• Hindi News
  • Rajasthan
  • Neem Ka Thana
  • मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद
--Advertisement--

मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद

Neem Ka Thana News - अपर सेशन न्यायाधीश शिवकुमार प्रथम ने जीलो गांव में मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 05:40 AM IST
मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद
अपर सेशन न्यायाधीश शिवकुमार प्रथम ने जीलो गांव में मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीपी मातादीन मीणा ने बताया कि पाटन थाने में रामवतार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया गया कि 12 नवंबर, 2015 को मृतक रामसहाय व परिवार के लोग घर पर थे। रात आठ बजे पूरण, विक्रम, धर्मपाल पुत्र राधेश्याम लाठियां लेकर उसके घर आए और गाली-गलौच करने लगे। रामसहाय, बर्फी देवी व प्रियंका घर से बाहर निकले तो तीनों लाठियां व लात-घूंसों से मारपीट करने लग गए। रामसहाय को गंभीर चोटें आई। उसे पाटन से नीमकाथाना और फिर जयपुर रैफर किया गया।

जयपुर में इलाज के दौरान रामसहाय की मौत हो गई। इससे पहले 12 नवंबर को दिन में शिवमंदिर के पास आरोपियों ने बर्फी देवी के साथ गाली-गलौच की थी। पुलिस ने पूरण, विक्रम व धर्मपाल को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। जांच के बाद उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में चालान पेश किया था। पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने धारा 341, 323, 302/34 में आरोपियों को आरोपित करने के आदेश दिए थे।

पीड़ित पक्ष की ओर से एडीपी मातादीन मीणा व एडवोकेट सत्यनारायण सैनी ने पैरवी की। पीड़ित पक्ष ने सुनवाई के दौरान 16 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला दिया।

इन धाराओं में सुनाई सजा

फैसले में आरोपी पूरणमल, विक्रम व धर्मपाल पुत्र राधेश्याम मीणा को धारा 341 में दोषी मानते हुए एक माह का साधारण कारावास व 200-200 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 323 में तीनों को छह माह कठोर कारावास व 500-500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 302 विकल्प में 302/34 में तीनों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 10-10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।

फैसला सुनने दो भाई घर से आए, एक था जेल में

कोर्ट में फैसला सुनने के लिए विक्रम व धर्मपाल जीलो से आए, वहीं पूरण को पुलिस लेकर पहुंची। पूरणमल मीणा गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में था। आरोपी विक्रम व धर्मपाल को जमानत मिल गई थी। आजीवन कारावास की सजा होने पर पुलिस तीनों को जेल ले गई।

मृतक रामसहाय।

आरोपियों को भेजा जेल।

X
मामूली कहासुनी पर हुई हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..