• Hindi News
  • Rajasthan
  • Nathdwara
  • ग्रहणकाल में बंद रहे ठाकुरजी के पट, फिर शुद्धि के बाद खुले दर्शन
--Advertisement--

ग्रहणकाल में बंद रहे ठाकुरजी के पट, फिर शुद्धि के बाद खुले दर्शन

नाथद्वारा | संवत-2074 माघ शुक्लपक्ष पूर्णिमा बुधवार को देश भर में लगे ग्रस्तोदित खग्रास चंद्रग्रहण में वल्लभ...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:25 PM IST
ग्रहणकाल में बंद रहे ठाकुरजी के पट, फिर शुद्धि के बाद खुले दर्शन
नाथद्वारा | संवत-2074 माघ शुक्लपक्ष पूर्णिमा बुधवार को देश भर में लगे ग्रस्तोदित खग्रास चंद्रग्रहण में वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी प्रभु की हवेली मे ग्रहण काल के दौरान मंत्र-जाप और मोक्ष के बाद भरपूर दान-पुण्य किया। बुधवार को ग्रहण होने से श्रीनाथजी प्रभु की हवेली में दर्शनों के समय में भी बदलाव रहा। मंगला दर्शन 5 बजे खुले, वहीं भोग आरती की झांकी के दर्शन दोपहर 3.15 बजे और ग्रहण के दर्शन शाम 5.15 बजे से 3 घंटे तक खुले रहे। ग्रहण होने से बुधवार को शृंगार और ग्वाल की झांकियों के दर्शन अंदर होने से राजभोग दर्शन में भीड़ रही। ग्रहण का स्पर्श शाम 5.18 मिनट, मध्य रात्रि 7 बजे, गोदान रात्रि 7 बजे, मोक्ष रात्रि 8.42 बजे हुआ। ग्रहण का कुल पर्वकाल 3.24 मिनट रहा। ग्रहण काल से पूर्व ही लोगों ने खान-पान ग्रहण कर लिया। श्रीनाथजी प्रभु की वस्त्र सेवा सब कोरी अंगीकार कराकर रसोई, बालभोग और पात्रों में डाब रखकर शुद्धि की। ग्रहण के स्पर्श से पूर्व ठाकुरजी की आरती उतारी। स्पर्श से ठीक पहले झारी, बंटा और दूध घर की सामग्री उठा ली गई। इसके बाद ग्रहण की विशेष झांकी के दर्शन खुले। ग्रहण पर गो स्वर्ण रजत, अन्न, कपड़े, खिचड़ी और घृत का डिब्बा दान देने का संकल्प श्रद्धा और शक्ति अनुसार लिया गया।

दर्शन मे उमड़ी भक्तों की भीड़ : ग्रहण के दौरान श्रीनाथजी प्रभु की विशेष झांकी के दर्शन मे भक्तों की भीड़ रही। दर्शन खुलने से पहले ही मंदिर के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हो गई।

लेने-देने वालों की लगी कतारें : ग्रहण मोक्ष के बाद दान लेने के लिए मंदिर परिसर और परिक्रमा, नया बाजार, प्रियतम पथ, चौपाटी, बड़ाबाजार, मे सड़क किनारे दान लेने वालों की कतारें रही।

दिवेर में महाराणा प्रताप स्मारक पर ऐसा दिखा चंद्रग्रहण

देवगढ़. तस्वीर चंद्रग्रहण काल के वक्त दिवर में महाराणा प्रताप स्मारक की है। चेतक घोड़े पर सवार प्रताप के पीछे चंद्रग्रहण की तस्वीर देवगढ़ पूर्व राजघराने के वीरभद्रसिंह चूंडावत ने भास्कर को भेजी हे।

X
ग्रहणकाल में बंद रहे ठाकुरजी के पट, फिर शुद्धि के बाद खुले दर्शन
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..