Hindi News »Rajasthan »Nohar» मोदी-जोशी लड़ते-झगड़ते रहें, क्रिकेट इतना बड़ा गेम है इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता

मोदी-जोशी लड़ते-झगड़ते रहें, क्रिकेट इतना बड़ा गेम है इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता

दो दिन पहले मान हाउस में एक डिनर पार्टी का आयोजन किया गया था। यह पार्टी दी थी क्रिकेट सर्कल में ‘टाइगर’ के नाम से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 05:35 AM IST

मोदी-जोशी लड़ते-झगड़ते रहें, क्रिकेट इतना बड़ा गेम है इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
दो दिन पहले मान हाउस में एक डिनर पार्टी का आयोजन किया गया था। यह पार्टी दी थी क्रिकेट सर्कल में ‘टाइगर’ के नाम से जाने जाने वाले किशन रूंगटा ने। इस पार्टी में राजस्थान और खासकर जयपुर की क्रिकेट से जुड़ा लगभग हर शख्स मौजूद था। इसमें पूर्व क्रिकेटर से लेकर वर्तमान क्रिकेटर, पदाधिकारी, अंपायर, स्कोरर आदि सभी शामिल थे। यहीं हमने बीसीसीआई के चीफ सेलेक्टर रहे किशन रूंगटा से राजस्थान में क्रिकेट की मौजूदा स्थिति और सेलेक्टर के रूप में उनके अनुभव के बारे में जाना। उनसे हुई बातचीत की अंश :

बोर्ड के सेलेक्टर रहे किशन रूंगटा बोले, जिस तरह से क्रिकेट में पैसा बढ़ रहा उसे आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता

Q. राजस्थान क्रिकेट में गुटबाजी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। दोनों गुट आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं? इसे कैसे दूर किया जा सकता है?

ललित मोदी हों या फिर सीपी जोशी, कोई कितना भी लड़ता-झगड़ता रहे, क्रिकेट को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। आज क्रिकेट में पैसा इतना हावी हो गया है कि अब इसका ग्राफ लगातार आगे ही बढ़ता जाएगा। आज क्रिकेटर और एसोसिएशन के लोगों सभी को इसमें पैसा नजर आ रहा है। एक रणजी क्रिकेटर एक सीजन में लगभग एक करोड़ तक कमा लेता है।

Q. आप सेलेक्टर रहे हैं, सेलेक्शन प्रोसेस को कैसे फेयर किया जा सकता है?

मैं एक किस्सा सुनाता हूं। मैं जब बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर था तब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी के पीए का उत्तर प्रदेश के एक लड़के को सेलेक्ट करने के लिए फोन आया। मैंने एक-दो बार नजरंदाज कर दिया। इसके बाद उनका खुद का फोन आया। उन्होंने कहा, आप तो नहीं सुन रहे अन्य 4 सेलेक्टर के नंबर दे दीजिए, मैं उनसे बात करता हूं। मैंने उनसे कहा, आप फोन नंबर ले लीजिए। लेकिन अब तक जो बात हुई है वह मेरे और आपके बीच है। लेकिन इसके बाद आपका नाम सामने आया तो मैं जिम्मेदार नहीं होऊंगा। इसके बाद उन्होंने नंबर नहीं मांगे। मैंने बीसीसीआई काे सेलेक्शन कमेटी मीटिंग का लाइव टेलीकास्ट करने की सलाह भी दी थी।

Q. लोढ़ा कमेटी के बाद भी पिक्चर क्लीयर नहीं है। आपसी मतभेद बढ़ते ही जा रहे हैं?

एक तरह से इस समय बीसीसीआई एक्जिस्ट ही नहीं करती। क्रिकेट तो हो ही रहा है। इसी तरह राजस्थान में भी पिछले चार साल से क्रिकेट तो हो ही रहा है चाहे वह बीसीसीआई ही करा रही है। हां, ऑर्डिनेरी क्रिकेट (जिला आदि में) पर इफेक्ट पड़ रहा है। इसकी कमियां एकेडमियां पूरी कर रही हैं। आज जयपुर में 35 एकेडमियां चल रही हैं।

Q. बीसीसीआई का सेलेक्टर रहने के दौरान का कोई किस्सा जो कि आप पब्लिक से शेयर करना चाहें?

यह 1996 की बात है। भारतीय टीम को इंग्लैंड दौरे पर जाना था। कप्तान अजहरुद्दीन थे। सेलेक्शन कमेटी ने सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को इस दौरे के लिए चुना था। लेकिन अजहर गांगुली के सेलेक्शन के पूरी तरह से खिलाफ थे। यहां तक कि वे मीटिंग छोड़ कर बीच में ही चले गए। उस समय बोर्ड के सचिव जगमोहन डालमिया थे। मैं अजहर के पास गया। उससे कहा, 5 मिनट में फैसला लो नहीं तो टीम तुम्हारे बिना ही इंग्लैंड जाएगी। अजहर ने तुरंत हामी भर ली। हमने सचिन तेंदुलकर को कप्तानी से हटाने का बड़ा डिसीजन भी लिया था। हमारे हर निर्णय के पीछे तर्क होता था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Nohar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: मोदी-जोशी लड़ते-झगड़ते रहें, क्रिकेट इतना बड़ा गेम है इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Nohar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×