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50 लाख की जिन दवाओं को नकली समझ पकड़ा, जांच में निकली नशीली

आखिर यह नशीली दवाएं आई कहां से थीं और इनकी सप्लाई कहां होनी थी।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:40 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

जयपुर. 10 दिन पहले मालवीय नगर के एक मकान से जिन 50 लाख की कीमत की दवाइयों को नकली समझकर पकड़ा गया था, असल में वो नशीली दवाइयां थी। दवाओं की सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई है कि इन दवाओं में वे सभी घटक थे, जिन्हें नशे के रूप में काम में लिया जाता है। जब इन दवाओं को पकड़ा गया तो कहा गया था कि ये दवाएं नकली हो सकती हैं और इनके सेवन से कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक इन दवाओं में जो साल्ट हैं, वे नशे के रूप में ही काम में लिए जाते हैं। क्योंकि जितनी अधिक मात्रा में यह खेप पकड़ी गई है, उसके अनुसार किसी भी तरह इन्हें दवाओं के रूप में काम में नहीं लिया जा सकता था। इस मामले में अभी तक अारोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से अभी तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि आखिर यह नशीली दवाएं आई कहां से थीं और इनकी सप्लाई कहां होनी थी। आरोपी हरीश चंचलानी पर अजमेर, बीकानेर व जयपुर में नकली दवाएं बेचने के तीन मामले पहले से चल रहे हैं जबकि अजमेर में ही उससे पेंटोसिड डीएसआर पकड़ा गया। इसके बाद हरीश का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। था। यहां तक कि उसके और उसके परिवार में किसी को भी लाइसेंस नहीं देने के निर्देश भी जारी हुए।

यह आया है रिपोर्ट में
जांच में सामने आया कि दवाओं में एल्प्राजोलाम, क्लोजानिपाम और क्लोरडाइजिपोक्साइड साल्ट हैं। ये तीनों साल्ट किसी ना किसी तरह व्यक्ति में नशा पैदा करते हैं। अधिक उपयोग में लेकर लोग नशे के रूप में उपयोग में करते हैं। कोई भी दुकानदार जहां क्लोजानिपाम व एल्प्राजोलाम को 100 ग्राम से अधिक नहीं रख सकता वहीं मालवीय नगर में यह 3 से 4 किलोग्राम तक पकड़ा गया। इसके अलावा क्लोरडाइजिपोक्साइड कोई भी 500 ग्राम से अधिक नहीं रख सकता लेकिन वह भी पांच किलोग्राम तक मिला था।

11 दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं

10 नवम्बर को मालवीय नगर स्थित हरीश चंचलानी के मकान से करीब 50 लाख रुपए की दवाइयां पकड़ी गई थी। उसके बाद यह तय नहीं हो सका था कि दवाइयां नकली हैं या नशीली। लेकिन दवाइयं इतनी अधिक थी कि एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग एंड फिजियोट्रोपिक सब्सट्रेंस एक्ट) में आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता था। लेकिन हरीश पकड़ में नहीं आया। इसके लिए सैंपल लेकर सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा गया था। लेकिन 11 दिन बाद तक भी पुलिस हरीश को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

हरीश चंचलानी के घर से दवाइयों की खेप पकड़ी थी। एनडीपीएस के तहत उसी समय उसे गिरफ्तार किया जाना था। लेकिन पुलिस ने दवाइयों की रिपोर्ट के आधार पर ही केस दर्ज करने की बात कही थी। जांच रिपोर्ट आ गई है। सभी दवाओं में नशीले घटक मिले हैं।
-अजय फाटक, ड्रग कंट्रोलर, जयपुर

मामले में अभी हम बयान ले रहे हैं। इसके बाद ही कोई कार्रवाई करेंगे। गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।
-मनोज गुप्ता, बजाज नगर, एसएचओ।