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शादी में दुल्हन के पिता ने थाल में दिए 5 लाख, दूल्हे ने कर रखा था कुछ और फैसला

राजपूत समाज की एक शादी इस दौर में मिसाल बनकर सामने आई है।

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2017, 05:33 AM IST
टीके के लिए थाल में नोटों की गडि्डयां लाई गईं। टीके के लिए थाल में नोटों की गडि्डयां लाई गईं।

जोधपुर. राजपूत समाज की एक शादी इस दौर में मिसाल बनकर सामने आई है। कारोबारी ऋषिराजसिंह की बेटी नीरतकंवर की मंगलवार को शादी थी। सीकर से कारोबारी भंवरसिंह शेखावत के बेटे सिद्धार्थ की बरात आई। टीका रस्म शुरू हुई तो दुल्हन के पिता ने 5 लाख रुपए दूल्हे के पिता के हाथ में रख दिए। इस पर दूल्हे ने रुपए लौटा दिए और हाथ जोड़कर कहा कि मैं यह नहीं लूंगा। हमारे लिए तो दुल्हन ही दहेज है। देना ही है तो एक रुपया शगुन के तौर पर दे दें। दुल्हन पक्ष के लोगों ने काफी समझाया...

- दुल्हन पक्ष के लोगों ने काफी समझाया भी, लेकिन वे अपनी बात पर अडिग रहे। उसके बाद भी उनके बेटे ने पांच लाख रुपए की बजाय एक रुपए का सिक्का ही टीके के शगुन के तौर पर लिया।

- दूल्हे के पिता भंवरसिंह शेखावत ने बताया, कि हर लड़की को उसके पिता पढ़ा-लिखाकर बड़ा करते हैं। शादी में उन्हें दहेज की चिंता भी सताती है। लेकिन एक पिता अपनी बेटी को दे देता है, इससे बढ़कर और क्या चाहिए? उन्होंने बताया, कि वे दहेज के सख्त खिलाफ हैं।

- दूसरी ओर दुल्हन के पिता ऋषिराजसिंह का कहना था, कि वे बेटी की शादी में टीका के तौर पर पांच लाख रुपए देने को तैयार थे, मगर समधीजी ने यह राशि न लेकर बड़प्पन दिखाया है। यह सभी समाज के लिए संदेश है।

दूल्हे ने 1 रुपए का सिक्का ही स्वीकार किया। दूल्हे ने 1 रुपए का सिक्का ही स्वीकार किया।
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टीके के लिए थाल में नोटों की गडि्डयां लाई गईं।टीके के लिए थाल में नोटों की गडि्डयां लाई गईं।
दूल्हे ने 1 रुपए का सिक्का ही स्वीकार किया।दूल्हे ने 1 रुपए का सिक्का ही स्वीकार किया।
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