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अब थ्रीडी तकनीक से प्रयोग करेंगे साइंस स्टूडेंट्स, बनेगी आधुनिक लैब

3 वर्ष पहले
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शिक्षा के आधुनिकीकरण में एसपीसी जीसीए का भी नाम जुड़ने वाला हैं। जीसीए में साइंस विभाग के सारे प्रयोग अब थ्री डी तकनीक के आधार पर होंगे। यह साइंस लैब सेंट्रलाइज्ड होगी। जिससे इस तरह के सभी कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। चार माह पहले मिली इस मंजूरी पर काम अगले माह से शुरू होगा। इसके लिए आयुक्तालय खुद राशि खर्च करेगा। जीसीए को सिर्फ लैब के लिए भवन और जरूरत के आधार पर फर्नीचर ही उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

एसपीसी जीसीए में स्मार्ट सेंट्रलाइज्ड साइंस लैब का काम चुनाव के बाद शुरू हो जाएगा। इस लैब को आयुक्तालय से करीब चार माह पहले ही मंजूरी मिल गई थी। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार प्रदेश के छह संभाग के बड़े कॉलेजों का इसके लिए चयन किया गया है। लैब में आधुनिक तकनीक से काम होगा और यह थ्रीडी बेस तकनीक होगी। जिससे विद्यार्थियों को कोई भी चीज समझने में आसानी होगी और कैमिकल्स आदि का खर्च भी खत्म हो जाएगा।

इसलिए होगी अनोखी लैब
इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी जूलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि लैब इस मायनों में अनोखी होगी कि इससे विद्यार्थियों में यह डर खत्म हो जाएगा कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। इस लैब में साइंस के सभी विभागों के प्रेक्टिकल मल्टीमीडिया वर्चुअल रियलिटी के जरिये होंगे। जिसमें विद्यार्थी आसानी से किसी भी चीज के बारे में पूरी डेप्थ में जाकर जानकारी ले सकता है। यदि उसे दिल से संबंधित जानकारी लेने होगी तो एक कमांड देने पर स्क्रीन पर दिल की सारी प्रोसेस सामने होगी और फिर वह दिल के जिस हिस्से की उसे जानकारी लेनी होगी वह वहां तक जा सकता है।

एनिमल पर भी हो सकेंगे प्रयोग
कई साल पहले एथिकल कमेटी ने लैबों में जानवरों पर होने वाले प्रयोगों को बंद कर दिया था। ऐसे में जूलॉजी के विद्यार्थियों को खासी दिक्कत आ रही थी। इस लैब से यह दिक्कत भी खत्म हो जाएगी और वर्चुअल रियलिटी के जरिये वह यह प्रयोग भी कर सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि किसी जानवर की जान भी नहीं जाएगी और विद्यार्थी को लाइव प्रयोग का अनुभव भी हो जाएगा।

आयुक्तालय ने भेज दिया है प्लान
डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि आयुक्तालय ने इस लैब का सारा प्लान करके भेज दिया है। इस प्लान के तहत हमने नई बिल्डिंग में लैब तय कर दी है। यह काम राजस्थान सरकार के आईटी एंड कम्यूनिकेशन विभाग को सौंपा गया है। जिसे विभाग के सेक्रटरी अनिल अरोड़ा देख रहे हैं। इसके लिए 13 और 14 नवंबर को कॉलेज के दो शिक्षक डॉ. मुकेश शर्मा और केमेस्ट्री की एचओडी डॉ. रेणु को जयपुर में ट्रेनिंग भी दी गई है।

इस लैब के लिए तैयारियां की जा रही है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा। जगह तय कर दी गई है। इसके शुरू होने से संभाग के विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। सरकारी संस्थाओं के रिसर्च स्कॉलर्स भी इसका फायदा उठा सकेंगे। - डॉ. स्नेह सक्सेना, प्राचार्य एसपीसी जीसीए

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