डीडवाना में लावारिस गोवंश का आतंक पालिका प्रशासन नहीं कर रहा है कार्रवाई

Nagour News - डीडवाना नगर में लंबे समय से लावारिश पशुओं का आंतक छाया हुआ है। जिसमें विशेष रूप से गाय व सांड नगर के प्रमुख मार्गो...

Dec 04, 2019, 09:16 AM IST
डीडवाना नगर में लंबे समय से लावारिश पशुओं का आंतक छाया हुआ है। जिसमें विशेष रूप से गाय व सांड नगर के प्रमुख मार्गो में बाजार के बीचो-बीच बैठकर मार्ग को बाधित करते हैं। साथ ही आपस में लड़ते-झगड़ते भी रहते है। जिस से अनेक बार दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। यही नही पैदल चलने वाले राहगीरों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। गत पांच माह में करीब 3 लोग राह चलते इन पशुओं की चपेट में आ गए और अपने हाथ-पैर तुड़वा बैठे जिनका इलाज आज भी जारी हैं। सालासर रोड पर डिवाइडर के बीचों बीच व सड़क के दोनों और इन पशुओं का जमघट देखने को मिल सकता हैं। मगर इन सब की पालिका प्रशासन को कोई परवाह नहीं हैं। डीडवाना में बांगड़ परिवार द्वारा विशाल गौशाला बनाई हुई है और इस गौशाला का एक 500 बीघा भूमि का खेत भी है जहां भारी तादाद में गाय व सांड रहते है। पालिका प्रशासन द्वारा अनेक बार इन आवारा पशुओं को गौशाला में डाला गया, मगर हर बार यह बाहर आ जाते हैं। जिसमें भी गौशाला प्रबंधन की लापरवाही पूर्ण रूप से दर्शित करती हैं। गायों की संख्या बढ़ाकर अनुदान राशि प्राप्त करने वाले गौशाला प्रबंधक समिति के पदाधिकारी भी शहर की इस बड़ी समस्या में हो रही लापरवाही में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एसडीएम द्वारा पूर्व में डाली गई गाय व सांड के कान में टैग भी लगाया गया था मगर वे भी वापस बाहर निकल गई।

न्यायालय में भी हो चुका है वाद दायर, फिर भी कार्रवाई नहीं

डीडवाना. शहर के एक डिवाइडर के बीच बैठे लावारिश गोवंश।

क्षेत्र के अधिवक्ताओं ने इस संबंध में 13 सितंबर को न्यायालय में एक वाद भी प्रस्तुत किया था और 14 सितम्बर को लोक अदालत में एडीजे द्वारा प्रसंज्ञान लेकर 10 दिन का समय भी दिया था मगर उस दौरान आचार संहिता के कारण काऊ कैप्चर मशीन खरीद नहीं होने की बात कही थी। हालांकि एसडीएम के निर्देश पर कई बार गाय व सांडों को गौशाला में डाला गया है मगर शहर में लावारिस पशुओं की संख्या कम नहीं हुई है। 2017 में क्षेत्र के पूर्व रेंजर जगदीश सिंह की मौत भी एक सांड के मारने से इलाज के दौरान जयपुर में हुई थी। तीन जुलाई को मोहम्मद रशीद पुत्र रमजान भी इस दुर्घटना का शिकार हुआ था। यहीं नहीं 24 अगस्त को एक गोपालक ट्रेन के सामने आ रही गाय को बचाने में श्रवण गुर्जर नामक व्यक्ति अपनी जान गंवा बैठा। आज भी सड़क के बीच डिवाइडर पर हर दिन गाय व सांड का आंतक दिखाई देता हैं।

डीडवाना, पूर्व में टैग लगाकर गाय को डाला था गोशाला में मगर अब फिर सड़क पर घूम रही है।

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