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पाक पर नजर रखने यहां हवाई पट्टी पर सेना बनाएगी एविएशन बेस, तैनात होगा ड्रोन

पाक से होने वाली घुसपैठ पर नजर रखने लालगढ़ हवाई पट्टी पर फारवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस।

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2017, 06:43 AM IST
लालगढ़ हवाई पट्टी का इस्तेमाल लालगढ़ हवाई पट्टी का इस्तेमाल

श्रीगंगानगर. पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ पर नजर रखने के लिए अब सेना श्रीगंगानगर में लालगढ़ हवाई पट्टी पर फारवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस यानी एफसीएबी बनवाने जा रही है। यहां एविएशन बेस बनाने के दो बड़े फायदे होंगे। सेना यहां से ड्रोन उड़ा दुश्मनों की एक-एक हरकत पर नजर रख सकेगी। दूसरा, हमले अथवा सैन्य अभ्यास के समय बठिंडा या सूरतगढ़ के बजाय लालगढ़ से ही सेना की मूवमेंट हो सकेगी। इससे हमारे जांबाज कम समय में कहीं भी पहुंच सकेंगे।

हेलिकॉप्टर व सैन्य विमान भी उतारे जा सकेंगे

- लालगढ़ हवाई पट्टी को इस्तेमाल करने के लिए सेना व राज्य सरकार में बुधवार को जयपुर में एमओयू हुआ। इस दौरान सिविल एविएशन विभाग के प्रमुख सचिव पीके गोयल, निदेशक केसरीसिंह व सेना की तरफ से ब्रिगेडियर जयसिंह मौजूद थे।

- सूत्रों के अनुसार सेना और सरकार के बीच यह एमओयू 10 साल के लिए किया गया है। अब सेना यहां सेना यहां अपना फारवर्ड एविएशन बेस तैयार करेगी। हवाई पट्टी के संचालन के लिए सरकार ने एक कमेटी अलग से बनाई है, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव पीके गोयल करेंगे।

- लालगढ़ हवाई पट्टी की लंबाई अभी करीब 1300 से 1500 मीटर है, जबकि चौड़ाई 35 मीटर है। बेस का फायदा यह होगा कि सेना अपने हेलिकाॅप्टर और यूएवी जैसे विमान तथा ड्रोन यहीं से ऑपरेट करेगी और इसका इस्तेमाल सेना द्वारा शांति और युद्ध दोनों ही समय में होगा। इसी तरह मालवाहक विमान भी उतरा करेंगे, जिन्हें अभी सड़क मार्ग से लाया जाता है।

अभी क्या

अभी सूरतगढ़ व बठिंडा से उड़ान भरते हैं हेलिकॉप्टर: सेना अभी हेलिकाॅप्टर व यूएवी को सूरतगढ़ व बठिंडा हवाई पट्टी से ऑपरेट करती है। दोनों ही हवाई पट्टी श्रीगंगानगर से 70 से 120 किलोमीटर दूर हैं। इससे अभ्यास में कई परेशानी आती हैं। अब लालगढ़ हवाई पट्टी से सेना दुश्मन पर कम समय में हमला कर सकेगी। इससे दुश्मन को नुकसान तो ज्यादा होगा ही, हमारा भी जान-माल का नुकसान कम होगा।

आगे क्या
सेना ने मांगी 24 एकड़ जमीन: सेना ने लालगढ़ हवाई पट्टी के नजदीक 24 एकड़ जमीन और मांगी है ताकि वहां हवाई सुविधाओं के लिहाज से और निर्माण हो सके। सेना ने वहां रनवे और लंबा करवाने का आग्रह किया है। इसके अलावा एटीसी टावर और टैक्सी ट्रैक भी बनवाने को कहा है। चारदीवारी वहां पीडब्ल्यूडी पहले ही बनवा चुकी है। वहां तैनात होने वाले गार्ड्स के लिए क्वार्टर भी बने हैं, लेकिन गार्ड तैनात नहीं हैं।

इसलिए जरूरी
पठानकोट व उड़ी हमले के बाद लिया था निर्णय : सेना ने चीन और पाकिस्तान के साथ चल रहे विवाद के चलते हाल में सेना ने सीमाओं की रक्षा के लिए 600 नए ड्रोन खरीदने का फैसला लिया था। इनकी रेंज 10 किलोमीटर बताई जा रही है और ये 5 हजार मीटर की उंचाई पर उड़ान भर सकेंगे। सीमा पर निगरानी के लिए सेना ये ड्रोन सभी छावनियों को सौंपने जा रही है। श्रीगंगानगर जिले में भी ड्रोन साधुवाली, लालगढ़ व सूरतगढ़ में भेजे जाएंगे।

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लालगढ़ हवाई पट्टी का इस्तेमाल लालगढ़ हवाई पट्टी का इस्तेमाल
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