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परिषद को अभी तक किराए पर नहीं मिल पाई डिविडिंग मशीन

Nagour News - शहर में जलाशय तो हैं लेकिन वे जलकुंभी और गंदगी से अटे पड़े हैं, जिन्हें गहरा करवाने और साफ सफाई के नाम पर कागजों में...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 04:36 AM IST
PHEE News - the council has not yet been able to rent the dividing machine
शहर में जलाशय तो हैं लेकिन वे जलकुंभी और गंदगी से अटे पड़े हैं, जिन्हें गहरा करवाने और साफ सफाई के नाम पर कागजों में भले ही लाखों रुपए खर्च कर दिए गए हैं लेकिन सच तो ये है कि नगर परिषद को तालाबों की सफाई के लिए अभी तक किराए पर डिविडिंग मशीन नहीं मिल पाई है। यदि नगर परिषद उदयपुर से डिविडिंग मशीन किराए पर मंगवा ले तो उसे लाखों रुपए खर्च कर तालाबों की सफाई का ठेका करने की जरूरत नहीं रहेगी और लाखों का काम कुछ हजार रुपए बतौर किराए के अदा कर तालाबों की सफाई का काम शीघ्रता से करवाया जा सकेगा।

शहर का डायलाब, राजतालाब, नाथेलाव और बाई तालाब की हालत काफी खराब है लेकिन फिर भी इनकी सफाई के लिए नगर परिषद प्रशासन गंभीरता से डिविडिंग मशीन किराए पर मंगवा कर तालाबों से जलकुंभी की सफाई करवाने की कार्यवाही को अंजाम नहीं दे रहा है। यही कारण रहा कि अनंत चतुर्दशी और अन्य अवसरों के लिए तालाबों को साफ करवाने शहर के युवाओं ने नाराजगी तक जताई थी।

बोर्ड बदले, लेकिन तालाबों की हालत में सुधार नहीं

नगर परिषद के बोर्ड बदलते गए लेकिन इन तालाबों का सीमांकन नहीं करने से ये तालाब अतिक्रमण के शिकार होते जा रहे हैं। लोग तालाबों के पेटे में अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहे हैं और बारिश के दौरान ये ही लोग जिला प्रशासन और सरकार के लिए खासी मुसीबत बन जाते हैं। जिन्हें समय रहते नहीं हटाने से बारिश में तालाबों के किनारों पर और पेटे में बनाए गए मकानों के जलमग्न होने का खतरा बना रहेगा। जिम्मेदार अधिकारी जानते सब कुछ हैं लेकिन इस माामले में प्रभावी कार्यशैली नहीं अपनाए जाने का खामियाजा शहर की जनता को ही भुगतना पड़ता है। गौर तलब है कि नगर परिषद में फिलहाल कार्यवाहक आयुक्त हैं लेकिन अब समय आ गया है कि सभापति और परिषद के बोर्ड को जनहित में इस बारे में ठोस फैसला लेना होगा।

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