Hindi News »Rajasthan News »Jaipur News »News» Bhaskar Interview With Trans Jander Ganga

सुर्खियों में आई ट्रांसजेंडर : जिस सिस्टम से लड़ी लड़ाई, अब उसी में कैसे करेगी काम

मदन कलाल | Last Modified - Nov 15, 2017, 08:36 AM IST

पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी पाने वाली प्रदेश में पहली ट्रांसजेंडर गंगा से भास्कर ने जानी उसके संघर्ष की कहानी।
सुर्खियों में आई ट्रांसजेंडर : जिस सिस्टम से लड़ी लड़ाई, अब उसी में कैसे करेगी काम
जयपुर.सुर्खियों में आई ट्रांसजेंडर गंगा की हसरत एक दिन प्रदेश में एसपी बनना है। वह खुद को नर्म दिल की मानती हैं, लेकिन महिला अत्याचार का नाम आते ही वह सख्त मिजाज बन जाती हैं। बेटियों पर किसी भी तरह के जुल्म को वे सहन नहीं सकतीं। बारहवीं तक रेग्युलर स्टूडेंट रहीं और स्नातक की पढ़ाई स्वयंपाठी के रूप में की। वे नौकरी में रहते हुए भी अपनी पढ़ाई को जारी रखेंगी। हाईकोर्ट की ओर से कांस्टेबल पद पर नियुक्ति देने के निर्देश जारी होने के बाद गंगा की खुशी का ठिकाना नहीं है। भास्कर संवाददाता के साथ साझा की गंगा ने अपने जीवन की कहानी।

Q.जिस विभाग के अफसरों ने नियुक्ति टरकाई, उसी में कैसे एडजस्ट होंगी?
A.हां, सही है कि मुझे समय पर अफसरों का साथ मिलता तो नौकरी सबके साथ लग गई होती। मद्रास हाईकोर्ट की ओर से प्रतीका मामले में दिए निर्णय से उसे विश्वास था कि एक न एक दिन अपनी लड़ाई जरूर जीतेंगी। मेरी लड़ाई अलग थी तो मैं पुलिस में रहकर भी कुछ अलग काम करके दिखाऊंगी और सबका दिल जीतूंगी।
Q.आपकी शिक्षा कहां, कैसे हुई? इस दौरान किस प्रकार की परेशानी रहीं?
A.जालौर में अपने गांव जाखड़ी के स्कूल में ही पढ़ी-लिखी। मुझे कभी अपनो ने अहसास नहीं होने दिया कि मैं कुछ अलग हूं। साथ में पढ़े-लिखे आम लड़के-लड़कियां मेरे दोस्त हैं। हम साथ में ही पढ़े-लिखे। अपने टारगेट बनाए। कॉलेज रानीवाड़ा से।
Q.मां-बाप, परिवार के बारे में। किस प्रकार प्रोत्साहन मिला।
A.पिता भीखाराम और मां कलू देवी निरक्षर हैं। इसके बावजूद मुझे कॉलेज तक पढ़ाया। वे चाहते हैं कि मैं बड़े मुकाम पर जाऊं। मैं मेहनत कर एसपी बनना चाहती हूं। उन्होंने आम बेटियों की तरह ही मेरी खूब परवरिश की है।
Q. पुलिस में जाने के पीछे की कहानी? कैसे अटक गई नियुक्ति?
A.पुलिस की रौबदार भूमिका देखते हुए शुरू से हसरत पुलिस सेवा में जाने की रही है। पुलिस बनने के बाद वे दुखियारों की बेहतर ढंग से सेवा कर पाएंगी। 2013 में 208 पदों पर निकली पुलिस भर्ती में 207 पदों पर तो नियुक्ति मिल गई, लेकिन योग्य होेने के बावजूद सिर्फ ट्रांसजेंडर होने के चलते मेडिकल जांच के बाद उसे अटका दिया गया।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: surkhiyon mein aaee traansjendar : jis sistm se lड़i Ladaaee, ab usi mein kaise karegai kam
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×