Hindi News »Rajasthan »Niwai» किसान नई तकनीक को अपनाएं

किसान नई तकनीक को अपनाएं

किसान नई तकनीक को अपनाएं निवाई| कृषि विज्ञान केन्द्र, वनस्थली विद्यापीठ पर दो दिवसीय कृषि कार्यशाला का आयोजन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 05:40 AM IST

किसान नई तकनीक को अपनाएं
किसान नई तकनीक को अपनाएं

निवाई| कृषि विज्ञान केन्द्र, वनस्थली विद्यापीठ पर दो दिवसीय कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. डी. वी. सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के परिदृश्य में किसानों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। आज कृषि एवं डेयरी के व्यवसाय में किसान नवीनतम तकनीकी का इस्तेमाल करके अधिक से अधिक लाभ कमा सकता हैं। उन्होंने कहा कि गोबर की खाद को केंचुआ खाद यूनिट बनाकर अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है, जबकि आज किसान खेत में कच्ची गोबर की खाद ही डाल देते हैं जो कि खेत में दीमक पैदा होती है तथा पौषक मान भी तीन गुना कम होता है। खेत में खाद तथा उर्वरक प्रबंधन में किसान भाई मिट्टी की जाँच करके मृदा स्वास्थ्य की जाँच करायें तथा खाद एवं उर्वरक भी आवश्यकतानुसार मात्रा ही दें। हमारे जिले में पानी की कमी को देखते हुए सिंचाई में स्प्रिंकलर तथा ड्रिप इरीगेशन तकनीकी का उपयोग कर अधिक क्षेत्रफल को सिंचित बनाया जा सकता है । कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ डॉ. गीतम सिंह ने बताया कि पशु-पालन में पशु आवास किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बनवाना चाहिए। जिसमें पशुपालन के लिए उचित जगह, स्वच्छ वातावरण, उचित तापमान तथा मौसम की प्रतिकूलता से बचने के लिए प्रबन्ध होना चाहिए। किसान पशुओं को संतुलित आहार नहीं दे पा रहे हैं । सूखा चारा, हरा चारा, मिनिरल मिक्सचर तथा पशु पूरक दिये जाने चाहिए। आज हमारे जिले के पशुओं में पानी, प्रोटीन, कैल्शियम, कॉपर, कोबाल्ट, सोडियम तथा क्लोराइड तत्वों की कमी है जबकि हमारे जिले का किसान पशुओं को कांकड़ा, मेथी, तेल, गुड़, गेहूँ का दलिया इत्यादि खिलाने में लगा हुआ है। यह स्थिति पशुओं पर अत्याचार के जैसा महसूस होता है तथा खर्चा भी किसान का अधिक हो रहा है। अत: किसानों को जरूरत के आधार पर संतुलित आहार वैज्ञानिक सलाह के बाद देना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित उद्यान विशेषज्ञ नरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का बूंद-बूंद सिंचाई तकनीकी से गुणवत्ता युक्त उत्पादन, पॉली टनल एवं सब्जियों व फलों में पलवार शीट का उपयोग करना चाहिये। कार्यक्रम में मृदा विज्ञान विशेषज्ञ सी. आर हाकला ने बताया कि किसान भाई मृदा एवं जल सुधार करके खेती में अधिक लाभ उठा सकते है। गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. प्रीती वर्मा ने फल व सब्जियों के महत्त्व बताये। आत्मा, टोंक के दिनेश बैरवा, आत्मा डायरेक्टर, टोंक ने किसानों को सरकार की कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी । कृषि विज्ञान केन्द्र के फार्म मैनेजर आसू सिंह भाटी, उदय प्रताप सिंह, विनीत कुमार द्विवेदी, मिथिलेश्वर नाथ उपाध्याय आदि ने प्रशिक्षण के दौरान सहयोग दिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Newai News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: किसान नई तकनीक को अपनाएं
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Niwai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×