• Hindi News
  • Rajasthan
  • Pali
  • बहू की दोनों किडनी खराब, ससुर ने कहा बहू ही मेरी बेटी, मैं दूंगा किडनी
--Advertisement--

बहू की दोनों किडनी खराब, ससुर ने कहा-बहू ही मेरी बेटी, मैं दूंगा किडनी

Pali News - यह रिश्तों की पवित्रता, प्रगाढ़ता और उन्हें नए आयाम देने की कहानी है। कोटा की 34 साल की सीमा की दोनों किडनियां खराब...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 05:05 AM IST
बहू की दोनों किडनी खराब, ससुर ने कहा-बहू ही मेरी बेटी, मैं दूंगा किडनी
यह रिश्तों की पवित्रता, प्रगाढ़ता और उन्हें नए आयाम देने की कहानी है। कोटा की 34 साल की सीमा की दोनों किडनियां खराब हो गईं। सीमा के भाई-बहिन और माता-पिता किडनी देने को राजी हो गए। लेकिन 55 साल के ससुर रामचरण ने सबको रोक दिया। बोले-सीमा उनकी बहू नहीं बेटी है। उनकी जो बेटी थी, वह तो दूसरे के घर चली गई। सीमा अब उसकी जगह ले चुकी है। इसे बचाने के लिए मैं किडनी दूंगा। यह तो छोटी सी चीज है। मैं अनफिट रहा तो मेरा बेटा राधेश्याम किडनी देगा। रामचरण जिद पर अड़ गए। आखिर उनकी मेडिकल जांच कराई गई। डॉक्टरी जांच में 55 वर्षीय रामचरण को किडनी देने के योग्य पाया गया। अब सीमा व रामचरण के सभी प्रारंभिक टेस्ट हो चुके हैं। अगले सप्ताह ट्रांसप्लांट हो जाएगा। जयपुर में पिछले तीन सालों में 800 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट हुए हैं। इनमें 60% डोनर महिलाएं ही रही हैं, जिन्होंने पति, बेटे, भाई या बहन को किडनी दी है। इनके अलावा पति-प|ी ने एक-दूसरे को, पिता ने बेटे को, भाई ने बहन को या बहन ने भाई को किडनी दी है। यह पहली बार है, जब कोई ससुर अपनी बहू को किडनी देंगे। एसएमएस अस्पताल में नेफ्रोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय अग्रवाल कहते हैं कि एसएमएस में 400 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। ससुर के बहू को किडनी देने का यह पहला मामला है।



सीमा और रामचरण की लगभग सभी जांच हो चुकी हैं और एचएलए टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा।

एसएमएस अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती सीमा की शादी 18 साल पहले रामचरण के बड़े बेटे राधेश्याम से हुई। सीमा के एक बेटी और एक बेटा है। उसे वर्ष 2016 में पेट में दर्द और अन्य कई शिकायतें रहने लगीं। 15 मार्च 2016 को पहली बार एसएमएस में दिखाया। कई जांचें हुईं तो पता चला कि किडनी में कुछ दिक्कत है। अक्टूबर, 2017 में पता चला कि सीमा की दोनों किडनी खराब हो गई हैं। जल्दी ही डायलिसिस या ट्रांसप्लांट पर जाना होगा। डायलिसिस दर्द भरा होता है और वह स्थायी इलाज भी नहीं। ऐसे में उसे बचाने के लिए परिजनों ने ट्रांसप्लांट पर ही सहमति दे दी।

X
बहू की दोनों किडनी खराब, ससुर ने कहा-बहू ही मेरी बेटी, मैं दूंगा किडनी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..