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पुलिस-प्रशासन के अधिकारी सोजत में उलझे रहे, जैतारण में माहौल बिगाड़ने की सुगबुगाहट की भनक तक नहीं लगी

भास्कर न्यूज | जैतारण/ पाली शनिवार को जिलेभर में हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्राएं एवं अन्य धार्मिक आयोजन थे।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:40 AM IST

पुलिस-प्रशासन के अधिकारी सोजत में उलझे रहे, जैतारण में माहौल बिगाड़ने की सुगबुगाहट की भनक तक नहीं लगी
भास्कर न्यूज | जैतारण/ पाली

शनिवार को जिलेभर में हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्राएं एवं अन्य धार्मिक आयोजन थे। तीन दिन से सोजत में शोभायात्रा के रूट को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मशक्कत कर रहे थे। पूरा फोकस यहीं था। माहौल बिगड़ने के अंदेशा के चलते सुबह से ही यहां भारी जाब्ता तैनात था। दोपहर बाद तक पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भी वहां पहुंच चुके थे। उन्हें इस बात की भनक भी नहीं थी कि जैतारण में कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की तैयारी में हैं। इस बीच जैतारण में मामूली विवाद के बाद पहले पथराव फिर आगजनी की घटना हुई। लोग आमने-सामने हो गए। लेकिन पर्याप्त जाब्ते की कमी के कारण एकबारगी पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा। नतीजा करीब डेढ़ घंटे तक शहर में अराजकता का माहौल रहा। पुलिस सिर्फ तमाशबीन बनकर देखती रही और उपद्रवियों ने पूरे शहर का सद्भाव बिगाड़कर रख दिया। डर के मारे लोग घरों में दुबक गए और उपद्रवी एक के बाद दुकानें, बाइक, बस, कार व ठेलों को आग के हवाले करते रहे। करीब पांच बजे सोजत, जोधपुर व पाली से अतिरिक्त जाब्ता और आला अधिकारी पहुंचे तो हालात नियंत्रण में आए। आईजी हवासिंह घूमरिया ने पहुंचकर हालात संभाले। जिला कलेक्टर ने कर्फ्यू ऑर्डर व इंटरनेट सेवाएं बाधित की तो एसपी ने पुलिस व एसटीएफ के साथ खुद फ्लैगमार्च किया। देर रात जैतारण में हालात नियंत्रण में थे।

पुलिस के अनुसार जैतारण कस्बे में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस के बस स्टैंड से नयापुरा इलाके में पहुंचते ही एक पक्ष ने कहासुनी से आक्रोशित होकर पथराव कर दिया। इससे वहां माहौल गरमा गया तो पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों को वहां से रवाना कराने का प्रयास किया। मगर इस दौरान पथराव करने वाले लोगों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया तो स्थित और बिगड़ गई। सीआई भंवरलाल, हैड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार व पप्पाराम तथा एसआई प्रेमसिंह सहित करीब 28 लोग पथराव में चोटिल हुए। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया जिससे शहर में उपद्रव के हालात हो गए। लोग बस स्टैंड व आसपास के इलाके में पहुंच गए। वहां खड़ी निजी बस के साथ पूर्व संसदीय सचिव दिलीप चौधरी के घर के बाहर खड़ी कार में भी आग लगा दी। बस स्टैंड के आसपास के इलाके में उपद्रवियों ने दुकानों व बाहर खड़ी बाइकों में भी आग लगा दी। पुलिस व आरएसी ने लाठीचार्ज कर भीड़ काे खदेड़ा, लेकिन कुछ देर बाद रह-रह कर उपद्रवी गली-मोहल्ले में घूमने लगे। इसको देखते हुए मौके पर मौजूद कलेक्टर सुधीर शर्मा ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे उपद्रवग्रस्त इलाके में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की।

कर्फ्यू, भारी पुलिस बल की तैनातगी और इंटरनेट बंद करने के बाद शहर में देर रात हालात नियंत्रण में, आरएसी की सात कंपनी व एसटीएफ के साथ पुलिस ने रात में किया फ्लैग मार्च, आईजी के साथ कलेक्टर-एसपी ने पैदल घूमकर शांति बनाने की अपील

पुलिस की चूक इसलिए:संवेदनशील नयापुरा इलाके से जुलूस निकला तो कम था जाब्ता, छतों से पथराव हुआ, क्यों नहीं कुछ पुलिसकर्मी वहां पहले तैनात किए गए? एकदम से हमला हुआ तो पुलिस पीछे हटी और उपद्रवियों के हौसले बढ़े, बड़े अधिकारी नहीं था मौके पर

प्रशासन की कमजोरी :तहसीलदार नरेश सोनी मौके पर थे जरूर, लेकिन कहासुनी के बाद विवाद शुरू हुआ तो वहीं पर पुलिस के साथ उसे कंट्रोल करने का प्रयास नहीं किया। क्यों नहीं जुलूस से पहले प्रमुख लोगों की मीटिंग बुलाकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी?

समाज की लापरवाही :समाज के गणमान्य नागरिक अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटे। हादसे के बाद सब कह रहे हैं कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने चाहते थे। यह शहर की शांति और सद्भाव का मुद्दा था। क्या यह सिर्फ पुलिस व प्रशासन की ही जिम्मेदारी, उनकी नहीं?

सिर्फ मानसिकता का फर्क बता रही ये दो तस्वीरें, पहली जैतारण की जहां कुछ लोगों के फितूर से सद्भाव बिगड़ा, दूसरी पाली की, संत की तबीयत बिगड़ी तो निभाया कर्त्तव्य

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कहासुनी कुछ लोगों में हुई,खमियाजा बेकसूर लोगों ने भुगता, वाहन जलाए, दुकानें फूंकी और अब कर्फ्यू के कारण रोजगार पर असर

भास्कर न्यूज | जैतारण/ पाली

शनिवार को जिलेभर में हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्राएं एवं अन्य धार्मिक आयोजन थे। तीन दिन से सोजत में शोभायात्रा के रूट को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मशक्कत कर रहे थे। पूरा फोकस यहीं था। माहौल बिगड़ने के अंदेशा के चलते सुबह से ही यहां भारी जाब्ता तैनात था। दोपहर बाद तक पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भी वहां पहुंच चुके थे। उन्हें इस बात की भनक भी नहीं थी कि जैतारण में कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की तैयारी में हैं। इस बीच जैतारण में मामूली विवाद के बाद पहले पथराव फिर आगजनी की घटना हुई। लोग आमने-सामने हो गए। लेकिन पर्याप्त जाब्ते की कमी के कारण एकबारगी पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा। नतीजा करीब डेढ़ घंटे तक शहर में अराजकता का माहौल रहा। पुलिस सिर्फ तमाशबीन बनकर देखती रही और उपद्रवियों ने पूरे शहर का सद्भाव बिगाड़कर रख दिया। डर के मारे लोग घरों में दुबक गए और उपद्रवी एक के बाद दुकानें, बाइक, बस, कार व ठेलों को आग के हवाले करते रहे। करीब पांच बजे सोजत, जोधपुर व पाली से अतिरिक्त जाब्ता और आला अधिकारी पहुंचे तो हालात नियंत्रण में आए। आईजी हवासिंह घूमरिया ने पहुंचकर हालात संभाले। जिला कलेक्टर ने कर्फ्यू ऑर्डर व इंटरनेट सेवाएं बाधित की तो एसपी ने पुलिस व एसटीएफ के साथ खुद फ्लैगमार्च किया। देर रात जैतारण में हालात नियंत्रण में थे।

पुलिस के अनुसार जैतारण कस्बे में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस के बस स्टैंड से नयापुरा इलाके में पहुंचते ही एक पक्ष ने कहासुनी से आक्रोशित होकर पथराव कर दिया। इससे वहां माहौल गरमा गया तो पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों को वहां से रवाना कराने का प्रयास किया। मगर इस दौरान पथराव करने वाले लोगों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया तो स्थित और बिगड़ गई। सीआई भंवरलाल, हैड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार व पप्पाराम तथा एसआई प्रेमसिंह सहित करीब 28 लोग पथराव में चोटिल हुए। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया जिससे शहर में उपद्रव के हालात हो गए। लोग बस स्टैंड व आसपास के इलाके में पहुंच गए। वहां खड़ी निजी बस के साथ पूर्व संसदीय सचिव दिलीप चौधरी के घर के बाहर खड़ी कार में भी आग लगा दी। बस स्टैंड के आसपास के इलाके में उपद्रवियों ने दुकानों व बाहर खड़ी बाइकों में भी आग लगा दी। पुलिस व आरएसी ने लाठीचार्ज कर भीड़ काे खदेड़ा, लेकिन कुछ देर बाद रह-रह कर उपद्रवी गली-मोहल्ले में घूमने लगे। इसको देखते हुए मौके पर मौजूद कलेक्टर सुधीर शर्मा ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे उपद्रवग्रस्त इलाके में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की।

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संत आत्माराम की तबीयत बिगड़ी तो भरोसे के साथ पहुंचे डॉ. शेर मोहम्मद के यहां, वहां मौजूद मौलाना ने खड़े रहकर उपचार करवाया।

पथराव में थाना प्रभारी समेत 28 से अधिक लोग हुए घायल, दो गंभीर जोधपुर रेफर

पथराव में जैतारण थाना प्रभारी भंवरलाल पटेल, एसआई प्रेमसिंह, हैडकांस्टेबल पप्पाराम, राजेंद्र माली के साथ रामनिवास पुत्र राजूराम, रामनिवास पुत्र रूपाराम, श्रीराम पुत्र रामलाल, छोटूराम पुत्र रूपाराम, गजेंद्र पुत्र सुनील, प्रतीम गहलोत पुत्र गोपालसिंह, महेश पुत्र नारायणसिंह, सुवन पुत्र सुगनचंद, पूनमाराम पुत्र रेवतराम, संपतराज पुत्र बाबूलाल, हिमांशु पुत्र रामसिंह, दिनेश पुत्र रामचन्द्र, मुकेश पुत्र मदनलाल, रूपाराम पुत्र हरदेव, अनिल पुत्र छोटूराम, प्रभू पुत्र देवीसिंह, बाबूसिंह पुत्र भंवरसिंह, सोनी पुत्र बाबूसिंह, अशोक पुत्र रामलाल, विष्णुदत्त पुत्र सुरेश, दिलीपसिंह पुत्र मातादीन, रमेश पुत्र चैनाराम, आेमप्रकाश पुत्र माधूराम अर्जुननाथ पुत्र महेन्द्र, कुन्दन पुत्र देवेन्द्र, भूपेन्द्रसिंह पुत्र पूनमचंद घायल हुए। इनमें से अनिल पुत्र छोटूराम व कुन्दन पुत्र देवेन्द्र को जोधपुर रेफर किया गया है। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

आईजी के साथ कलेक्टर-एसपी ने किया राउंड, शांति की अपील

रात 9 बजे तक जैतारण कस्बे में कर्फ्यू लगाने की घोषणा के बाद लोग घरों में कैद हो गए। आईजी हवासिंह घूमरिया ने कलेक्टर सुधीर शर्मा, एसपी दीपक भार्गव व एएसपी ज्योतिस्वरूप शर्मा के साथ पैदल ही शहर का राउंड कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

आरएसी की 7 व एसटीएफ की 1 कंपनी तैनात, भारी पुलिस जाब्ता बुलाया

उपद्रव के हालात पर काबू पाने के लिए आरएसी की सात और एसटीएफ की एक कंपनी को जैतारण में तैनात किया गया है। आईजी रिजर्व फोर्स के जवानों के साथ जिलेभर के थाना प्रभारियों को भी अतिरिक्त जाब्ते के साथ जैतारण में तैनात किया गया है। उपद्रव प्रभावित क्षेत्र के गली-मोहल्ले में छावनी की तरह सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं।

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