• Home
  • Rajasthan News
  • Nohar News
  • बैंक पर ताला जड़ किसानों ने धरना लगाया, एजीएम को तीन घंटे तक बनाए रखा बंधक, दोबारा वार्ता में लिखित समझौते पर माने
--Advertisement--

बैंक पर ताला जड़ किसानों ने धरना लगाया, एजीएम को तीन घंटे तक बनाए रखा बंधक, दोबारा वार्ता में लिखित समझौते पर माने

अभावग्रस्त घोषित होने के बावजूद किसानों को कुर्की व नीलामी नोटिस जारी करने के विरोध में बुधवार को किसानों ने नोहर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:40 AM IST
अभावग्रस्त घोषित होने के बावजूद किसानों को कुर्की व नीलामी नोटिस जारी करने के विरोध में बुधवार को किसानों ने नोहर स्थित एसबीआई बैंक की मुख्य ब्रांच के तालाबंदी कर बैंक के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद वार्ता विफल होने पर आक्रोशित किसानों ने बैंक के एजीएम सुरेंद्र कुमार को बंधक बना लिया। करीब तीन घंटे तक एजीएम को बैंक के अंदर बंधक बनाए रखा। इसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र मीणा की समझाइश पर शाम को दोबारा वार्ता हुई। वार्ता में सात सूत्री मांग पत्र पर लिखित समझौता होने के बाद किसानों ने घेराव प्रदर्शन व तालाबंदी समाप्त की। इससे पहले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोहन ढिल, जिला परिषद सदस्य मंगेज चौधरी, असिंचित क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष महंत गोपालनाथ के नेतृत्व में अनेक गांवों के किसान नारेबाजी करते हुए बैंक के समक्ष पहुंचे। जहां किसानों ने बैंक के आगे आम सड़क पर धरना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं आक्रोशित किसानों ने बैंक के मुख्य द्वार के ताला भी जड़ दिया। पूरे दिन बैंक के आगे किसानों की सभा जारी रही। तालाबंदी होने से बैंक का दैनिक कार्य भी प्रभावित हुआ। सूचना पाकर बैंक के एजीएम सुरेंद्र कुमार, तहसीलदार जय कौशिक, थाना प्रभारी रणवीर सांई मौके पर पहुंचे व किसानों से समझाइश की। मगर किसान नहीं माने। इसके बाद दो-तीन दौर की वार्ता भी हुई। जो बेनतीजा रही। किसान नेताओं का कहना था कि मौके पर लिखित समझौता नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। सभा में सोहन ढिल, मंगेज चौधरी, महंत गोपालनाथ, सुरेश स्वामी, राकेश नेहरा, प्रताप महरिया, सुरजीत बिजारणिया, हनुमान प्रसाद शर्मा, नियामत अली आदि ने विचार रखे।

ये हुआ लिखित समझौता

जिन किसानों को वसूली नोटिस जारी हुए हैं उन्हें निरस्त करने के लिए कलेक्टर को लिखने, जिन काश्तकारों के जुलाई में बीमा प्रीमियम कटे हैं और सितंबर में प्रीमियम राशि वापस किसानों के खाते में जमा करवाने के मामले की जांच करवाकर बीमा कंपनी व बैंक से पत्राचार करने, किसानों को बीमा राशि दिलाने के प्रयास करने, खरीफ फसल 2017 के मुआवजे से वंचित मामलों की जांच करवाने, ऋण फार्म अंग्रेजी के बजाय हिंदी में करवाने, गोरखाना बैंक मैनेजर के विरुद्ध दुर्व्यवहार के मामले की जांच करवाने, किसानों को बीमा राशि सूची दिखाने आदि मांगों पर सहमति बनी।