• Hindi News
  • Rajasthan
  • Nasirabad
  • नसीराबाद के डॉक्टर केवल रैफर करते हैं, इलाज नहीं
--Advertisement--

नसीराबाद के डॉक्टर केवल रैफर करते हैं, इलाज नहीं

Dainik Bhaskar

Mar 10, 2018, 06:10 AM IST

Nasirabad News - विधायक रामनारायण गुर्जर ने विधानसभा में चिकित्सा और लोक स्वास्थ्य पर चर्चा के दौरान कहा कि नसीराबाद राजकीय...

नसीराबाद के डॉक्टर केवल रैफर करते हैं, इलाज नहीं
विधायक रामनारायण गुर्जर ने विधानसभा में चिकित्सा और लोक स्वास्थ्य पर चर्चा के दौरान कहा कि नसीराबाद राजकीय अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को केवल रैफर टू जेएलएन करते हैं, इलाज नहीं करते। कई बार छोटी मोटी बीमारियों वाले मरीजों को भी रैफर कर दिया जाता है। वे इसके लिए जेडी से लेकर मंत्री तक को बता चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। नसीराबाद अस्पताल के रात्रिकालीन डॉक्टर भर्ती मरीजों को 9 बजे ये कहकर घर भेज देते हैं कि सुबह 8 बजे आकर वापस भर्ती हो जाना। पूरी रात सभी ड्यटीरत नर्सिंगकर्मी, कंपाउण्डर और वार्ड ब्वाय, स्टाफ के कमरे में और डॉक्टर अपने कमरे में सोते हैं। रात में किसी मरीज की तबियत घर पर बिगड़ती है तो उसके परिजन उसे वापस अस्पताल लाकर इलाज कराते हैं। अस्पताल में बदइंतजामी का आलम ये है कि सोनोग्राफी का डॉक्टर लगभग 15 दिन के लिए छुट्टी पर गया तो दूसरा डॉक्टर नहीं लगाया गया और मरीजों को प्राइवेट सेंटरों पर सोनोग्राफी करवानी पड़ी। फ्री दवा के 4 काउंटर होने के बावजूद कभी एक और कभी केवल 2 काउंटर ही होते हैं।

अस्पतालों में नहीं सफाई, हालात दयनीय : राजकीय अस्पताल के शौचालयों के हाल दयनीय हैं। विधायक रामनारायण गुर्जर ने श्रीनगर, पीसांगन और नसीराबाद अस्पताल तीनों की ही हालत सफाई के मामले में अत्यंत खराब बताते हुए इसे सुधारने की मांग की।

विधानसभा में बोले विधायक

राजकीय अस्पताल में अव्यवस्थाओं व लापरवाही के विभिन्न मुद्दे उठाए

23 में से 15 डॉक्टर करते हैं अपडाउन

गुर्जर ने नसीराबाद के 23 में से 15-16 डॉक्टरों द्वारा रोज अजमेर से अपडाउन करने, आउटडोर के पूरे समय के दौरान सीट पर नहीं बैठने के आरोप भी लगाए। डॉक्टरों के निवास की अाकस्मिक जांच करवाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टरों को ये बताया जाता है कि नसीराबाद में रहोगे तो 5-6 हजार प्रतिमाह मकान किराया लगेगा। सभी डॉक्टर मिलकर जेडी को एकमुश्त रकम दे दो और आराम से अपडाउन करो। गुर्जर ने अस्पताल की एंबुलेंस कभी काम में नहीं आने, फर्जी रूप से लॉगबुक भरने और डीजल के पैसों को खुर्द बुर्द कर लेने के आरोप भी लगाए। श्रीनगर अस्पताल का हाल बताते हुए कहा कि वहां केवल एक डॉक्टर है जो 24 घंटे ड्यूटी नहीं दे सकता। इसलिए रात को अस्पताल के ताले लगा दिए जाते हैं।

X
नसीराबाद के डॉक्टर केवल रैफर करते हैं, इलाज नहीं
Astrology

Recommended

Click to listen..