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17 राज्यों ने बिल जेनरेट किए तो जीएसटी नेटवर्क का पोर्टल क्रैश

नई दिल्ली | ई-वे बिल याेजना 1 फरवरी यानी गुरुवार से अनिवार्य नहीं हो पाई। गुरुवार को औपचारिक लॉन्चिंग के पहले ही दिन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 05:30 AM IST

नई दिल्ली | ई-वे बिल याेजना 1 फरवरी यानी गुरुवार से अनिवार्य नहीं हो पाई। गुरुवार को औपचारिक लॉन्चिंग के पहले ही दिन 17 राज्यों में कारोबारियों ने एक साथ बिल जेनरेट करने शुरू कर दिए। एकाएक दबाव बढ़ने पर 12 बजे जीएसटी नेटवर्क का पोर्टल क्रैश हो गया। बिल जेनरेट नहीं होने के चलते कारोबारी 50 हजार से ज्यादा कीमत वाले सामान राज्य के अंदर या बाहर नहीं भेज पाए।

अफरा-तफरी की स्थिति बनती देख सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (सीबीईसी) के चेयरपर्सन वनजा सरना ने तुरंत एक मीटिंग बुलाई। इसमें फैसला हुआ कि अगले आदेश तक ई-वे बिल ट्रायल पर ही रखा जाए। यह कब से लागू किया जाएगा, इसकी कोई तारीख अभी नहीं बताई गई है। उल्लेखनीय है कि इस सिस्टम के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा का सामान राज्य के अंदर ही या राज्य के बाहर भेजने के लिए ई-वे बिल जेनरेट करना जरूरी है। पिछले साल 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद आईटी नेटवर्क तैयार नहीं होने के चलते ई-वे बिल लागू करना स्थगित रखा गया था।



इसे 1 फरवरी से लागू करने के लिए जीएसटी नेटवर्क ने 15 जनवरी से ट्रायल शुरू कर दिया था। इस दौरान 2.84 लाख ई-वे बिल जारी भी हुए। हालांकि, गुरुवार को औपचारिक लॉन्चिंग के पहले दिन ही आईटी नेटवर्क ठप हो गया।

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