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विवाह समारोह में संदिग्ध महिलाओं ने पार किया नकदी-जेवर से भरा बैग

विवाह समारोह में अच्छे कपड़े पहन शरीक होकर चोरी करने वाली गैंग फिर सक्रिय हो गई है।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 06:51 AM IST

जोधपुर. शहरमें शादियों की सीजन शुरू होते ही विवाह समारोह में अच्छे कपड़े पहन शरीक होकर चोरी करने वाली गैंग फिर सक्रिय हो गई है। गुरुवार रात को भी एक शादी-समारोह में कुछ महिलाएं, बच्चे को लेकर आईं और पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गईं। मौके पर नाबालिग ही पकड़ा गया, जिसे महामंदिर पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पूछताछ में बच्चे ने भरतपुर का निवासी होना बताया है। पिछले एक साल में पुलिस कमिश्नरेट के मंडोर, उदयमंदिर चौपासनी हाउसिंग बाेर्ड थाने की टीम ने 21 संदिग्ध महिलाओं को पकड़ा, जिनमें 15 ऐसी हैं जो विवाह समारोह में एक से नौ साल की उम्र के बच्चों से चोरी करवा रही थीं। इनमें अधिकतर भरतपुर तो कुछ कोटा बूंदी जिले से थीं।

गुरुवार रात को परिहार नगर निवासी महेंद्र पुत्र हनुमान प्रसाद जोशी के चाचा के बेटे की शादी का समारोह था। मेहमानों ने बतौर उपहार जो लिफाफे दिए, महेंद्र उन्हें एक छोटे बैग में रख रहे थे। इस दौरान मेहमानों की भीड़ का फायदा उठाकर कुछ महिलाएं वहां आईं और नाबालिग के माध्यम से बैग पार कर लिया। पुलिस को संदेह है कि इसमें फुटपाथ रेलवे पटरियों के पास रहने वाली खानाबदोश महिलाओं का हाथ है। महामंदिर थानाधिकारी सीताराम ने बताया कि नाबालिग अभी कुछ बता नहीं पाया है, लेकिन वह भरतपुर का रहने वाला है और कुछ संदिग्ध महिलाओं के साथ विवाह समारोह में आया था।

इस साल फरवरी में एक साथ 20 महिलाओं को पकड़ 26 हजार रुपए बरामद किए थे
शादी समारोह में अच्छे कपड़े पहनकर बच्चों से चोरी करवाने वाली करीब 20 महिलाओं को मंडोर थाना पुलिस ने इस साल 3 फरवरी को पकड़ा था। महामंदिर तीसरी पोल रामनगर गली नंबर दो निवासी महेंद्र सिंह पुत्र प्रकाशचंद्र सोलंकी ने मंडोर थाने में रिपोर्ट दी थी, कि 1 फरवरी को उनकी बेटी का विवाह समारोह रामसागर सुदामा वाटिका में था। इस दौरान वहां से 60 हजार रुपए नकद, 135 लिफाफे जिनमें उपहार में आए रुपए थे, बैंक का एटीएम आदि चोरी हो गया। पुलिस ने सुदामा वाटिका में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो चार-पांच महिलाएं एक से तीन साल के बच्चों के साथ संदिग्ध हालत में घूमती हुई दिखीं। उनमें से एक महिला और उसके बच्चे ने वहां से नकदी से भरा बैग गायब किया था। उदयमंदिर थानाधिकारी मदन बेनीवाल मंडोर थाने की तत्कालीन थानाधिकारी मुक्ता पारीक ने राइकाबाग से कंट्रोल रूम तक रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले खानाबदोशों की तलाशी ली, तो वहां से कुछ महिलाएं पुलिस को देख बच्चों को लेकर भागने लगीं। इस पर पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाली राखी पत्नी बलराम बावरिया निवासी रणजीत नगर कच्ची बस्ती भरतपुर, ज्योति पत्नी मंगल फूलमाली निवासी कच्ची बस्ती बलीता रोड बापू नगर कुल्हाड़ी कोटा और इसी क्षेत्र की रहने वाली आशा पत्नी अजय कोहली को पकड़कर पूछताछ की, तो उन्होंने चोरी की बात कबूली थी। पुलिस ने इनके साथ बीस महिलाओं को संदिग्धता के आधार पर शांतिभंग के आरोप में पकड़ा था। इन महिलाओं से पुलिस ने 26 हजार 100 रुपए नकद बरामद किए थे।



वारदात करने से पहले ही पकड़े गए थे नाबालिग लड़का-लड़की
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने गत वर्ष दो दिसंबर को शादी समारोह में अच्छे कपड़े पहन मेहमानों के बीच में जाकर जेवरात और नकदी उड़ाने वाले दो बाल अपचारियों एक महिला को पूछताछ के लिए पकड़ा था। पुलिस के अनुसार पाल-जैसलमेर बाइपास स्थित शेरगढ़ रावला में एक डॉक्टर के पुत्र की शादी थी। इस दौरान नए कपड़े पहनकर 16 साल का एक लड़का 9 साल की लड़की वहां आए और मेहमानों के बीच खाना खाने लगे। इस बीच वर-वधू के रिश्तेदारों के कमरों की ओर गए, तो वहां खड़े घरवालों को शक हुआ। इस पर उन्होंने दोनों बच्चों को पकड़ लिया और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में शिकायत कर पकड़वा दिया। बच्चों ने पूछताछ में अपनी मां श्यामतारा (45) पत्नी राजू निवासी राजगढ़ कड़िया मध्यप्रदेश के बारे में बताया, कि वह उनको चोरी करने भेजती थी। पुलिस ने इनसे पूछताछ के आधार पर रेलवे स्टेशन से श्यामतारा को भी पकड़ा था।