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नागौर में दुर्लभ काेलाेडियन शिशु का जन्म, 6 लाख बच्चों में से एक हाेता है इस राेग से पीड़ित

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:26 AM IST

Nagour News - जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के मदर एण्ड चाइल्ड विंग में विश्व की दुर्लभतम बीमारियों में से एक कोलोडियन बेबी हुआ।...

Nagaur News - rajasthan news the birth of rare caledonian infant in nagaur one of the six million children is suffering from this disease
जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के मदर एण्ड चाइल्ड विंग में विश्व की दुर्लभतम बीमारियों में से एक कोलोडियन बेबी हुआ। इस बच्चे के हाथ और पैरों की उंगलियां जुड़े होने के साथ ही पूरे शरीर पर प्लास्टिक सरीखी स्किन है। जानकाराें के अनुसार यह राेग करीब छह लाख बच्चों में से एक को होता है। इसमें टरमीटोसिस होता है। इसमें राेगी काे सांस लेने में तकलीफ होती है। नवजात की निगरानी की जा रही है। इधर बच्चे की इस हालत से परिवार सदमे में है। परिवार गुढ़ा भगवानदास का निवासी है। इससे पहले भी पिता की 3 संतानाें की मृत्यु हाे चुकी है। गुरुवार रात काे जन्मा यह नवजात अपने पिता की पांचवीं संतान है। चौथी संतान जीवित है। लेकिन अब यह पांचवां बच्चा पैदा हुआ तो यह दुर्लभतम जटिल बीमारी से ग्रसित पाया गया।

जैनेटिक डिसऑर्डर है इस बीमारी का कारण

चिकित्सा जगत में हुई शोध के अनुसार कोलोडियन बेबी का जन्म जेनेटिक डिस्ऑर्डर की वजह से होता है। ऐसे बच्चों की त्वचा में संक्रमण होता है। कोलोडियन बेबी का जन्म क्रोमोसोम (शुक्राणुओं) में गड़बड़ी से होता है। सामान्यतः महिला व पुरुष में 23-23 क्रोमोसोम पाए जाते हैं। यदि दोनों के क्रोमोसोम संक्रमित हो तो पैदा होने वाला बच्चा कोलोडियन हो सकता है। इस रोग में बच्चे के पूरे शरीर पर प्लास्टिक की परत चढ़ जाती है। धीरे-धीरे यह परत फटने लगती है। संक्रमण बढ़ा तो उसका जीवन बचा पाना मुश्किल होगा। कई मामलों में ऐसे बच्चे 10 दिन के भीतर प्लास्टिक रूपी आवरण छोड़ देते हैं। इससे ग्रसित 10 प्रतिशत बच्चे पूरी तरह से ठीक हो पाते हैं।

चिकित्सक भी हैरान : प्लास्टिक जैसी परत में पैदा हुए बच्चे काे देखकर हैरान है। पिता ने बताया कि प|ी को गायनिक समस्या होने पर प्रसव के लिए भर्ती कराया गया। नवजात की चमड़ी चमक रही थी। बच्चे का वजन 2.3 किलोग्राम है। नवजात की देखरेख कर रहे डॉ. मूलाराम कड़ेला ने बताया कि यह समस्या जेनेटिक डिसऑर्डर के कारण होती है। वर्ष 2014 व 2017 में अमृतसर में दो कोलोडियन बच्चों का जन्म हुआ था। दुर्भाग्यवश दोनों की चंद दिनों बाद ही मौत हो गई थी।

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