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टूरिस्ट्स पिंकसिटी की पहचान है, यहीं आवारा सांड ने ली विदेशी टूरिस्ट की जान

सांड से पर्यटक की मौत मामले में जिस अफसर को हटाया, उसे तो दो माह पहले ही हटाना था

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:28 AM IST

जयपुर. अर्जेंटीना के पर्यटक जुआन को पिंकसिटी के चौड़ा रास्ता में शनिवार को सांड ने हमला कर मार डाला। मंगलवार की रात 8:30 बजे जुआन का शव अर्जेंटीना एंंबेसी के अफसर दिल्ली ले गए। ...जुआन की मौत से लेकर उसका शव जाने तक के घटनाक्रम ने वर्ल्डक्लास और स्मार्टसिटी की बड़ी-बड़ी प्लानिंग कर रहे शासन-प्रशासन और शहर सरकार की व्यवस्थाओं में छूट रही बुनियादी कमजोरियों को उजागर कर िदया।

पिंकसिटी के बाजारों में घूमना विदेशी सैलानियों की पहली पसंंद है। जुआन भी घूम रहा था, आवारा सांड ने सींग मार दिया। घायल हुआ तो नजदीकी अस्पताल में इलाज नहीं मिला। एसएमएस रैफर किया...उस एंंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर ही नहीं था। उसने अस्पताल में दम तोड़ िदया। शव भेजने की बारी आई तो सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल सहित जयपुर के किसी अस्पताल में डीप फ्रीजर मॉर्चरी वैन भी नहीं मिली। दिल्ली से बुलवाई। शव ले जाने में इंतजार करना पड़ा। ...ये एक घटना की बानगी है। जयपुर आ रहे पर्यटकों को भी जुआन की मौत की खबर है, वे घबराए हुए हैंं।

शहर को दुनिया में शर्मसार करने वाली यह घटना भी तब, जबकि हम 2400 करोड़ रुपए से जयपुर को स्मार्ट बनाने की बातें कर रहे हैं। 500 करोड़ की प्लानिंग तो ताजा-ताजा चल रही है। इस प्लानिंग में बाजार-गलियां सजा रहे हैं। हवेलियों के रंगरोगन किया जा रहा है। बाजारों में लोगोंं के पीछे भागते कुत्ते, बंदर, गाय-सांड हटाने का जिक्र ही नहीं है। मॉडल रोड, मॉडल स्ट्रीट तय किए जा रहे हैं, मगर गड्‌ढों के कारण गिरकर मरने वालों की फिक्र बड़ी प्लानिंग में कहीं दिखाई ही नहीं देती। टॉयलेट न मिलने पर सड़क किनारे लघुशंका करने वाले लोगों की खुले तारों के कारण करंट लगने से मौतें तक हो चुकी। ये कैसी स्मार्टनेस है?


हाईकोर्ट के न्यायाधीश महेश शर्मा ने एक वर्ष पहले गौशाला व शहर के आवारा पशुओं के हालात को गंभीरता से लेते हुए इस पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की पशु प्रबंधन शाखा में उपायुक्त पद पर आरएएस की नियुक्ति के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश की अब तक पालना नहीं हुई। इस पद पर अब तक आरएमएस की ही नियुक्ति है। जिस पर्यटन पर जयपुर और राजस्थान की शान ही नहीं, काफी हद तक यहां की अर्थव्यवस्था भी टिकी हुई है, वही यहां की सड़कों पर डरा-सहमा हुआ है। पर्यटन पंडित तो यहां तक कह रहे हैं कि मौत सिर्फ अर्जेंटीना के जुआन की नहीं हुई, बल्कि उस भरोसे की हुई है जो हम पधारो म्हारे देस कहते वक्त विदेशी पावणों को दिलाते हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अब तो डर इस बात का है कि इस घटना के मद्देनजर कहीं किसी देश की एम्बेसी अपने पर्यटकों के लिए जयपुर से जुड़ी कोई एडवाइजरी न जारी कर दे। ऐसा हुआ तो पहले ही संकट से जूझ रहे पर्यटन उद्योग के लिए ये असहनीय झटका होगा।

सांड के सींग मारने से अर्जेंटीना के पर्यटक जुआन की मौत के मामले में नगर निगम ने मंगलवार को दो अफसरों को उनके मूल विभाग में भेज दिया, जबकि 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया है। चौंकाने वाली बात है कि मूल विभाग में भेजे गए पशु प्रबंधन उपायुक्त शिव भगवान गठाला सहित अन्य जिम्मेदारों को दो माह पहले ही 22 सितंबर को निगम के बोर्ड की बैठक में चार्जशीट देकर कार्यमुक्त करने का निर्णय हो गया था। लेकिन निगम प्रशासन ने उनको रिलीव नहीं किया। गठाला को स्वायत्त शासन विभाग तथा पशु चिकित्सा अधिकारी कमलेश मीणा को पशुपालन विभाग के लिए रिलीव किया गया है। पशु प्रबंधन शाखा के स्कंदपाल मोइनुद्दीन व ग्वाल मुन्ना खान व स्वास्थ्य निरीक्षक द्वितीय कुलदीप चांवरिया को सस्पेंड किया गया है। पशु प्रबंधन शाखा की लापरवाही की जांच के लिए समिति भी बनाई है। यह अर्जेंटीना के पर्यटक की मौत सहित पिछले 6 माह में घटित सभी लापरवाहियों पर 15 दिनों में रिपोर्ट देगी।

आज अर्जेंटीना जाएगा जुआन का शव

बुधवार को दिल्ली से हवाई जहाज में जुआन का शव अर्जेंटिना ले जाया जाएगा। अर्जेंटिना दूतावास की काउंसलर ने मोर्चरी पहुंचकर जुआन के शव की पहचान की। इसके बाद सभी कानूनी कार्रवाई के बाद शव को रवाना किया गया।