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9891 पंचायतें निष्क्रिय पट्‌टे वैध कर सकेंगी, सरकार ने सौंपा हक

सरकार ने 9891 पंचायतों को पट्‌टों को फिर से वैध करने के अधिकार दे दिए हैं।

Danik Bhaskar

Nov 23, 2017, 07:24 AM IST

जयपुर. सरकार ने 9891 पंचायतों को पट्‌टों को फिर से वैध करने के अधिकार दे दिए हैं। इसके लिए पंचायतीराज नियम 1996 में नियम 167क जोड़ा गया है। सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम की कड़ी में बुधवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने प्रेस क्लब में आयोजित मीट द प्रेस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब तक नियम था कि पट्‌टा जारी होने के 8 माह में पट्‌टाधारक को रजिस्ट्री करवानी होती है। रजिस्ट्री नहीं कराने पर न लोन मिलता था, न बेचान आदि की प्रक्रिया हो पाती थी। किसी वजह से ग्रामीण इस समयावधि में रजिस्ट्री नहीं करा पाते थे तो पट्‌टा निष्क्रिय हो जाता था। पंचायतों को उस पट्टे को फिर से वैध करने का पावर नहीं था।


74 लाख घरों में शौचालय निर्माण
राठौड़ ने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति कार्यक्रम में राजस्थान 2016-17 में 27.94 लाख शौचालयों का निर्माण कर पूरे देश में अव्वल रहा है। अब तक 73.75 लाख परिवारों शौचालय का निर्माण करवा चुके हैं। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत 7742 गांवों का चयन किया गया है। इनमें 2 लाख 23 हजार 319 काम पूरे करवा दिए गए हैं। इन पर 31 करोड़ 25 लाख रुपए खर्च किए गए और इनके साथ 86 लाख पौधे लगाए गए। तीसरे चरण के लिए 4200 गांवों का चयन किया गया है। इस अभियान के चलते भूमि जल पुनर्भरण अच्छा हुआ, जिससे सिंचाई क्षेत्रों में आशाजनक वृद्धि हुई।

6.75 लाख आवासों को मंजूरी

राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में 2018-19 तक 6.75 लाख परिवारों को आवास मंजूरी के लक्ष्य के विपरीत 4.44 लाख परिवार को मंजूरी दे गई है। इस योजना में अनुदान की राशि 70 हजार के बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार कर दी गई है। आवास का क्षेत्रफल भी 20 मीटर से बढ़ाकर 25 वर्गमीटर कर दिया गया है।

47 नई पंचायत समितियों और 723 पंचायतों को नए भवन अगले साल तक
राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में अगले साल तक नवसृजित 47 पंचायत समितियों एवं 723 पंचायतों को नया भवन मिल जाएगा। उन्होंने उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमारी सरकार ने 4 साल में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विकास विभाग की ओर से 48,800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी ढांचा ठीक करने के साथ ही लोगों को रोजगार मुहैया कराने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के 5 साल के कार्यकाल में ग्रामीण विकास पर सिर्फ 30,659 करोड़ रुपए खर्च किए थे। भाजपा ने कांग्रेस की तुलना में गांवों के विकास पर पचपन फीसदी से ज्यादा राशि खर्च की है। ग्राम सेवक के रिक्त 3648 पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सफल अभ्यर्थियों का अंतिम रुप से चयन किया जा चुका है और 3206 अभ्यर्थियों को जिला आवंटन भी किया जा चुका है। चार साल के दौरान 9 लाख 50 हजार पट्‌टों का वितरण किया गया।

रास्तों के विवाद सुलझाने का हक भी दिया जाएगा
राठौड़ के अनुसार सरकार पंचायतों को आबादी भूमि के रास्तों से जुड़े विवादों को सुलझाने का अधिकार भी देने जा रही है। अभी यह अधिकार राजस्व विभाग के पास है।

ऐसे छोटे से छोटे विवाद में खून-खराबे या लड़ाई-झगड़े तक की नौबत आ जाती है और ये बड़े विवाद का कारण भी बन जाते हैं। इस फैसले से सालों से विवादित मामलों को सुलझाने में सहायता मिलेगी। खातेदारी की भूमि का विवाद सुलझाने का अधिकार भी अब पंचायतों को दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार का यह एक और बड़ा निर्णय है।

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