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2 लाख का कर्ज नहीं चुका पाया, एसडीएम ने दिए 3 हैक्टेयर जमीन कुर्की के आदेश, दिव्यांग किसान ने फंदे से झूलकर की खुदकुशी

सिर्फ वही नकारात्मक खबर, जो अापको जानना जरूरी हैं। भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी हुडील ग्राम पंचायत के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 06:00 AM IST

  • 2 लाख का कर्ज नहीं चुका पाया, एसडीएम ने दिए 3 हैक्टेयर जमीन कुर्की के आदेश, दिव्यांग किसान ने फंदे से झूलकर की खुदकुशी
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    सिर्फ वही नकारात्मक खबर, जो अापको जानना जरूरी हैं।

    भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी

    हुडील ग्राम पंचायत के चारणवास में एक दिव्यांग किसान मंगलचंद (30) पुत्र गिरधारीराम मेघवाल ने फंदे पर झूलकर खुदकुशी कर ली। परिजनों का कहना है कि बैंक का कर्ज न चुका पाने पर एसडीएम ने 2 अगस्त को उसकी करीब 3 हैक्टेयर जमीन की कुर्की के आदेश जारी किए थे। उसकी जमीन की कुर्की 7 अगस्त को होनी थी। इससे तीन दिन पहले उसने यह कदम उठा लिया।

    पुलिस ने शव का कुकनवाली अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद परिजनों और किसान सभा के नेताओं ने उसका कर्ज माफ करने, मुआवजा देने और कुर्की आदेश निरस्त कराने के बाद ही शव उठाने की घोषणा कर दी। पुलिस और एसडीएम से परिजनों व किसान नेताओं की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बनी। समाचार लिखे जाने तक कुकनवाली सीएचसी की मोर्चरी से शव नहीं उठाया गया। परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह वे उठे तो मंगलचंद फंदे से झूलता मिला। चितावा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुकनवाली अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया। परिजनों ने बताया कि बैंक का कर्ज नहीं चुकाने पर एसडीएम ने बैंक के पक्ष में फैसला दिया था। 7 अगस्त को उसकी जमीन की कुर्की होनी है।

    मंगलचंद

    परिजनाें का दावा

    कुचामन सिटी. कुकनवाली अस्पताल में इकट्ठा हुए किसान और एसडीएम नावां की ओर से जारी कुर्की के आदेश।

    किसान नेता बोले-

    50 हजार की कर्ज माफी सरकार की थोथी घोषणा

    मामले को लेकर सुबह 11 बजे से कुकनवाली सीएचसी पर अखिल भारतीय किसान सभा से जुड़े नेता पहुंचना शुरू हो गए। यहां किसान नेता और हुडील सरपंच कानाराम बिजारणिया, माकपा नेता अब्बास खान के साथ ही जीवणराम शेषमा, भूराराम, पन्नाराम बिजारणिया आदि ने मृतक के भाई पूरणराम और परिजन गणेशराम, बाबूलाल को सांत्वना दी। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार 50 हजार रुपए तक की कर्जामाफी का थोथा ढोल पीट रही है। अब्बास खान ने कहा कि बैंक अधिकारी गलत तरीके से वसूली के हथकंडे अपना रहे हैं जो कि गलत है।

    पीएनबी से लिया था 2.98 लाख ऋ ण, 1.95 लाख जमा कराया

    21 जून को बैंक ने दिया नोटिस, 2.02 लाख बकाया और ब्याज 10 जुलाई तक जमा करवाने को कहा

    परिजनों ने बताया कि पीएनबी बैंक बाडलवास जिला सीकर शाखा की ओर से 21 जून को जारी नोटिस में 31 मार्च तक की कुल बकाया 202884 व ब्याज की राशि 10 जुलाई तक जमा कराने की ताकीद की गई। निर्धारित अवधि में जमा नहीं होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई। परिजनों का कहना है कि बैंक से 2.98 लाख रुपए का ऋण लिया था। जिसके बदले में उन्होंने किश्तों में 1.95 लाख रुपए जमा कराने का दावा किया है। जबकि बैंक से संपर्क करने पर मंगलचंद को बकाया रुपए की वसूली के लिए सख्ती की गई। कर्ज की वसूली नहीं होने पर बैंक के आवेदन पर एसडीएम नावां से नीलामी आदेश जारी कर दिया गया। जिसमें 7 अगस्त को किसान मंगलचंद और उसके परिजनों की 3.05 हैक्टेयर भूमि की नीलामी करने की जानकारी दी गई थी।

    मामले की जानकारी मिलने पर हम सीएचसी कुकनवाली पहुंचे। यहां परिजन और किसान नेताओं से समझाइश की है। नियमानुसार किसान परिवार को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसान मान नहीं रहे हैं, समझाइश के प्रयास जारी है। -रामसुख गुर्जर, एसडीएम, नावां

    मंगलचंद की आत्महत्या मामले में कुकनवाली सीएचसी की मोर्चरी में रखे शव को लेने से इनकार करते हुए परिजनों और किसान नेताओं ने प्रशासन के समक्ष मांगें रखी। उनका कहना था कि पीएनबी बाडलवास की शाखा में जो कर्ज है, उसे माफ करें और कर्ज की एवज में एसडीएम द्वारा जारी किया गया कुर्की आदेश निरस्त किया जाए। इसके साथ ही परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने और कर्ज वसूली के लिए प्रताड़ित करने वाले बैंक अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग रखी। पहले प्रशासन को मांगें मौखिक बताई गई। बाद में शाम को लिखित में मांग पत्र सौंपा गया।

    कुकनवाली अस्पताल में इकट्‌ठा हुए किसान: युवक की खुदकुशी की सूचना मिलने के बाद किसान और किसान नेता कुकनवाली अस्पताल में इकट्‌ठे हो गए। सरकार की कर्जा माफी के दिखावे की निंदा की और विरोध जताया। दोपहर 1 बजे मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम हो गया। लेकिन परिजनों व किसान नेताओं ने प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया। सूचना पर एसडीएम रामसुख गुर्जर, सीओ मकराना रामचंद्र नेहरा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने किसान परिवार और नेताओं से वार्ता कर समझाइश का प्रयास किया। लेकिन समाचार लिखे जाने तक शव उठाने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। गौरतलब है कि मृतक युवक मंगलचंद दिव्यांग होने के साथ ही अविवाहित भी था।

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