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निर्मला मीणा ने छुट्टियां मनाने के लिए माउंट आबू में भी खरीद रखा है कॉटेज

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आईएएस की जमानत पर 15 तक फैसला करने के निर्देश दिए

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 05:05 AM IST

जोधपुर. निलंबित डीएसओ निर्मला मीणा की प्रॉपर्टी लिस्ट बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को एक और कॉटेज की रजिस्ट्री भी एसीबी के हाथ लगी। यह कॉटेज उन्होंने माउंट आबू के एक रिसॉर्ट में पति के नाम से खरीद रखा है, जहां छुट्टियां बिताने जाया करते हैं। यह रिसॉर्ट जोधपुर के ही महावीर कांकरिया का है। एसीबी दो दिन से मीणा के घर की तलाशी ले रही है, मगर इस प्रॉपर्टी के कागजात नहीं मिले। कॉटेज का खुलासा एक सूचना पर हुआ, जिसमें बताया था कि रजिस्ट्री आबूरोड से हो रखी है। एसीबी ने आबूरोड रजिस्ट्री ऑफिस से कॉटेज के कागजात ले लिए हैं। मीणा, उनके पति व दो बच्चों के नाम से बैंकों में 17 खाते भी है, जिनकी जांच आरंभ हो चुकी है। एसीबी मीणा को हर तरह से कसने की तैयारी में है। घोटाले के केस के साथ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस तैयार हो रहा है। वहीं हाईकोर्ट को भी अब 15 मार्च को अग्रिम जमानत का फैसला करना होगा। यदि जमानत मिल गई तो उसे खारिज कराने के लिए एसीबी दुबारा सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

9 प्रोपर्टी के कागजात मिले, सरकार को 4 ही बताई
आरएएस अफसर के तौर पर निर्मला मीणा को अपने और अपने पति के नाम की सभी प्रॉपर्टी अचल संपत्ति विवरण (आईपीआर) में दिखानी चाहिए, मगर उन्होंने 20 फरवरी 17 को भरे आईपीआर में पचपदरा की 15 बीघा जमीन, जयपुर व जोधपुर का मकान तथा जोधपुर का एक भूखंड ही दिखा रखा है। जयपुर का मकान पति के संयुक्त नाम से है। इन प्रॉपर्टी की कीमत भी उन्होंने लगभग 70 लाख रुपए बता रखी है। जबकि एसीबी करीब 10 करोड़ की 9 प्रॉपर्टी के कागजात बरामद कर चुकी है। सभी प्रोपर्टी दोनों के नाम से है, अन्य किसी के नहीं। सरकार से जो प्रोपर्टी छुपाई है उसमें जयपुर के मानसरोवर व जोधपुर के आशापूर्णा वैली का बंगला, उम्मेद हैरिटेज का फ्लैट व माउंट आबू के रिसॉर्ट का कॉटेज भी शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट ने एसीबी से कहा- हाईकोर्ट में मैटर डिसाइड होने दो
मीणा की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक के खिलाफ एसीबी सुप्रीम कोर्ट गई। मगर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसीबी से कहा कि पहले हाईकोर्ट में मैटर डिसाइड होने दो, उसके बाद आना। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला करता है तो हाईकोर्ट के अधिकारों पर अतिक्रमण होता है। एक तरह से एसीबी को वापस लौटा दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से भी कह दिया कि 15 मार्च को फैसला कर दें। यानी अब तारीखें आगे नहीं बढ़ेंगी। अगर जमानत मिली तो एसीबी दुबारा सुप्रीम कोर्ट जाकर खािरज का प्रयास करेगी।

जिस मकान से आय हो रही, वह कहां है पता नहीं

मीणा ने आईपीआर में हाउसिंग बोर्ड के एक मकान से सालाना 36 हजार की आय दिखा रखी है। एसीबी को इस मकान के कागजात नहीं िमले। मीणा से पूछा तो बताया कि मकान व कागजात कहां है, नहीं पता, पति ही बता पाएंगे।