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बादल-बारिश नहीं होने से जीरे की फसल 2.65 लाख से बढ़कर 3.50 लाख बोरी

गुणवत्ता बढ़िया होने से न्यूनतम भाव पिछले साल के बराबर ही, आयात भी नहीं करना पड़ेगा

रविंद्र शर्मा | Last Modified - Mar 10, 2018, 04:20 AM IST

  • बादल-बारिश नहीं होने से जीरे की फसल 2.65 लाख से बढ़कर 3.50 लाख बोरी
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    जोधपुर. देश में सर्वाधिक जीरा उत्पादन क्षेत्र वाले जोधपुर में इस बार जीरे की फसल उम्मीद से अच्छी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 85 हजार बोरी अधिक उत्पादन हुआ है। पिछले साल 2.65 लाख बोरी जीरा हुआ था, जो इस बार करीब 3.50 लाख बोरी तक पहुंच गया है। इसका कारण यह रहा कि इस बार रबी की फसल के दौरान न तो बादल छाए और ना ही मावठ की बारिश हुई।

    जानकार बढ़े हुए उत्पादन को किसान, व्यापारी और उपभोक्ता, सभी के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। किसान का फायदा इसलिए कि गुणवत्ता अच्छी होने के कारण न्यूनतम भाव पिछले साल की तरह करीब 13 हजार रुपए प्रति क्विंटल ही हैं। हालांकि अधिकतम भाव जरूर 16 हजार की बजाय 15 हजार रह गए हैं, लेकिन अधिक उत्पादन के कारण किसान को आमदनी ज्यादा ही होगी।

    व्यापारी इसका निर्यात कर लाभ कमा सकते हैं, वहीं उपभोक्ता को पिछले साल जितने भावों पर ही बेहतर गुणवत्ता का जीरा मिल सकेगा। एक फायदा यह भी है, कि इस बार इस बार देश को तुर्की से जीरे का आयात नहीं करना पड़ेगा। ऐसे में विदेशी मुद्रा भी बचेगी। गौरतलब है कि विश्व में जीरा उत्पादन भारत और तुर्की में ही होता है। देश में भी सिर्फ राजस्थान और गुजरात में ही इसकी पैदावार है।

    जोधपुर में 80 हजार हेक्टेयर में 85 हजार बोरी अधिक उत्पादन

    जोधपुर में 80 हजार हेक्टेयर में गत वर्ष के मुकाबले इस साल 85 हजार बोरी अधिक उत्पादन हुआ है। गत वर्ष 2.65 लाख (1 मार्च 2017 से 1 मार्च 2018 तक) बोरी जीरे की पैदावार हुई, जो इस बार 3.50 लाख बोरी पहुंच गया है। हालांकि इस बार जीरे की फसल की कटाई के साथ किसानों के लिए सरकार की ओर से समर्थन मूल्य को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

    हर साल 60 हजार बोरी जीरा गुजरात जाता है
    गुजरात में ऊंझा स्थित जीरा मंडी में किसानों को प्रति किलो एक से डेढ़ रुपए अधिक मिलते हैं। ऐसे में कई अपना माल वहां ले जा रहे हैं। यहां से हर साल 50 से 60 हजार बोरी जीरा गुजरात बिकने के लिए जाता है।


    जून के बाद तुर्की से आयात होता है जीरा
    जीरे की खपत अधिक होने से जून माह में यह तुर्की से मंगवाना पड़ता है, लेकिन गुणवत्ता में राजस्थान का जीरा उच्च क्वालिटी का होने से इसकी मांग पूरे विश्व में रहती है। यही वजह है कि गुजरात में भी व्यापारी किसानों से अधिक दाम में जीरा खरीदते हैं।

    #उत्पादन बढ़ने से सभी को फायदा

    मौसम सही रहने से जीरे का ज्यादा उत्पादन हुआ है। विभाग की ओर से भी समय-समय पर जीरे की फसल को रोगों से बचाने की सलाह दी गई थी।
    - जेएन स्वामी, उपनिदेशक, कृषि विभाग

    किसान जीरा बेचने आने लगे हैं। इतने अधिक उत्पादन से व्यापारियों और किसानों के साथ आमजन को भी फायदा होगा।
    - पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष, जीरा मंडी

    इस बार अनुकूल मौसम के कारण किसान जीरे की फसल को बचाने में कामयाब रहे। हमें जहां अच्छा मुनाफा मिलेगा, वहां जीरा बेचेंगे।
    - नरेश व्यास, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ

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Web Title: This Time The Cumin Seed Crop Is Better Than Expected
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