बोरावड़ में फ्लोरोसिस निराकरण को लेकर हुई कार्यशाला

Nagour News - कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार को जापान के सहयोगी प्रोजेक्ट जायव्य की ओर से जन स्वास्थ्य...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 05:55 AM IST
Rid News - rajasthan news workshop on the removal of fluorosis in borod
कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार को जापान के सहयोगी प्रोजेक्ट जायव्य की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की भागीदारी में फ्लोरोसिस निराकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पीएमएससी के कोआर्डिनेटर कमलेश तथा शाकिर गौरी ने बताया कि इस दौरान आशा सहयोगिन तथा एएनएम को फ्लोराइड युक्त पानी से होने वाली बीमारियों तथा उनके निराकरण जी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीएचसी के प्रभारी डॉ. सुनील बिश्नोई ने बताया कि फ्लोराइड मुख्यतया भोजन सामग्री के साथ हमारे शरीर में पहुंचता है। फ्लोरीन एवं हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल औद्योगिक-स्थलों से श्वसन के माध्यम से भी शरीर में प्रविष्ट हो सकते हैं, जहां पर ये रसायन प्रयोग में लाए जाते हैं और कार्य करने वाले व्यक्ति कार्य के दौरान इनके संपर्क में आते हैं।फ्लोरीन एवं फ्लोराइड, फ्लोरीडेटेड दंत उत्पादों, फ्लोरीनयुक्त दवाओं के प्रयोग से भी शरीर में प्रविष्ट हो सकता है। शरीर में फ्लोराइड के प्रवेश के विभिन्न स्रोतों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि किसी रोगी की विगत समय की जानकारी प्राप्त करने के साथ उसका उपचार किया जाए। उन्होंने बताया कि फ्लोरोसिस रोग तीन रूपों में होता है। दंत फ्लोरोसिस दांतों को प्रभावित करता है। दूसरे प्रकार के अ-कंकालीय फ्लोरोसिस इसका शरीर के सभी कोमल तंतुओं, अंगों एवं प्रणालियों पर प्रभाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रकार की शिकायतें होती है। वही तीसरे प्रकार का कंकालीय फ्लोरोसिस शरीर की अस्थियों एवं जोड़ों को प्रभावित करता है।

बोरावड़. कार्यशाला में आशा तथा एएनएम को जानकारी देते हुए।

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