पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Makrana News Rajasthan News The Marble Merchant Was On Target The Identity Of The Barati Was Told That The Shooters Killed Him As The Target

मार्बल व्यापारी था निशाने पर, पहचान बताने वाले की बाराती से कहासुनी हुई तो शूटरों ने उसे ही टारगेट समझ मार डाला था

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दो-दो इत्तेफाक बारातियों के लिए बना बेड लक

मकराना में तीन मार्च को फायरिंग की घटना में शार्प शूटरों का निशाना एक व्यापारी था। संयोग ही रहा कि व्यापारी की कार से पहले डीडवाना से बारात में आए मोहम्मद फिरोज बल्खी व उसके साथियों की कार शूट किए जाने वाली प्रस्तावित जगह पर आकर रुक गई। शूटर बाहर के है जबकि उन्हें टारगेट की पहचान मकराना के ही एक अपराधी आरीफ लंगड़ा बताने वाला था। जिसकी घटना के वक्त कहासुनी फिरोज से हुई एवं शूटरों ने उसे ही टारगेट मानते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर भून डाला। पुलिस ने घटना के पांच दिन के भीतर मामले का पर्दाफाश किया, जिसमें वारदात का पूरा घटनाक्रम फिल्मी अंदाज में बुना गया था। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर तीन जनों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में और गिरफ्तारियां होना बाकी है। मामले के अनुसार 3 मार्च को मृतक फिरोज बल्खी अपने साथी नवाब अली, युसूफ, अबरार, असलम व फिरोज अहमद के साथ मकराना में शादी समारोह में शामिल होकर वापस स्विफ्ट कार से डीडवाना जा रहा था। रात्रि करीब 8:15 बजे फायरिंग में उसकी हत्या हो गई।

पांच दिन में खुलासा : चार बदमाशों की अब भी तलाश, मामले में और भी नाम संभव


पुलिस टीमों ने घटना में प्रयुक्त बाइक के बारे में जानकारी जुटाई जो सलीम उर्फ जगदीश पुत्र सदीक निवासी कच्ची फाटक मकराना की होना पाई गई। यह भी पता चला कि वह लगातार मुल्जिम समीर के सम्पर्क में था। पुलिस टीम ने सलीम उर्फ जगदीश को दस्तयाब कर पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वारदात के दिन 3 मार्च को आरिफ लंगड़ा, अकबर उर्फ अकबरिया, समीर भाटी व समीर के तीन अन्य साथी सलीम के कच्ची फाटक स्थित मकान पर गए थे। वहां से सभी गांगवा रोड पर गए एवं शराब पीकर मकराना के एक व्यापारी की हत्या करने की योजना बनाई। इसमें टारगेट व्यापारी की पहचान आरिफ लंगड़ा को करवानी थी। एसपी डॉ. विकास पाठक के सुपरविजन में एएसपी डीडवाना नितेश आर्य, सीओ मकराना सुरेश कुमार सांवरिया, सीओ डीडवाना गणेशाराम चौधरी के नेतृत्व में मकराना थानाधिकारी जितेन्द्र चारण, थानाधिकारी परबतसर सुभाष चन्द, थानाधिकारी डीडवाना जगदीश प्रसाद मीणा, एचसी करामत खां, पर्वत सिंह आदि की टीमें बनाई। टीमों ने मामले में अकबर अली पुत्र मुस्तफा गैसावत नदी मोहल्ला, मोहम्मद आरीफ पुत्र अब्दुल सलाम गहलोत निवासी दो मस्जिद कसाई मोहल्ला एवं मोहम्मद सलीम उर्फ जगदीश पुत्र सदीक निवासी कच्ची फाटक मकराना को गिरफ्तार किया। समीर भाटी व उसके साथी तीन शूटरों की तलाश जारी है।

बदमाशों की गफलत ने बेगुनाह फिरोज की जान ले ली, 3 बदमाशों को कर लिया गिरफ्तार


मकराना. पुलिस गिरफ्त में तीनों अपराधी।

सुरक्षा कारणों से जो व्यापारी टारगेट था उसे सामने नहीं ला रही पुलिस: पुलिस ने शूट्स के टारगेट पर रहे व्यापारी को आगाह कर दिया है। उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है। उन्हाेंने किस अदावत से अथवा किसके कहने पर व्यापारी को उड़ाने का प्लान बनाया इसके बारे में फिलहाल पुलिस ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया है। व्यापारी को मारने के लिए शूटरों के मकराना आने की खबर भी चिंताजनक है।

योजना के अनुसार तीनों गांगवा रोड से मंगलाना रोड होते हुए मकराना पहुंचे। रास्ते में पुलिस नाकाबंदी देख रास्ता बदला व नायकों की ढाणी होते हुए जूसरी तिराहा पहुंचे। वहां पर पल्सर बाइक को समीर भाटी द्वारा बुलाए शूटरों ने ले ली जबकि समीर ने सलीम उर्फ जगदीश, अकबर एवं आरीफ को अपनी कार में बैठा लिया।

उन्होंने योजना अनुसार जूसरी तिराहा पर आकर कार को मालियों की ढाणी के रास्ते पर खड़ी कर दी। आरीफ लंगड़ा को शार्प शूटरों को टारगेट बताना था, जिसके चलते वह तिराया पर चाय की होटल की तरफ रवाना हुआ। इसी दौरान व्यापारी की कार से पहले ही बाराती मोहम्मद फिरोज बल्खी की कार रुक गई एवं फिरोज दरवाजा खोल नीचे उतरा। इस दौरान दरवाजा आरिफ लंगड़ा से टकरा गया, जिससे फिरोज व आरिफ लंगड़ा की कहासुनी हो गई। शार्प शूटर्स को इससे गफलत हो गई एवं उन्होंने कार से पानी लेने उतरे फिरोज बल्खी को ही टारगेट समझकर उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें फिरोज की मौके पर ही मौत हो गई एवं उसके साथी नवाब के कूल्हें गोली लगने से घायल हो गया। शूटर्स मर्डर के बाद वहां से फरार हो गए। घटना के दिन ही दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित कर बता दिया था कि मृतक मो. फिरोज बल्खी की किसी से रंजिश नहीं थी। वह कुछ दिन पहले ही विदेश से डीडवाना आया था एवं अधिकांश समय विदेश में ही नौकरी करते बिताया था। शूटर्स की गफलत के कारण वह अकाल मौत का शिकार हो गया।

सीसीटीवी में दिखी पल्सर बाइक से बदमाशों तक पहुंची पुलिस: पुलिस ने दुकानों, ढाबों व रास्तों पर मौजूद घरों व सीसीटीवी फुटेज खंगाले व हमलावरों के बारे में जानकारी ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि हमनसचा पल्सर बाइक से आए थे। पुलिस को यह भी पता चला कि समीर भाटी नामक अपराधी घटना के दिन मकराना आया हुआ था जिसके विरुद्ध पूर्व में भी लूटपाट एवं संगीन अपराध के अनेक प्रकरण दर्ज हैं।

1. जहां बदमाश टारगेट का इंतजार कर रहे थे उसी जगह बारातियों की कार रुकी।

2. कार का गेट टच होने से पहचान बताने वाला बारातियों से उलझा, तब शूटर उन्हें ही टारगेट मान बैठे।
खबरें और भी हैं...