katha in the bhagwat katha
  • comment
गांव अलाय में चल रही भागवत कथा के चौथे संत कृपाराम महाराज ने कृष्ण अवतार के बाद कृष्ण लीला का वाचन किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा द्वापर युग में गोपियों के संग किए रास नृत्य में यशोदा से गोपियां शिकायत करती है कि तेरा लला माखन चोर है, माखन तो खाता है, मटकियां भी फोड़ देता है। तब यशोदा कहती है कि मेरा लला अपने लिए चोरी थोड़े ही करता है, वह तो सब में मिल बांटकर तो खाता है। इधर गोपियां नाराज होने के बावजूद भी काना के माखन चुराने पर प्रेमभाव से मिलती थीं। कृष्ण की बांसुरी से निकले सुरों पर गोपियां जहां खड़ी होती वहीं मंत्रमुग्ध होकर बांसुरी की धुन में बेसुध हो जाती। संत ने कहा कृष्ण के हर कार्य में रास होता था। भगवान ने जो भी मटकियां फोड़ी वह पाप की मटकियां फोड़ी हैं। इधर भगवान कृष्ण भी गोपियों की भक्ति के आगे भाव विभोर होकर नाचने लगते थे। भगवान ने गोपियों के मन की चोरी कर ली तभी तो गोपियां ऊपरी मन से नाराज तथा मन ही मन खुश रहती थीं। इंद्र भगवान के कोप से भारी बरसात करने पर कृष्ण ने अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा बृजवासियों की मेह से रक्षा की। भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार सुबह 9:30 बजे योग शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आसपास गांव श्रद्धालु भाग लेंगे।

नशा करना है तो हरि के नाम का करें : साध्वी

गांव फिड़ौद में चल रही गो कृपा कथा में तीसरे दिन साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती दीदी ने बताया कि गाय माता के तन में 33 करोड़ देवी देवता निवास करते है। गो महिमा के साथ साध्वी ने भारतीय संस्कृति के बारे में बताया। उन्होंने नशे के बारे में भी बताया कि नशा करना है तो हरि के नाम का नशा करों। उन्होंने गोमाता की सेवा का भी संदेश दिया। गाय माता ही दया की साक्षात प्रतिमूर्ति है। साध्वी ने इंदौर की शासिका अहिल्या बाई होल्कर की घटना सुनाई। कथा में फिड़ौद सहित आसपास गांव के लोग लगातार जुट रहे है।

X
Nagaur News - rajasthan news shrikrishna janmotsav celebrated bhagwat katha in the bhagwat katha
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन