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25 मार्च से होने वाली 70 दिन की नहरबंदी हो सकती है स्थगित

एक वर्ष पहले
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नहरी विभाग इस वर्ष भी लगातार तीसरी बार इस वर्ष भी 25 मार्च से 70 दिनों के लिए नहर बंदी करने जा रहा है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते स्थगित होने की संभावना ज्यादा हो गई है। इसका बड़ा कारण फ़र्मो को टेंडर होने के बाद भी वर्क ऑर्डर नहीं होना है। नहर बंदी को लेकर बीकानेर में शनिवार को अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाग लेने के लिए नागौर से परियोजना के अधिकारी गए। नहर बंदी के दौरान की जाने वाली तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।

फिलहाल तय है 25 मार्च से नहर बंदी की जाएगी। ऊपर से कोई विशेष आदेश आ गया तो नहर बंदी टाली भी जा सकती है। सरल अर्थ में समझे तो नहर बंदी 70 दिन की है जिसमें से 40 दिन पानी मिलता रहेगा। बाद में 30 दिन की पूर्ण बंदी होगी इसमें घबराने की जरूरत नहीं, हमारे पास 45 दिनों का स्टोरेज मौजूद है। अधिकारियों की माने तो पानी की किल्लत तभी आ सकती है जब गर्मी के कारण बढ़ी डिमांड को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पानी देना पड़े। ऐसी समस्या ना हो इसके लिए रास्ते में पानी चोरी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नहरी विभाग ने तीन टीमों का गठन कर काम पर लगा दिया है। जो नहरी मार्ग में पेट्रोलिंग करेंगी।

जानकारी अनुसार इंदिरा गांधी नहर परियोजना का पानी नागौर में पिछले 15 वर्षों से सप्लाई किया जा रहा है। इस दौरान पांचवी बार नहर बंदी होने जा रही है। नहरी प्रोजेक्ट से जुड़े जिले के नागौर सहित 12 शहर और 750 गांवों में रोज़ाना 172 एमएलडी नहरी पानी की सप्लाई हो रही है। विभाग ने गत वर्ष 30 दिनों के लिए नहर बंदी की थी। उस समय नहरी परियोजना से जिले के 12 शहर तो जुड़े हुए थे, मगर गांवों की संख्या-617 ही थी। अब गांवों की संख्या-750 से अधिक पहुंच गई है, जहां प्रतिदिन नहरी पानी पहुंचता है। ऐसे में नहरबंदी की अवधि 70 दिनों की है, जबकि हमारे पास नोखा दैया के दोनों जलाशयों में 45 दिनों का ही पानी 1 अरब लीटर स्टोरेज है। तीन मई से दाे जून तक नहर में एक बूंद भी पानी नहीं चलाया जाएगा। ये 30 दिन पूरी सूखी नहरबंदी रहेगी। इस दाैरान पीएचईडी इकाइयाें अाैर जलाशय में एकत्र पानी से ही काम चलाना हाेगा। किल्लत होने पर पीएचईडी अप्रैल के अंत से एक दिन छाेड़कर पानी देने की याेजना बना सकता है।

इस संबंध में अधीक्षण अभियंता अजय कुमार शर्मा ने बताया कि शुरूआती 40 दिनों में जो पानी आएगा उसमें अधिक पानी की मांग की जाएगी। इस दाैरान पानी बचाकर स्टोरेज ज्यादा कर सकते हैं। वैसे किसी काे घबराने की जरूरत नहीं है पिछली बार 45 दिन की नहरबंदी हुई थी उसमें भी बिना कटौती के जलापूर्ति कर दी थी। दिक्कत पानी की चोरी होने पर आ सकती है, जिसको रोकने के प्रयास में ही पैट्रोलिंग शुरू करवा दी है।

जरूरत से ज्यादा मिल रहे 6 एमएलडी पानी पर लग सकता है ब्रेक, 19 हो रहा है सप्लाई

गत वर्ष हुई पानी की किल्लत के बाद शहर में जलापूर्ति की मात्रा बढ़ाई गई थी। उसी के हिसाब से शहर में इन दिनों 19 एमएलडी नहरी पानी प्रतिदिन सप्लाई किया जा रहा है। डिजाइन के हिसाब से 13 एमएलडी पानी की जरूरत रहती है, 6 एमएलडी पानी इन दिनों अधिक दिया जा रहा है। शहरवासियों के लिए हो सकता है कि 4 मई से 2 जून के बीच अतिरिक्त 6 एमएलडी मिल रहा पानी बंद हो जाए।
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