Hindi News »Rajasthan »Pali» एसपी एपीओ, तहसीलदार, प्रवर्तन अिधकारी को जेडीए से हटाया

एसपी एपीओ, तहसीलदार, प्रवर्तन अिधकारी को जेडीए से हटाया

जेडीए दस्ते को टोंक रोड के सीतापुरा क्षेत्र स्थित गोरखनाथ मंदिर की दीवार व कुछ हिस्सा तोड़ना भारी पड़ गया। मंदिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 05:20 AM IST

एसपी एपीओ, तहसीलदार, प्रवर्तन अिधकारी को जेडीए से हटाया
जेडीए दस्ते को टोंक रोड के सीतापुरा क्षेत्र स्थित गोरखनाथ मंदिर की दीवार व कुछ हिस्सा तोड़ना भारी पड़ गया। मंदिर तोड़ने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ और कुछ ही घंटों में मामला सरकार तक पहुंच गया। इसके बाद 24 घंटे तक चले राजनीतिक घटनाक्रम में सरकार ने पहले प्रवर्तन विंग के मुखिया पुलिस अधीक्षक राहुल जैन को एपीओ किया। जोन 8 के प्रवर्तन अधिकारी नरेंद्र खींचड़ व तहसीलदार रेखा यादव को भी जेडीए से हटा दिया। हालांकि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की फाइल पर जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया व जोन 8 के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण अग्रवाल की भी अप्रूवल है। जेडीए में पहली बार एक मंदिर की दीवार हटाने पर 3 अफसरों को हटाया गया है। वहीं एपीओ हो चुके पुलिस अधीक्षक राहुल जैन ने बताया कि प्रवर्तन विंग ने पूरी कार्यवाही नियमानुसार की है। जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया ने बताया कि मंदिर नहीं तोड़ा है, केवल वहां चल रही दुकान पर कार्रवाई की गई है।

मंदिर परिसर में थी दुकान, इसलिए तोड़ी दीवारी

जेडीए के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर केवल ढाई बाई ढाई मीटर का ही मंदिर था।





इसके बाद दीवार बना कर दुकान बना रखी थी। इस अनधिकृत दीवार को जोन कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर तोड़ है।

ऐसे चला घटनाक्रम

टोक रोड पर सीतापुरा क्षेत्र के इंडिया गेट के सामने गुरु गोरखनाथ मंदिर व धूना बना हुआ है। जेडीए ने अगस्त 2015 में टीनशेड के 15 बाई 20 फीट को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया। लेकिन तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ का जेडीए को पत्र आने के बाद कार्रवाई नहीं हो पाई। बाद में 4 जनवरी 2018 को जेडीए अधिनियम 1982 की धारा 72 का नोटिस दिया। इसका जोन 8 के डिप्टी कमिश्नर से परीक्षण करवाया। जोन ने इस निर्माण को सरकारी जमीन पर माना। मामला जेडीए ट्रिब्यूनल कोर्ट में चला गया। कोर्ट ने 15 दिन में दस्तावेज देने को कहे। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी ने 20 फरवरी को 7 दिन में निर्माण हटाने का विधिक नोटिस दिया और मंगलवार को कार्रवाई कर दी।

2015 में योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं मना

मंदिर के महंत रामसिंह का कहना है कि यह मंदिर 42 साल से है और सड़क सीमा से बाहर है। यहां दूसरा मंदिर भी है, लेकिन पीछे स्थित दुकानों को फायदा देने के लिए जेडीए अफसरों ने मंदिर में तोड़फोड़ की है। मंदिर की परिक्रमा, गाय का बाड़ा सहित अन्य निर्माण तोड़ दिए।





जबकि 2015 में जेडीए की सहमति के बाद ही यह दीवार बनाई थी। गलत कार्रवाई को लेकर 2015 में तत्कालीन सांसद व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जेडीए को पत्र लिखकर मना किया था। मंगलवार की कार्रवाई को लेकर भी यहां रहने वाले गोरखपुर के लोगों में आक्रोश था। हिंदू जागरण मंच के प्रांत संपर्क प्रमुख सतीश अग्रवाल का कहना है कि जेडीए ने गलत तरीके से मंदिर तोड़ा है। यह हिंदू आस्थाओं पर कुठाराघात व गलत है। इससे हिंदू समाज में आक्रोश है।

पहले यह थी स्थिति

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Pali News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: एसपी एपीओ, तहसीलदार, प्रवर्तन अिधकारी को जेडीए से हटाया
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Pali

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×