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गुर्जरों ने मांगा 50 फीसदी के अंदर 5% रिजर्वेशन, OBC कोटे पर सरकार से राय लेगी RPSC

सरकार व गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के बीच वार्ता

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 08:01 AM IST
gurjar demands fifty percentage reservation

जयपुर. गुर्जर आरक्षण सहित पांच जातियों को आरक्षण का मामला अोबीसी आरक्षण वृद्धि कानूनी पेंचों में फंसने के बाद मंगलवार को राज्य सरकार और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के बीच पहली वार्ता इंदिरा गांधी भवन मे हुई। इस वार्ता में गुर्जरों ने मांग रखी कि 21% ओबीसी आरक्षण का केटेगराइजेशन करके उन्हें पांच प्रतिशत आरक्षण तत्काल दिलाया जाएं। केंद्र भी ओबीसी आरक्षण का केटेगराइजेशन करना चाहता है। ऐसे में राज्य सरकार भी केंद्र की तरह ओबीसी कोटे के 21% सीमा में ही केटेगराइजेशन कराए।


उधर राज्य सरकार के मंत्री राजेंद्र राठौड़ और अरूण चतुर्वेदी ने गुर्जरों से कहा कि वह केंद्र और अन्य राज्यों में आरक्षण केटेगराइजेशन फार्मूले का अध्ययन कराकर ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। ऐसे में अगली बैठक 29 नवंबर को करके केटेगराइजेशन के संबंध में फैसला लिया जाएगा। बैठक में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक रिटा. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, महामंत्री शैलेंद्रसिंह एडवोकेट, कैप्टन हरप्रसाद सहित उनकी टीम मौजूद थी। समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने बताया कि बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि 1252 पदों से जुड़ी थर्ड ग्रेड टीचर्स की वेटिंग लिस्ट जल्द जारी होगी। साथ ही डार्क जाेन में लगाए गए कर्मचारियों को होम डिस्ट्रिक में लगाया जाने सहित अन्य मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई। हालांकि गुर्जरों की मुख्य मांग 50%के अंदर ही 5% आरक्षण की रखी गई।


गौरतलब है कि पिछले दिनो सुप्रीमकोर्ट ने राज्य सरकार के ओबीसी आरक्षण वृद्धि विधेयक की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि आरक्षण व्यवस्था 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। इससे पहले इस विधेयक पर हाईकोर्ट ने राज्यपाल की मंजूरी से पहले ही रोक लगा दी थी। ऐसे में राज्य सरकार इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट में गई थी । उधर सुप्रीमकोर्ट के दिशा-निर्देश की वजह से राज्य सरकार को गुर्जर सहित पांच जातियों को अलग से पांच प्रतिशत आरक्षण देने का काम रोकना पड़ा क्योंकि गुर्जर सहित पांच जातियों को अगल से आरक्षण दिया जाता तो प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था 54 प्रतिशत हो जाती, जो कि सुप्रीमकोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना जाता।

ओबीसी आरक्षण पर सरकार से राय लेगी आरपीएससी

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित कॉलेज लेक्चरर समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण दिया जाए या नहीं, इसे लेकर आयोग सरकार से राय लेगी। यह निर्णय आयोग के फुल कमीशन की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में वरिष्ठ सदस्य डॉ. आरडी सैनी, डॉ. के आर बगड़िया, सुरजीत लाल मीणा और डॉ. शिव सिंह राठौड़ व सचिव गिरिराज सिंह कुशवाहा शामिल थे। आयोग सूत्रों के मुताबिक पूर्व में आयोग की भर्ती में ओबीसी आरक्षण के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थी बाद में इस दायरे से बाहर हो गए। अब सरकार ने वापस आरक्षण देने की बात कही है।

इधर आयोग ने इस पेचीदा मामले में लीगल राय ली। लीगल राय में सामने आया कि कोर्ट के आदेश के बाद ओबीसी आरक्षण का मामला समाप्त हो जाता है। इधर, सरकार का निर्णय ओबीसी आरक्षण के पक्ष में है। ऐसे में आयोग ने निर्णय किया कि इस मामले में राज्य सरकार का ही अभिमत जाना जाए। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। आयोग द्वारा कॉलेज लेक्चरर प्रतियोगी परीक्षा 2014 में कुछ विषयों का परिणाम जारी किया जा चुका है। कुछ में साक्षात्कार प्रक्रिया जारी है। इनके लिखित परीक्षाओं के परिणाम पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। एकाध अन्य भर्ती भी इस दायरे में आ रही है।

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