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सबसे खूबसूरत महिलाओं का घर था पद्मिनी महल, यहीं रहती थी रानी पद्मावती

सबसे खूबसूरत महिलाओं का घर था पद्मिनी महल, यहीं रहती थी रानी पद्मावती

Anant Aeron | Last Modified - Nov 17, 2017, 12:15 PM IST

चित्तौड़गढ़.पद्मावती फिल्म की शूटिंग से शुरू हुआ विवाद रिलीज डेट पास आते ही और ज्यादा बड़ गया है। करणी सेना ने फिल्म की एक्ट्रेस की नाक काटने पर पांच करोड़ के इनाम देने की बात कही है। राजस्थान समेत देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ किले को भी बंद रखा गया। DainikBhaskar.com इस मौके पर बता रहा है चित्तौड़गढ़ महल में बने पद्मिनी महल के बारे में। जानें पद्मिनी महल की कहानी...


- अतुल्य जैन धर्म एवं गढ़ चित्तौड़गढ़ के लेखक डॉ ए.एल.जैन ने DainikBhaskar.com को बताया कि अभी बना पद्मिनी पैलेस अंदर से रेनोवेट किया गया है। जिसे ऑरिजनल स्वरूप को करीब 150 साल पहले मलिक मोहम्मद जायसी के काव्य के अनुसार बदल दिया गया।
- डॉक्टर ए.एल.जैन के अनुसार रानी पद्मावती इसी महल में रहती थी। उनके साथ इस महल में रियासत की सबसे खूबसूरत महिलाएं रहती थीं। जिनमें से पद्मावती भी एक थीं।
- इसके साथ ही ए.एल.जैन ने बताया कि इस महल में लगे कांच रेनोवेशन के दौरान ही लगाए गए हैं। क्योंकि रानी पद्मावती का अक्स दिखाने वाली कहानी के कोई प्रमाण नहीं मिलते।
- बताया जा रहा है कि रानी पद्मिनी महल का उल्लेख 13वीं शताब्दी में राजा रतन सिंह के दौर से ही होता है। इससे पहले इसका उल्लेख नहीं होता।

- इस महल की सुंदरता बढ़ाने के लिए इसे पानी के बीच बनाया गया था। जिससे रानी पद्मावती पानी में अपना अक्स देख सकें। जिसके आर्किटेक्ट में राजस्थानी और पर्शियन कारीगरी देखने के लिए मिलती है।

मंदिर भी बनाया

- असल में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बने एक मंदिर में पद्मावती यानी पद्मिनी की प्रतिमा स्थापित है।
- उसी के स्वरूप से रानी का रूप दिखाया गया है। उनके जीवन के बारे में प्रतिमा मुखर होकर बोलती नजर आती है।


आखिर कैसे बना चित्तौड़गढ़ किला और क्या है इसका इतिहास...

- 700 एकड़ में फैला ये किला जमीन से 180 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ पर बना हुआ है। इससे जुड़ा मिथ है कि भीम ने इसका निर्माण किया था। सन् 1303 में इस किले पर अलाउद्दीन खिलजी ने अपना साम्राज्य स्थापित किया।
- 1540 में प्रताप का जन्म हुआ, उसी समय महाराणा उदयसिंह ने खोए चित्तौड़ को जीता। इस जीत के साथ ही किले में एक विजय स्तंभ की स्थापना की गई।
- इससे पहले इस किले पर गुहिलोत, सिसोदियाज, सूर्यवंशी और चातारी राजपूतों का राज रहा। इस जीत में प्रताप की मां जयवंता बाई भी उदयसिंह के साथ थीं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए इस महल की फोटोज।

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Web Title: is mhl mein rhti thin raani pdmaavti, sabse khubsurt raaniyon ka thaa ghr
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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