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देश के विकास में आयकर की बड़ी भूमिका है-मीणा

Nasirabad News - संयुक्तआयकर आयुक्त श्रवण कुमार मीणा ने कहा कि देश के विकास में आयकर की बड़ी भूमिका है और आयकरदाता को इस बात का गर्व...

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 10:36 AM IST
देश के विकास में आयकर की बड़ी भूमिका है-मीणा
संयुक्तआयकर आयुक्त श्रवण कुमार मीणा ने कहा कि देश के विकास में आयकर की बड़ी भूमिका है और आयकरदाता को इस बात का गर्व करना चाहिए कि ये देश उसके पैसे से चल रहा है। वे स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में अग्रिम कर भुगतान एवं कर आधार विस्तारण विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

संयुक्त आयुक्त मीणा ने कहा कि आयकर विभाग व्यापारियों की आय आयकर लगाकर छीनता है इस सोच को रखने के कारण ये विभाग बुरा लगता होगा लेकिन यदि आयकर दाता और आमजन विहंगम रूप से सोचेगा तो उसे पता लगेगा कि देश के विकास में 50 प्रतिशत से ज्यादा योगदान आयकर का होता है और ये पैसा देश के स्वास्थ्य, उर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और शिक्षा आदि के विकास पर खर्च होता है। जब आयकरदाता इस तरीके से सोचने लगेगा कि देश के विकास में उसका भी योगदान है तो उसे आयकर विभाग कमाई छीनने वाला नहीं बल्कि देश के विकास के लिए राजस्व संग्रहण करने वाला महत्त्वपूर्ण विभाग लगने लगेगा।

संयुक्त आयुक्त मीणा ने बताया कि प्रगतिशील समाज में सीधा करारोपण उपयोगी रहता है क्योंकि इसमें कर केवल योग्य करदाता से ही किया जाता है जबकि अप्रत्यक्ष करारोपण में उसकी वसूली गरीबों से भी हो जाती है जो अनुचित है। आयुक्त मीणा ने आह्वान किया कि आमजन ये सोच रखे कि ये देश मेरे पैसे से चल रहा तो उसकी आयकर से नाराजगी भी दूर होगी तथा वह स्वंय ईमानदारी से कर देने के लिए प्रेरित भी होगा। सेमिनार के आरंभ में स्थानीय कर सलाहकारों आर.के. सिंहल, रितेश जैन, मुकेश ख्यानी, चंचल गर्ग, ज्ञानेंद्र गर्ग आदि ने कर अधिकारियों को स्वागत किया। आयकर उपायुक्त डी.बी. दत्ता ने सेमिनार के आरंभ में अग्रिम कर और आयकर के बारे में जानकारी देकर बताया कि गत वित्तीय वर्ष में लगभग 91 लाख नए करदाता बने जो अपने आप में एक रिकार्ड है। उपायुक्त दत्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि नए करदाता होने से कर प्राप्ति भी बढ़ेगी और देश के विकास हेतु ज्यादा फंड उपलब्ध होंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट इनसाइड की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में अधिकांश निवेश सोने, प्रोपट्री, जमीन और फिक्स डिपोजिट आदि में होता है जो अनुत्पादक निवेश है। उपायुक्त दत्ता ने बताया कि आयकर विभाग अब ऐसे नए क्षेत्रों को विकसित करने का प्रयास करेगा जिनमें निवेश उत्पादक साबित हो। सेमिनार को सीए कार्तिक सिंहल ने भी संबोधित किया और बताया कि नागरिक जब तक आयकर रिटर्न भरने का महत्त्व नहीं समझेंगे तब तक वे पिछड़े रहेंगे क्योंकि आयकर रिटर्न मात्र आयकर विभाग को हिसाब देना नहीं है बल्कि वह नागरिक विशेष के लिए उसका आर्थिक प्रमाणपत्र है जिससे बैंक उसे ऋण देने की सीमा तय करता है, देश वीजा देते समय नागरिक की योग्यता तय करते है और बीमा कंपनिया नागरिक का बीमा करने के लिए उसके बीमित मूल्य का अाकलन करती है।

जब तक नागरिक इन सभी महत्त्व नहीं समझेगा वह आयकर से दूर भागता रहेगा और स्वंय का नुकसान करेगा। सिंहल ने कर वंचना और कर नियोजन में अंत भी समझाया और आम नागरिकों को आयकर विवरणी भरकर टैक्स देने तथा अपनी पूंजी ज्यादा से ज्यादा निर्माण करने की सलाह दी। सेमिनार के अंत में आयकर अधिकारी आर.के. जैन ने कहा कि वे जन्म से नसीराबाद के है और अधिकारियों को ये विश्वास दिलाते है कि यहां के व्यापारी, नागरिक विभाग के लक्ष्य पूरे करने में पूरा सहयोग करेंगे। समापन के समय हितेश गुर्जर सीए ने, ख्यानी ने तथा विनोद जैन सीए ने अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।

नसीराबाद. अग्रवाल धर्मशाला में अग्रिम कर भुगतान एवं कर आधार विस्तारण विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते मीणा सेमिनार में उपस्थित व्यापारी।

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