पाली

  • Home
  • Rajasthan News
  • Pali News
  • मयंक अग्रवाल टीम इंडिया में चुने जाने के हकदार थे
--Advertisement--

मयंक अग्रवाल टीम इंडिया में चुने जाने के हकदार थे

ख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा है कि मयंक अग्रवाल बेहतरीन बल्लेबाज हैं और भारतीय टीम में जगह पाने के लिए कतार...

Danik Bhaskar

Mar 04, 2018, 03:25 AM IST
ख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा है कि मयंक अग्रवाल बेहतरीन बल्लेबाज हैं और भारतीय टीम में जगह पाने के लिए कतार में हैं। प्रसाद ने खुद मयंक के साथ बात की है और उन्हें बताया कि अभी वे किस जगह पर खड़े हैं।

प्रसाद का यह तरीका बेहतरीन है और भारतीय क्रिकेट में हमेशा ऐसा नहीं होता रहा है। हालांकि इसके बावजूद वे अग्रवाल की अधीरता को शांत कर पाए होंगे, इसकी उम्मीद कम ही है। अग्रवाल इस साल घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में रहे हैं और सभी फॉर्मेट को मिलाकर 2141 रन बनाए हैं। इसमें रणजी ट्रॉफी में पांच शतक, मुश्ताक अली ट्रॉफी में तीन अर्धशतक और फिर विजय हजारे ट्रॉफी में तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। इससे उनकी निरंतरता के साथ बड़ी पारियां खेलने की क्षमता स्पष्ट रूप से पता चलती है। रनों की इस संख्या में निश्चित तौर पर और इजाफा होने वाला है। वे देवधर ट्रॉफी वनडे टूर्नामेंट में कम से कम दो मैच खेलेंगे। फिर वे शेष भारत के खिलाफ ईरानी कप का मैच भी खेलेंगे।

इस दौरान भारतीय टीम श्रीलंका में टी20 ट्राई सीरीज खेल रही होगी। अग्रवाल के पास यह न मानने का कोई कारण नहीं है कि उनके साथ पूरा इंसाफ नहीं हुआ है। वे सोच रहे होंगे कि श्रीलंका जाने वाली टीम में उन्हें जगह जरूर मिलनी चाहिए।

हाल के वर्षों में टैलेंट की भरमार ने चयनकर्ताओं को सुखद मुश्किल में डाल दिया है। टीम में अधिकांश जगहों के लिए कई दावेदार हैं। इससे चयनकर्ताओं का काम मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पिछले कुछ सीजन में चयनकर्ताओं ने कुछ खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन काम किया। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जसप्रीत बुमराह का सभी फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करना और युजवेंद्र चहल व कुलदीप यादव की सफलता ने उनमें जताए गए विश्वास को खरा साबित किया है।

हालांकि, अग्रवाल के मामले में मेरा तर्क तय बातों से कुछ अलग है। उन्होंने जितने रन बनाए हैं, वे इनाम के हकदार थे। जब कोई खिलाड़ी इस तरह का शानदार प्रदर्शन करता है तो उस पर ध्यान देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसका धैर्य टूटने लगता है। उसे लगता कि उसका बेस्ट प्रदर्शन भी चयन के लायक नहीं है। ऐसे में वह फोकस खो सकता है।

27 साल के अग्रवाल कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं। वे पांच सीजन से खेल रहे हैं। इससे सीजन से पहले वे फॉर्म और किस्मत के उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे। श्रीलंका जाने वाली टीम में जब इतने खिलाड़ियों को आराम दिया गया तो अग्रवाल को शामिल किया जा सकता है। 15 की जगह 16 सदस्यीय टीम चुनी जा सकती थी। इससे अग्रवाल को एक इंटरनेशनल टूर्नामेंट के दौरान नेशनल टीम में शामिल होने का अहसास मिलता। बाद में आने वाले कई असाइनमेंट में उनकी जरूरत पड़ सकती है।

 | अयाज मेमन



ayazmamon80@gmail.com

Click to listen..