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चने व क्रूड पाम ऑयल पर बढ़ाया आयात शुल्क

केेंद्र सरकार ने क्रूड और रिफाइंड पाम ऑयल तथा चने पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे खाद्य तेलों के आयात पर अंकुश...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 07:30 AM IST
केेंद्र सरकार ने क्रूड और रिफाइंड पाम ऑयल तथा चने पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे खाद्य तेलों के आयात पर अंकुश लगाने और घरेलू इंडस्ट्री को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। क्रूड पाम ऑयल पर आयात शुल्क को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 44 फीसदी और रिफाइंड पाम आॅयल पर इसे 40 फीसदी से बढा़कर 54 फीसदी किया गया है। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी बयान में दी गई। कारोबारियों के अनुसार इस कदम से तिलहन की कीमतों में इजाफा होगा और घरेलू आपूर्ति भी बढ़ेगी। इससे वर्ष 2017-18 के मार्केटिंग वर्ष में देश में हाेने वाले खाद्य तेलों के आयात पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक है।





यह इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम आॅयल और ब्राजील और अर्जेंटीना से सोयाआॅयल आयात करता है। वहीं देश में चने के रिकॉर्ड उत्पादन को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इसके आयात पर फिर शुल्क बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में चने पर आयात शुल्क 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया गया है। इससे पहले फरवरी के पहले सप्ताह में सरकार ने चना पर आयात शुल्क 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया था। बढ़ा हुआ आयात शुल्क एक मार्च 2018 से लागू है। गौरतलब है कि देश में चने की बुआई में किसानों की दिलचस्पी लेने और विदेशों से सस्ता आयात होने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट को देखते हुए दिसंबर 2017 में भारत सरकार ने चने के आयात पर 30 फीसदी शुल्क लगा दिया था। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी फसल वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक देश में चने का रिकॉर्ड उत्पादन 1.11 करोड़ टन होने का आकलन किया गया है, जोकि पिछले साल से 18.33 फीसदी अधिक है।