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MBA स्टूडेंट से रेप : छिपते फिर रहे पूर्व IAS मोहंती ने अचानक सरेंडर क्यों किया?

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मोहंती ने जयपुर व दिल्ली में फरारी काटने की बात कबूली है।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 06:21 AM IST
एसीपी कार्यालय में पूर्व आईएए एसीपी कार्यालय में पूर्व आईएए

जयपुर. एमबीए छात्रा से दुष्कर्म मामले में पिछले करीब चार साल से फरार चले रहे 5 हजार के इनामी और भगोड़ा घोषित पूर्व आईएएस बीबी मोहंती ने सोमवार देर रात 11:30 बजे सोडाला एसीपी कार्यालय में सरेंडर कर दिया। बाद में महेश नगर थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को मोहंती को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मोहंती ने जयपुर व दिल्ली में फरारी काटने की बात कबूली है। लेकिन यह नहीं बताया कि वे किसके पास और कहां रहे। मोहंती ने पूछताछ में दुष्कर्म से भी इनकार किया है। जानिए, छिपते फिर रहे मोहंती ने अचानक सरेंडर क्यों किया?...

1. कोर्ट संपत्ति जब्त करने वाला था

मोहंती काे गिरफ्तार नहीं करने पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई थी। उनकी संपत्तियों को कुर्क करने के लिए सूची भी मांगी थी। इसके बाद महेश नगर थाना पुलिस व कई अधिकारियों ने मोहंती के परिजनों पर सरेंडर करने व उसके ठिकानों का पता लगाने का दबाव बना दिया था।

2. अब रिटायरमेंट के लाभ मिलेंगे

भगोड़ा होने के कारण सरकार से मोहंती को रिटायरमेंट के बाद जो लाभ मिल सकता था, वह नहीं मिल पा रहा था। आत्मसमर्पण के बाद अब राज्य सरकार ग्रेच्युटी, पीएफ सहित अन्य लाभों का भुगतान कर सकती है। फरारी के दौरान बीबी मोहंती लंबे समय तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रहने से भी बचे रहे।

शादी करने का झांसा दे एक साल तक किया देह शोषण

पुलिस ने बताया कि 25 जनवरी 2014 को यूपी निवासी 23 वर्षीया एमबीए छात्रा ने महेश नगर थाने में इस्तगासे से मोहंती पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। आरोप था कि वह स्वेज फार्म में किराये के फ्लैट पर रहती थी। जहां आईरिस अपार्टमेंट में मोहंती का भी फ्लैट था। मोहंती ने आईएएस की पढ़ाई कराने व शादी का झांसा देकर फरवरी 2013 में दुष्कर्म किया। मोहंती ने एक साल तक शोषण किया।

जनवरी 2014 में रिपोर्ट दर्ज होते ही वे फरार हो गए थे। उस समय वे सिविल सर्विस अपील ट्रिब्यूनल में कार्यरत थे। फरारी के दौरान ही रिटायर हो गए। पुलिस ने जुलाई 2014 में उन पर 5 हजार रु. का इनाम घोषित किया था। बाद में कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराकर स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी करवा लिया था।

बड़ा सवाल : 4 साल से मालखाने में रखे हैं साक्ष्य, अब मिलान कैसे होगा‌?

मामले में बरामद साक्ष्यों को डीएनए सैंपलिंग के लिए एफएसएल भेजने के बजाय पुलिस 4 साल से मालखाने में रखे है। अब एफएसएल जांच सवालों के घेरे में आ सकती है।

तुरंत साक्ष्य भेजने थे, हमने पत्र भी लिखे, अब मिलान मुश्किल : एफएसएल

एफएसएल के डायरेक्टर बीबी अरोड़ा ने कहा कि वारदात के बाद पुलिस को तत्काल मौके से साक्ष्य एफएसएल को भेज देने चाहिए। साक्ष्य काफी समय तक पड़े रहने से मिलान मुश्किल होता है। हमने तो कई दफा पत्र भी लिखे हैं।

हम एफएसएल को सैंपल भेजेंगे, 4 साल बाद भी मिलान संभव : पुलिस

सोडाला एसीपी नेम सिंह ने कहा कि डीएनए व सीमन एफएसएल को सैंपल भेजेंगे। पीड़िता के अंडर गारमेंट्स के अलावा अन्य साक्ष्यों का मिलान कराएंगे। चार साल बाद भी मिलान संभव है। बता दें कि पुलिस ने मोहंती के फ्लैट से एफएसएल टीम बुलाकर बेडशीट, बाल व अन्य साक्ष्य जुटाए थे। पीड़िता ने पुलिस को अंडर गारमेंट्स भी उपलब्ध कराए थे। ये 4 साल से पुलिस मालखाने में हैं।