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बिजली-पानी संकट से जूझ रहा तालाब वाला गांव खरवा

खरवा| कभी अपने तालाब के कारण और टमाटर मंडी व तरबूज की खेती के लिए जाने वाला गांव खरवा आज पेयजल पेयजल व बिजली संकट से...

Danik Bhaskar | Apr 10, 2018, 04:30 AM IST
खरवा| कभी अपने तालाब के कारण और टमाटर मंडी व तरबूज की खेती के लिए जाने वाला गांव खरवा आज पेयजल पेयजल व बिजली संकट से जूझ रहा है। पिछले लगभग तीन सप्ताह से भी अधिक समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीणों को चार-पांच दिन से बिजली की आंख मिचौनी ने परेशान कर रखा है। पीने के पानी की बात करे तो खरवा में कभी पीने के पानी का संकट नही रहा। इसी कारण राजस्व मे भले ही गांव व पंचायत का नाम खरवा हो मगर आज भी आसपास के बारह कोस के सहित स्थानीय लोग खरवा को तालाब वाले गांव से पुकारते व पहचानते हैं।

खरवा का तालाब भी अपने पानी की भराव की क्षमता के चलते शक्ति सागर तालाब के नाम से प्रसिद्ध है। खरवा के इस तालाब की सहायता से खेतो सहित अन्य उपयोग मे सहयोग मिलता रहा। मगर प्रशासनिक लापरवाही सुरक्षा व देखभाल के अभाव मे अब यह तालाब इतना उपयोगी नही रहा। खरवा टमाटर की उत्तर भारत की नामी मंडी रही वहीं यहां का खरबूजा व तरबूजा भी किसानो की समृद्धता का परिचायक रहा है। मगर अब पानी की आवक के रास्ते रुक गये। तालाब के चारो और नहरी क्षेत्र के किनारों पर अतिक्रमण ने तालाब की उपयोगिता को अवरुद्घ कर दिया। तालाब के आस पास ही बढते अवैध खनन के कारोबार ने तालाब को दूषित कर दिया। अब हालात ये है कि तालाब से और सुविघाऔ की तो बात ही क्या ग्रामीणो की प्यास भी बुझाने लायक नहीं रहा। महिलाअों को सुबह शाम पीने के पानी जुटाने के लिये इधर उधर भटकता हुआ देखा जा सकता है। बार बार बिजली लाईन संघारण के नाम पर घंटो बिजली सप्लाई अवरुद्ध रहने के बावजूद बिजली की ट्रिपिंग ने गर्मी मे लोगों का जीना दूभर कर दिया है।