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अफसर का आरोप- कलेक्टर बंगल में किडनैपिंग की काेशिश, मेरी जान को खतरा

आरएएस अफसर परशुराम धानका के सनसनीखेज आरोपों से ब्यूरोक्रेसी में हलचल।

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2017, 06:39 AM IST
राजेंद्र भट्‌ट और परशुराम धान राजेंद्र भट्‌ट और परशुराम धान

जयपुर. प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में उस समय हलचल मच गई, जब डूंगरपुर जिला परिषद के सीईओ और आरएएस अफसर परशुराम धानका ने आरोप लगाया कि उनका कलेक्टर परिसर में अपहरण का प्रयास किया गया। पुलिस प्रशासन के स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनकी हत्या भी कराई जा सकती है। इसलिए उनका वहां से ट्रांसफर कर दिया जाए। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव अशोक जैन और पंचायतीराज विभाग के सचिव नवीन महाजन को रिप्रजेंटेशन भी दिया।

सनसनीखेज आरोपों से ब्यूरोक्रेसी में हलचल
इस बीच, डूंगरपुर एसपी शंकरदत्त शर्मा ने कहा कि उन्हें धानका ने किसी तरह की कोई शिकायत ही नहीं दी। कलेक्टर ने आरोप झूठे बताए। दूसरी ओर, सीएस ने धानका को फिलहाल पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखने के आदेश दिए हैं। 1998 बैच के आरएएस अफसर धानका ने आरोप लगाया कि कुछ बदमाशों ने कलेक्टर आवास से उनके अपहरण का प्रयास किया। उन्हें जबरन जीप में बैठा लिया गया। वे जैसे-तैसे जान बचाकर जयपुर पहुंचे।

जयपुर में डाला डेरा, सीएस से मिले, कहा- मेरा ट्रांसफर कर दीजिए

डूंगरपुर छोड़कर जयपुर पहुंचे धानका ने मुख्य सचिव अशोक जैन और पंचायतीराज सचिव नवीन महाजन को रिप्रजेंटेशन दिया कि डूंगरपुर से तुरंत उनका तबादला नहीं किया गया तो कभी भी उनका अपहरण कर हत्या की जा सकती है। वे डूंगरपुर को छोड़कर जयपुर में ही कैंप किए हुए हैं।

कलेक्टर ने कहा- चार्जशीट से बचने के लिए नाटक कर रहे हैं धानका
डूंगरपुर के कलेक्टर राजेंद्र भट्‌ट ने कहा कि जिला परिषद के सीईओ धानका बिना बताए गायब हैं। उन्हें 17 सीसीए का चार्जशीट जारी किया जा रहा है। इससे बचने के लिए वे नाटक कर रहे हैं। जहां तक अपहरण की बात है, कलेक्टर के आवास से ऐसी घटना की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।

उधर, डूंगरपुर एसपी शंकरदत्त शर्मा ने कहा कि सीईओ का कलेक्टर आवास से अपहरण के संबंध में मेरे पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है।

धानका को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखने को कहा है : सीएस
मुख्य सचिव अशोक जैन ने कहा कि आरएएस परशुराम धानका द्वारा दिया रिप्रजेंटेशन मुझे मिल चुका है। धानका को तुरंत प्रभाव से एपीओ करने के लिए कार्मिक विभाग को आदेश दे दिया है। उच्च स्तरीय जांच कराने को लेकर अभी सरकार का कोई विचार नहीं है। पंचायतीराज सचिव नवीन महाजन ने कहा कि धानका की शिकायत आ चुकी है। इस पर उचित कार्रवाई के लिए कार्मिक विभाग को भेजा जा रहा है।

इस विवाद की असल वजह ये तो नहीं...
एक साल पहले पंचायतों में थर्ड ग्रेड टीचर्स की भर्ती हुई थी। डूंगरपुर जिले की पंचायतों में महिला आरक्षण का गलत तरीके से फायदा उठाकर 25-30 अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया। उस समय भी धानका जिला परिषद सीईओ थे। आरोप उन पर भी लगे। धांधली से लगे अभ्यर्थियों को हटा दिया गया। लेकिन वे कोर्ट से स्टे ले आए। दूसरी ओर, इन पदों के लिए खुद को वास्तविक दावेदार बताने वाले अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। धानका का आरोप है कि ये अभ्यर्थी ही अपहरण और जान से मारने का प्रयास कर रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि फंसने के डर से धानका प्रपंच रच रहे हैं।

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राजेंद्र भट्‌ट और परशुराम धानराजेंद्र भट्‌ट और परशुराम धान
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