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अब विधानसभा में पागलों का किस्सा, विधायक बोले-सर्जन की जरूरत

अलवर में पागल बहुत ज्यादा हैं इसलिए यहां न्यूरो सर्जन की जरूरत है,मंत्री ने समझाया कि न्यूरोसर्जन पागलों का डॉक्टर नहीं

Bhaskar News | Last Modified - Mar 10, 2018, 07:02 AM IST

अब विधानसभा में पागलों का किस्सा, विधायक बोले-सर्जन की जरूरत

जयपुर. पिछले दिनों विधानसभा में भूतों को लेकर चर्चा हुई जिसमें विधायकों ने तंत्रमंत्र से लेकर झाड़फूंक तक के सुझाव दे डाले। अब मामला भूतों से पागलों पर शिफ्ट हो गया। रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अलवर में पागलों के इलाज के लिए न्यूरोसर्जन लगाए जाने की मांग कर डाली। इस पर सदन में उनकी हंसी उड़ गई। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने उन्हें समझाया कि न्यूरोसर्जन पागलों का डॉक्टर नहीं होता बल्कि वह दिमाग का ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर होता है। लेकिन इस मसले पर सदन में भाजपा और कांग्रेस के अन्य विधायकों ने आहूजा की जमकर क्लास ले डाली।

ऐसे चला घटनाक्रम
अलवर शहर विधायक बनवारी लाल सिंघल ने शुक्रवार को प्रश्नकाल में अलवर में राजीव गांधी चिकित्सालय में न्यूरोसर्जन उपलब्ध करवाने को लेकर सवाल लगाया। स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ इसका जवाब दे रहे थे। इसी बीच अलवर के ही रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा बोले कि अलवर में न्यूरोसर्जन लगा ही दो क्योंकि यहां पागल कुछ ज्यादा हैं।

इस पर संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ बोले...माननीय सदस्य ने कोई विशेष गणना कर अलवर में पागलों की बात की है, इन पागलों का सरदार कौन है? इसके बाद कांग्रेस के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा बोले कि अलवर की जनता ने आपको चुनाव हरवा दिया इसका मतलब वे पागल थोड़े हो गए।

इस पर आहूजा बोले कि मेरे कहने का मतलब यह नहीं है और डोटासरा जी आप मेरे सवालों के बीच में मत बोला करो। राठौड़ फिर चुटकी लेते हुए बोले कि न्यूरोसर्जन दिमाग की सर्जरी करने वाला डॉक्टर होता है न कि पागलों का इलाज करने वाला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी बोले...पागलों के लिए न्यूरोसर्जन मांग रहे हैं इसलिए यहां पागल ज्यादा हैं।

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Web Title: ab vidhaansbhaa mein paagalon ka kissaa, vidhaayk bole-srjn ki jrurt
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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