नाथवाड़ा

  • Hindi News
  • Rajasthan News
  • Nathdwara News
  • एलिवेटेड रोड का फायदा 5-7 वार्ड से ज्यादा किसी को नहीं, कोर्ट जाने की तैयारी में इलाके के व्यापारी
--Advertisement--

एलिवेटेड रोड का फायदा 5-7 वार्ड से ज्यादा किसी को नहीं, कोर्ट जाने की तैयारी में इलाके के व्यापारी

शहर में ट्रैफिक की समस्या से निजात के लिए उदियापोल से कोर्ट चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड शहर के 55 में से मात्र...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 05:40 AM IST
शहर में ट्रैफिक की समस्या से निजात के लिए उदियापोल से कोर्ट चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड शहर के 55 में से मात्र 5 से 7 वार्ड के बाशिंदों को ही फायदा मिल सकेगा। 129 करोड़ की लागत वाला 1.5 किमी लम्बा यह रोड बनने से 1.6 किमी क्षेत्र का व्यापार 50 से 60 प्रतिशत तक गिर जाएगा। सबसे ज्यादा नुकसान हाेटल, रेस्टोरेंट और ट्रेवल एजेंसियों को होगा। भास्कर ने जब शहर के लोगों, व्यापारियों से बात की और ट्रैफिक के एंगल को समझा तो सामने आया कि शहर का बड़ा हिस्सा ट्रैफिक के लिहाज से इसका उपयोग ही नहीं कर पाएगा। एलिवेटेड रोड से आवाजाही का फायदा शहर के 5-7 वार्ड को छोड़कर और किसी भी क्षेत्र के लोगों को नहीं होगा। वॉल सिटी के 17 वार्ड के लिए फ्लाईओवर की जरूरत नहीं। इसके अतिरिक्त अन्य सभी वार्ड को भी साथ ले लिया जाए तो 5-7 वार्ड से ज्यादा को फायदा नहीं मिलेगा। इसमें वार्ड 1, वार्ड 3, वार्ड 4, वार्ड 37, वार्ड 41, वार्ड 51, वार्ड 54, वार्ड 55 को ही फायदा मिलेगा। बता दें कि इस प्रोजेक्ट के लिए 61 हजार 891.52 वर्ग फीट (0.5752 हैक्टेयर) जमीन अवाप्त होगी। इसमें प्राइवेट जमीन के साथ ही एमबी अस्पताल की जमीन भी शामिल है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 21 हजार 993.44 वर्ग फीट आबादी की प्राइवेट जमीन और 39 हजार 898.08 वर्ग फीट जमीन एमबी अस्पताल की अवाप्त की जाएगी।

चिंता यह भी कि प्रभावित हो रहे प्रमुख बाजारों में चौपट हो जाएगा 60 फीसदी तक बिजनेस

वॉल सिटी के लोगों को सामान्य रास्ता ही चुनना होगा, प्रमुख कार्यालयों के लिए भी बेमानी










इन्हें होगा नुकसान

ट्रैवल एजेंसी ऑफिस 40

कार डेकोर दफ्तर 30 से 35

बैंक शाखाएं 25 से 30

रेस्टोरेंट 20 से 25

होटल 30 से 35

पेट्रोल पम्प 03

निगम-प्रशासन की तैयारी से बढ़ी चिंता

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद उनका व्यापार 50 से 60 प्रतिशत तक गिर जाएगा। सबसे ज्यादा नुकसान ट्रेवल एजेंसियों के दफ्तर और होटल-रेस्टोरेंट को होगा। प्रशासन ने भूमि अवाप्ति और फ्लाईओवर की जद में आ रहे भवनों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित करने की शुरुआत कर दी है। यह देख क्षेत्र के 175 से 200 व्यापारियों ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। इनका कहना है कि फ्लाईओवर नियम विरुद्ध बन रहा है। इसका उदयपुर के लिहाज से कोई उपयोग नहीं है।

काम नियमों से हो, लोगों को परेशानी न हो : सिंघवी

उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और व्यापारी पारस सिंघवी ने कहा कि एलिवेटेड रोड अच्छी चीज है मगर क्या उदयपुर के परिप्रेक्ष्य में यह आवश्यक है। अगर यह बन भी रहा है तो इसका निर्माण नियमानुसार होना चाहिए और इससे लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। मगर सबकुछ नियमों के विरुद्ध हो रहा है।

इधर, प्रशासन को मिलीं 38 आपत्तियां, कारोबार की चिंता वाले सबसे ज्यादा

एलिवेटेड रोड काे लेकर एडीएम प्रशासन सीआर देवासी के समक्ष 38 प्रभावितों ने आपत्तियां दर्ज करवा दी हैं। प्रभावित लोग 4 मई तक आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। सबसे ज्यादा 36 आपत्तियां उन लोगों की हैं, जिन्हें इस रोड के बनने से अपना कारोबार चौपट होने की आशंका है। इन्होंने आपत्ति में यह जिक्र भी किया है कि यह प्रोजेक्ट व्यवहारिक नहीं है।

वक्फ की जमीन के तीन दावेदार

देहली गेट चौराहे पर वक्फ की जमीन को लेकर तीन आपत्तियां दर्ज हुई हैं। तीनों ने अपना-अपना स्वामित्व जताया है। यहां बनी दुकानों में काबिज लोगों ने मांग की हैं कि जो भी मुआवजा बने, वह उन्हें उनको मिले, क्योंकि वे वर्षों से काबिज हैं। प्रोजेक्ट की जद में देहलीगेट चौराहा पर एलआईसी की जमीन भी आ रही है। एलआईसी ने भी आपत्ति दर्ज करवाई है कि जमीन उसके स्वामित्व की है। जो भी मुआवजा बने, वह एलआईसी को दिया जाए।

बैंक प्रभावित होंगे, भारी दिक्कतें आएंगी : बैंक मालिक

इंडियन ओवरसीज बैंक के भवन मलिक विजेंद्र दोसी ने बताया कि इससे बैंक काफी प्रभावित होंगे। एलिवेटेड रोड की शहर को जरूरत नहीं है। दोसी ने कहा कि तीन साल तक तो बिजनेस आना बिलकुल बंद हो जाएगा और आगे भी इससे दिक्कतें आएंगी।

तर्क | भारी ट्रैफिक काबू करना मकसद, पर वॉलसिटी के 17 वार्ड की आबादी के लिए उपयोगी नहीं

जिला प्रशासन की अगली तैयारी शुरू

4 मई तक आपत्तियां पेश की जा सकेंगी, जिसके बाद लोगों को व्यक्तिगत नोटिस देकर सुनवाई का मौका दिया जाएगा। ये लोग स्वामित्व दस्तावेज पेश करने के साथ ही आपत्ति से जुड़ा पक्ष रखेंगे। सुनवाई के बाद प्रशासन निस्तारण करेगा, जिसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

X
Click to listen..